{"_id":"63f3b4fd620da275830c57e4","slug":"keeping-beard-is-sunnah-of-rasool-ulma-saharanpur-news-c-14-1-126706-2023-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"दाढ़ी रखना रसूल की सुन्नत: उलमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दाढ़ी रखना रसूल की सुन्नत: उलमा
Mon, 20 Feb 2023 11:29 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 20 Feb 2023 11:29 PM IST
विज्ञापन
मौलाना मुफ्ती असद कासमी
देवबंद। दाढ़ी कटाने वाले छात्रों को निष्कासित करने के दारुल उलम के फैसले का उलमा ने भी समर्थन किया है। उलमा का कहना है कि इस्लाम में दाढ़ी रखना सुन्नत है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि मुठ्ठी भर से ज्यादा बढ़ी हुई दाढ़ी को कटवाने में कोई हर्ज नहीं है।
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि हर वह चीज, जिसे हजरत मोहम्मद साहब ने अपनाया है। वह सुन्नत है। हर मुसलमान को सुन्नत और शरई उसूलों पर चलकर अपना जीवन गुजारना चाहिए। दाढ़ी रखना भी सुन्नत है। इसे रखना चाहिए।
मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने बताया कि सुन्नत को तर्क (अलग) करना यह ठीक नहीं है। अलबत्ता अगर कोई दाढ़ी नहीं रखता है तो वह इस्लाम से खारिज नहीं हो जाता है। हजरत मोहम्मद साहब ने जो अमल किया है मुसलमानों को चाहिए कि वह उसे अमल को करें। मुफ्ती असद ने बताया कि इस्लाम में एक मुश्त (मुठ्ठी भर) दाढ़ी रखना सुन्नत है। अगर इससे ज्यादा बढ़ी हुई दाढ़ी को कटवा लिया जाए तो इसमें कोई हर्ज नहीं है। बता दें, दारुल उलूम ने सोमवार को एक नोटिस जारी किया है। इसमें संस्था में पढ़ने वाले छात्रों को दाढ़ी कटवाने पर निष्कासित करने की चेतावनी दी है, साथ ही चार छात्रों को निष्कासित भी कर दिया है। दाढ़ी नहीं रखने वालों को संस्था में प्रवेश भी नहीं दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि हर वह चीज, जिसे हजरत मोहम्मद साहब ने अपनाया है। वह सुन्नत है। हर मुसलमान को सुन्नत और शरई उसूलों पर चलकर अपना जीवन गुजारना चाहिए। दाढ़ी रखना भी सुन्नत है। इसे रखना चाहिए।
विज्ञापन
मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने बताया कि सुन्नत को तर्क (अलग) करना यह ठीक नहीं है। अलबत्ता अगर कोई दाढ़ी नहीं रखता है तो वह इस्लाम से खारिज नहीं हो जाता है। हजरत मोहम्मद साहब ने जो अमल किया है मुसलमानों को चाहिए कि वह उसे अमल को करें। मुफ्ती असद ने बताया कि इस्लाम में एक मुश्त (मुठ्ठी भर) दाढ़ी रखना सुन्नत है। अगर इससे ज्यादा बढ़ी हुई दाढ़ी को कटवा लिया जाए तो इसमें कोई हर्ज नहीं है। बता दें, दारुल उलूम ने सोमवार को एक नोटिस जारी किया है। इसमें संस्था में पढ़ने वाले छात्रों को दाढ़ी कटवाने पर निष्कासित करने की चेतावनी दी है, साथ ही चार छात्रों को निष्कासित भी कर दिया है। दाढ़ी नहीं रखने वालों को संस्था में प्रवेश भी नहीं दिया जाता है।
विज्ञापन