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Saharanpur News: धरने पर बैठे जूनियर चिकित्सक
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सरसावा/सहारनपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों से हुई मारपीट के विरोध में जूनियर चिकित्सक सोमवार को काम छोड़कर धरने पर बैठे। बाजू पर काली पट्टी बांधकर रोष जताया। ओपीडी में चिकित्सकों की संख्या कम होने के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सीनियर चिकित्सकों ने ओपीडी में मरीजों को देखा।
रविवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मरीज के तीमारदारों ने चिकित्सकों से मारपीट कर दी थी। महिला स्टाफ के साथ भी अभद्रता की गई थी। इस घटना से मेडिकल कॉलेज के जूनियर चिकित्सकों में गुस्सा है। सोमवार को रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के नेतृत्व में 50 से अधिक चिकित्सक ओपीडी व इमरजेंसी में नहीं पहुंचे। सभी चिकित्सक मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर बैठ गए।
चिकित्सकों ने कहा कि वह 24 घंटे सेवाएं दे रहे हैं इसके बाद भी उनके साथी चिकित्सकों के साथ मारपीट होना निंदनीय है। चिकित्सकों को बुरी तरह पीटा गया। जूनियर चिकित्सक मुख्य द्वार पर करीब एक बजे तक बैठे रहे। इसके बाद सभी इकट्ठा होकर प्राचार्य कक्ष में पहुंचे। यहां प्राचार्य, थाना प्रभारी के समक्ष अपनी मांगें रखी। उन्होंने कहा कि मारपीट करने वाले तीमारदारों की संख्या तीन से अधिक थी, लेकिन पुलिस ने तीन ही लोगों को गिरफ्तार किया है। अन्य लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी जाए। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इमरजेंसी में मरीज के साथ केवल दो तीमारदार का प्रवेश होना चाहिए। इन सभी मांगों पर प्राचार्य ने आश्वास्त किया। इस मौके पर डॉ. विरेंद्र, डॉ. शालिनी, डॉ. अर्पित, डॉ. नितिन, डॉ. स्वाति, डॉ. शकील आदि रहे।
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ओपीडी में लगी मरीजों की कतार, घंटों में आया नंबर
जूनियर चिकित्सकों के काम नहीं करने से ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार रही। फिजिशियन की ओपीडी में मरीज अधिक रहे। चिकित्सकों की संख्या कम रही। सीनियर चिकित्सकों ने ही ओपीडी में मरीजों का इलाज किया। ऐसे में मरीजों का नंबर लेट आया। इससे उन्हें परेशानी हुई। सोमवार को ओपीडी 1129 रही।
जनप्रतिनिधि न आने से नाराजगी
चिकित्सकों ने कहा कि जनप्रतिनिधि फोन कर मरीजों की सिफारिश करते हैं। निरीक्षण के दौरान कमियां निकलते हैं, लेकिन उनका चिकित्सकों के साथ की गई मारपीट पर सांत्वना न देना अचंभित करता है। इसे लेकर भी वह नाराज दिखे।
वर्जन
चिकित्सकों के साथ मारपीट करने वाले तीमारदारों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। चिकित्सकों की जायज मांगों पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही मेडिकल कॉलेज में सिक्योरिटी गार्ड नियुक्त किए जाएंगे।
डॉ. सुधीर राठी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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रविवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मरीज के तीमारदारों ने चिकित्सकों से मारपीट कर दी थी। महिला स्टाफ के साथ भी अभद्रता की गई थी। इस घटना से मेडिकल कॉलेज के जूनियर चिकित्सकों में गुस्सा है। सोमवार को रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के नेतृत्व में 50 से अधिक चिकित्सक ओपीडी व इमरजेंसी में नहीं पहुंचे। सभी चिकित्सक मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर बैठ गए।
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चिकित्सकों ने कहा कि वह 24 घंटे सेवाएं दे रहे हैं इसके बाद भी उनके साथी चिकित्सकों के साथ मारपीट होना निंदनीय है। चिकित्सकों को बुरी तरह पीटा गया। जूनियर चिकित्सक मुख्य द्वार पर करीब एक बजे तक बैठे रहे। इसके बाद सभी इकट्ठा होकर प्राचार्य कक्ष में पहुंचे। यहां प्राचार्य, थाना प्रभारी के समक्ष अपनी मांगें रखी। उन्होंने कहा कि मारपीट करने वाले तीमारदारों की संख्या तीन से अधिक थी, लेकिन पुलिस ने तीन ही लोगों को गिरफ्तार किया है। अन्य लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी जाए। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इमरजेंसी में मरीज के साथ केवल दो तीमारदार का प्रवेश होना चाहिए। इन सभी मांगों पर प्राचार्य ने आश्वास्त किया। इस मौके पर डॉ. विरेंद्र, डॉ. शालिनी, डॉ. अर्पित, डॉ. नितिन, डॉ. स्वाति, डॉ. शकील आदि रहे।
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ओपीडी में लगी मरीजों की कतार, घंटों में आया नंबर
जूनियर चिकित्सकों के काम नहीं करने से ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार रही। फिजिशियन की ओपीडी में मरीज अधिक रहे। चिकित्सकों की संख्या कम रही। सीनियर चिकित्सकों ने ही ओपीडी में मरीजों का इलाज किया। ऐसे में मरीजों का नंबर लेट आया। इससे उन्हें परेशानी हुई। सोमवार को ओपीडी 1129 रही।
जनप्रतिनिधि न आने से नाराजगी
चिकित्सकों ने कहा कि जनप्रतिनिधि फोन कर मरीजों की सिफारिश करते हैं। निरीक्षण के दौरान कमियां निकलते हैं, लेकिन उनका चिकित्सकों के साथ की गई मारपीट पर सांत्वना न देना अचंभित करता है। इसे लेकर भी वह नाराज दिखे।
वर्जन
चिकित्सकों के साथ मारपीट करने वाले तीमारदारों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। चिकित्सकों की जायज मांगों पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही मेडिकल कॉलेज में सिक्योरिटी गार्ड नियुक्त किए जाएंगे।
डॉ. सुधीर राठी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज