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Saharanpur News: काम छोड़कर हड़ताल पर रहे जूनियर डॉक्टर, चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं
Wed, 14 Aug 2024 11:59 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 14 Aug 2024 11:59 PM IST
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सरसावा। कोलकाता की घटना को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज में दूसरे दिन स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है। बुधवार को दूसरे दिन भी जूनियर डॉक्टर काम छोड़कर हड़ताल पर रहे। जिनकी वजह से मेडिकल कॉलेज में न तो कोई ऑपरेशन हुआ और न ही भर्ती मरीज देखे गए। एमबीबीएस की कक्षाएं भी प्रभावित रही। हड़ताल का असर ओपीडी पर देखने को मिला। हड़ताल के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर हड़ताल कर रहे है। बुधवार सुबह नौ बजे जूनियर डॉक्टर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी छोड़कर धरने पर बैठ गए। पता लगते ही प्राचार्य ओपीडी में पहुंचे और हड़ताली जूनियर डॉक्टरों से वार्ता की। जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष रविकांत यादव, मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. आदर्श सारस्वत, डॉ. नित्या. डॉ. चंचल. डॉ. श्रद्धा ने कहा कि कोलकाता मेडिकल कॉलेज में पीजी डॉक्टर के साथ अमानवीय घटना हुई। पीड़िता के परिवार को सुरक्षा मिलनी चाहिए। साथ ही डॉक्टरों के लिए सुरक्षा की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच वार्ता होने के बावजूद समाधान नहीं निकला। इसके बाद प्राचार्य ओपीडी में मरीज देखने चले गए।
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-- हड़ताल से ओपीडी रह गई 1200, नए मरीज नहीं किए भर्ती
सामान्य दिनों पर जहां ओपीडी 1800 से 2000 तक होती थी, वह हड़ताल के कारण 1200 तक सिमट गई है। ओपीडी में डॉक्टर के होने से वार्डों में भर्ती मरीजों को नहीं देखा गया। ऐसे में मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते नजर आए। दो बजे ओपीडी खत्म हुई तो डॉक्टर वार्डों में गए। ओपीडी से नए मरीजों को भर्ती नहीं किया गया। केवल इमरजेंसी में आए मरीज ही भर्ती किए गए।
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-- शल्य चिकित्सा बंद, शैक्षणिक सत्र बुरी तरह प्रभावित
जूनियर रेजिडेंट की हड़ताल के कारण बुधवार को शल्य चिकित्सा विभाग पूरी तरह बंद रहा। एक भी मरीज की सर्जरी नहीं हुई। सभी सीनियर डॉक्टरों को ओपीडी में बैठकर मरीज देखने के निर्देश मिलने के बाद एमबीबीएस की कक्षाएं नहीं चल पाई।
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-- वर्जन
कोलकाता मेडिकल कॉलेज में हुई घटना को लेकर जूनियर डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसलिए जूनियर डॉक्टरों से वार्ता की गई। बुधवार से काम पर लौटने के लिए हामी भरी थी, लेकिन फिर से उन्होंने हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है। ऐसे में जिम्मेदारी अधिक बढ़ गई है। प्रयास रहा कि मरीजों को कोई परेशानी न हो।
- डॉ. सुधीर राठी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर हड़ताल कर रहे है। बुधवार सुबह नौ बजे जूनियर डॉक्टर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी छोड़कर धरने पर बैठ गए। पता लगते ही प्राचार्य ओपीडी में पहुंचे और हड़ताली जूनियर डॉक्टरों से वार्ता की। जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष रविकांत यादव, मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. आदर्श सारस्वत, डॉ. नित्या. डॉ. चंचल. डॉ. श्रद्धा ने कहा कि कोलकाता मेडिकल कॉलेज में पीजी डॉक्टर के साथ अमानवीय घटना हुई। पीड़िता के परिवार को सुरक्षा मिलनी चाहिए। साथ ही डॉक्टरों के लिए सुरक्षा की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच वार्ता होने के बावजूद समाधान नहीं निकला। इसके बाद प्राचार्य ओपीडी में मरीज देखने चले गए।
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सामान्य दिनों पर जहां ओपीडी 1800 से 2000 तक होती थी, वह हड़ताल के कारण 1200 तक सिमट गई है। ओपीडी में डॉक्टर के होने से वार्डों में भर्ती मरीजों को नहीं देखा गया। ऐसे में मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते नजर आए। दो बजे ओपीडी खत्म हुई तो डॉक्टर वार्डों में गए। ओपीडी से नए मरीजों को भर्ती नहीं किया गया। केवल इमरजेंसी में आए मरीज ही भर्ती किए गए।
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जूनियर रेजिडेंट की हड़ताल के कारण बुधवार को शल्य चिकित्सा विभाग पूरी तरह बंद रहा। एक भी मरीज की सर्जरी नहीं हुई। सभी सीनियर डॉक्टरों को ओपीडी में बैठकर मरीज देखने के निर्देश मिलने के बाद एमबीबीएस की कक्षाएं नहीं चल पाई।
कोलकाता मेडिकल कॉलेज में हुई घटना को लेकर जूनियर डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसलिए जूनियर डॉक्टरों से वार्ता की गई। बुधवार से काम पर लौटने के लिए हामी भरी थी, लेकिन फिर से उन्होंने हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है। ऐसे में जिम्मेदारी अधिक बढ़ गई है। प्रयास रहा कि मरीजों को कोई परेशानी न हो।
- डॉ. सुधीर राठी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज