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Saharanpur News: उत्तराखंड में लागू हुई यूसीसी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी जमीयत

Tue, 28 Jan 2025 12:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Tue, 28 Jan 2025 12:44 AM IST
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Jamiat will challenge the UCC implemented in Uttarakhand in the Supreme Court
देवबंद। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने पर जमीयत उलमा-ए-हिंद ने फैसले को नैनीताल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि ऐसा करके न केवल नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला किया गया है, बल्कि यह कानून पूरी तरह से भेदभाव और पूर्वाग्रह पर आधारित है।
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मौलाना अरशद मदनी ने सोमवार को दी प्रतिक्रिया में कहा कि हमें कोई ऐसा कानून स्वीकार्य नहीं जो शरीयत के खिलाफ हों। मुसलमान हर चीज़ से समझौता कर सकता है, लेकिन अपनी शरीयत से कोई समझौता नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता कानून में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 366, खंड 25 के अंतर्गत अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई है तथा तर्क दिया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत उन के अधिकारों को सुरक्षा प्रदान की गई है ।
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मदनी ने सवाल उठाया कि यदि संविधान की एक धारा के तहत अनुसूचित जनजातियों को इस कानून से अलग रखा जा सकता है तो हमें संविधान की धारा 25 और 26 के तहत धार्मिक आज़ादी क्यों नहीं दी जा सकती है। जिसमें नागरिकों के मौलिक अधिकारों को मान्यता देकर धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी दी गई है। समान नागरिक संहिता मौलिक अधिकारों को नकारती है।
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