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सात माह से खराब पड़े हैं जेल के सीसीटीवी कैमरे
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देवबंद/सहारनपुर। यूं तो देवबंद जेल में करीब 20 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन सिस्टम जल जाने के कारण वह पिछले करीब सात माह से खराब हालत में पड़े हैं। यदि सीसीटीवी सही हालत में होते तो जेलर पर हमला करने वाले बदमाशों को गिरफ्तार करने में पुलिस को मदद मिलती।
यह जेल प्रशासन की लापरवाही को भी दर्शाता है। जेलर रीवन सिंह ने बताया कि सीसीटीवी के बंद पड़ा होने के संबंध में उच्चाधिकारियों को लिखित में अवगत करा रखा है, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी कैमरों को ठीक नहीं कराया गया है। वहीं, इन कैमरों की मदद से जेलर पर हमला करने वाले बदमाशों को पकड़ने में पुलिस को मदद मिलती।
मुजफ्फरनगर की तरफ भागे बदमाश, छह-सात बार की फायरिंग
देवबंद/सहारनपुर। जेलर रीवन सिंह ने बताया कि बदमाशों ने करीब छह-सात राउंड फायरिंग की और बाद में वह मुजफ्फरनगर की तरफ भाग गए। उन्होंने बताया कि वह कई जनपदों की जेलों में जेलर के पद पर तैनात रहे हैं। जहां-जहां भी तैनात रहे हैं, वहां पर काफी सख्ती बरती गई। देवबंद जेल में वह विगत अक्तूबर महीने में स्थानांतरित होकर आए थे। हो सकता है इसी मकसद से किसी बड़े बदमाश ने उन्हें जान से मारने का षड्यंत्र रचा हो। जेलर ने उच्चाधिकारियों से खुलासे की मांग की।
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जेल परिसर की दीवारें हैं छोटी
देवबंद/सहारनपुर। जेल परिवार की दीवारें काफी छोटी हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था पर खतरा है। देखने में आया कि दीवारें करीब चार से पांच फीट की हैं, जिन पर आसानी से कूदकर भागा जा सकता है।
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यह जेल प्रशासन की लापरवाही को भी दर्शाता है। जेलर रीवन सिंह ने बताया कि सीसीटीवी के बंद पड़ा होने के संबंध में उच्चाधिकारियों को लिखित में अवगत करा रखा है, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी कैमरों को ठीक नहीं कराया गया है। वहीं, इन कैमरों की मदद से जेलर पर हमला करने वाले बदमाशों को पकड़ने में पुलिस को मदद मिलती।
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मुजफ्फरनगर की तरफ भागे बदमाश, छह-सात बार की फायरिंग
देवबंद/सहारनपुर। जेलर रीवन सिंह ने बताया कि बदमाशों ने करीब छह-सात राउंड फायरिंग की और बाद में वह मुजफ्फरनगर की तरफ भाग गए। उन्होंने बताया कि वह कई जनपदों की जेलों में जेलर के पद पर तैनात रहे हैं। जहां-जहां भी तैनात रहे हैं, वहां पर काफी सख्ती बरती गई। देवबंद जेल में वह विगत अक्तूबर महीने में स्थानांतरित होकर आए थे। हो सकता है इसी मकसद से किसी बड़े बदमाश ने उन्हें जान से मारने का षड्यंत्र रचा हो। जेलर ने उच्चाधिकारियों से खुलासे की मांग की।
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जेल परिसर की दीवारें हैं छोटी
देवबंद/सहारनपुर। जेल परिवार की दीवारें काफी छोटी हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था पर खतरा है। देखने में आया कि दीवारें करीब चार से पांच फीट की हैं, जिन पर आसानी से कूदकर भागा जा सकता है।