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क्यूआर कोड से ऑनलाइन पढ़ाई करना होगा आसान
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सहारनपुर। परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई करना आसान होगा। कक्षा एक से आठ तक के लिए जारी हो रही एनसीईआरटी की किताबों के प्रत्येक अध्याय पर अलग क्यूआर कोड अंकित किया गया है, जिसे मोबाइल एप के जरिए स्केन कर ऑनलाइन पढ़ा जा सकता है, जिसके लिए शिक्षक की भी जरूरत नहीं होगी।
कोरोना के चलते विद्यालय अभी तक खुले नहीं हैं। आठवीं तक के विद्यालयों के खुलने की उम्मीद भी अभी कम ही नजर आ रही है। मगर परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के लिए एनसीईआरटी की किताबें दस जुलाई तक आने की उम्मीद है। जिसके बाद उन्हें विद्यार्थियों को वितरित किया जाएगा। खास बात यह है कि यदि अभी विद्यालय खुलते भी नहीं हैं तो किताबें मिलने के बाद विद्यार्थी स्मार्ट फोन के जरिए अपनी किताबों को ऑनलाइन पढ़ सकेंगे। दरअसल, एनसीईआरटी की किताबों के प्रत्येक अध्याय पर अलग क्यूआर कोड दिया गया है, जिसको स्केन कर विद्यार्थी वीडियो, ऑडियो और सचित्र अध्याय को सुनकर या देखकर समझ सकेंगे।
ऐसे कर सकेंगेे ऑनलाइन पढ़ाई
एनसीईआरटी की किताबों को ऑनलाइन पढ़ने के लिए आपको अपने स्मार्ट फोन पर दीक्षा एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद इस क्यूआर कोड को स्केन कर उस पाठ का वीडियो लेक्चर यू-ट्यूब पर डालेंगे। कंटेंट होगा तो उससे संबंधित वेबसाइट का लिंक आ जाएगा। पाठ्य पुस्तक के अध्यायों के साथ अतिरिक्त सामग्री लैपटॉप या डिजिटल बोर्ड पर भी पढ़ सकते हैं।
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बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई से जोड़ें : मंडलायुक्त
सहारनपुर। मंडलायुक्त एवी राजमौलि ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से विद्यालय बंद हैं, जिसकी वजह से बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं हो सकी है। ऐसी स्थिति में बच्चों को ऑनलाइन तरीके से पढ़ाया जाए। वह शनिवार को मिशन प्रेरणा को लेकर आयोजित मंडलीय टास्कफोर्स की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप, दूरदर्शन, लर्निंग एप आदि के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाए। विद्यालयों में शुद्ध पेयजल, फर्नीचर, शौचालय और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। एडी बेसिक योगराज सिंह ने ऑनलाइन पठन-पाठन के लिए संचालित ई-पाठशाला पर अपनी बात रखी। शिक्षकों से पुन: शिक्षण कार्य में जुटने का आह्वान किया। बैठक में तीनों जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
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कोरोना के चलते विद्यालय अभी तक खुले नहीं हैं। आठवीं तक के विद्यालयों के खुलने की उम्मीद भी अभी कम ही नजर आ रही है। मगर परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के लिए एनसीईआरटी की किताबें दस जुलाई तक आने की उम्मीद है। जिसके बाद उन्हें विद्यार्थियों को वितरित किया जाएगा। खास बात यह है कि यदि अभी विद्यालय खुलते भी नहीं हैं तो किताबें मिलने के बाद विद्यार्थी स्मार्ट फोन के जरिए अपनी किताबों को ऑनलाइन पढ़ सकेंगे। दरअसल, एनसीईआरटी की किताबों के प्रत्येक अध्याय पर अलग क्यूआर कोड दिया गया है, जिसको स्केन कर विद्यार्थी वीडियो, ऑडियो और सचित्र अध्याय को सुनकर या देखकर समझ सकेंगे।
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ऐसे कर सकेंगेे ऑनलाइन पढ़ाई
एनसीईआरटी की किताबों को ऑनलाइन पढ़ने के लिए आपको अपने स्मार्ट फोन पर दीक्षा एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद इस क्यूआर कोड को स्केन कर उस पाठ का वीडियो लेक्चर यू-ट्यूब पर डालेंगे। कंटेंट होगा तो उससे संबंधित वेबसाइट का लिंक आ जाएगा। पाठ्य पुस्तक के अध्यायों के साथ अतिरिक्त सामग्री लैपटॉप या डिजिटल बोर्ड पर भी पढ़ सकते हैं।
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बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई से जोड़ें : मंडलायुक्त
सहारनपुर। मंडलायुक्त एवी राजमौलि ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से विद्यालय बंद हैं, जिसकी वजह से बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं हो सकी है। ऐसी स्थिति में बच्चों को ऑनलाइन तरीके से पढ़ाया जाए। वह शनिवार को मिशन प्रेरणा को लेकर आयोजित मंडलीय टास्कफोर्स की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप, दूरदर्शन, लर्निंग एप आदि के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाए। विद्यालयों में शुद्ध पेयजल, फर्नीचर, शौचालय और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। एडी बेसिक योगराज सिंह ने ऑनलाइन पठन-पाठन के लिए संचालित ई-पाठशाला पर अपनी बात रखी। शिक्षकों से पुन: शिक्षण कार्य में जुटने का आह्वान किया। बैठक में तीनों जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।