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Saharanpur News: स्टांप खरीद में 6.59 करोड़ का फर्जीवाड़ा, जांच में हुआ खुलासा
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दीपक शर्मा
सहारनपुर। रजिस्ट्री और बैनामों में कम स्टांप लगाने का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच के दौरान पता चला कि अप्रैल से लेकर सितंबर माह तक 6.59 करोड़ के कम स्टांप लगाकर राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया। अब विभाग की तरफ से इन पर जुर्माने की कार्रवाई शुरू की गई है।
जिले के सातों स्टांप और निबंधन विभाग में रोजाना सैकड़ों की संख्या में बैनामें होते हैं। इन बैनामों में क्रय और विक्रय करने वाले स्टांप ड्यूटी अदा करते हैं। कई बार कम रुपयों का स्टांप लगा दिया जाता है, जिससे राजस्व का नुकसान होता है। इन सब पर लगाम लगाने के लिए स्टांप एवं निबंधन विभाग इनकी जांच करता है। हर रजिस्ट्रार को जांच करनी होती है। एक अप्रैल से सितंबर तक सातों निबंधक कार्यालयों और सहायक महानिरीक्षक निबंधन ने कुल 1241 लेखपत्रों की जांच की। इसमें 290 लेखपत्रों में स्टांप की कमी पाई गई। जहां पर ज्यादा का स्टांप लगना था, वहां कम राशि का स्टांप इस्तेमाल किया गया। इनके तहत कुल 6.59 करोड़ रुपये का स्टांप अपवंचन किया गया। यानी कि 6.59 करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया।
इसके साथ ही सितंबर माह में विभाग ने कुल 277 स्थलीय जांच की। इनमें से 176 में की गई जांच में स्टांप आदि सही पाए गए।
51 में कमी पाई। इन 51 लेखपत्रों में 85 लाख रुपये की स्टांप कमी पाई गई। संवाद
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सहारनपुर। रजिस्ट्री और बैनामों में कम स्टांप लगाने का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच के दौरान पता चला कि अप्रैल से लेकर सितंबर माह तक 6.59 करोड़ के कम स्टांप लगाकर राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया। अब विभाग की तरफ से इन पर जुर्माने की कार्रवाई शुरू की गई है।
जिले के सातों स्टांप और निबंधन विभाग में रोजाना सैकड़ों की संख्या में बैनामें होते हैं। इन बैनामों में क्रय और विक्रय करने वाले स्टांप ड्यूटी अदा करते हैं। कई बार कम रुपयों का स्टांप लगा दिया जाता है, जिससे राजस्व का नुकसान होता है। इन सब पर लगाम लगाने के लिए स्टांप एवं निबंधन विभाग इनकी जांच करता है। हर रजिस्ट्रार को जांच करनी होती है। एक अप्रैल से सितंबर तक सातों निबंधक कार्यालयों और सहायक महानिरीक्षक निबंधन ने कुल 1241 लेखपत्रों की जांच की। इसमें 290 लेखपत्रों में स्टांप की कमी पाई गई। जहां पर ज्यादा का स्टांप लगना था, वहां कम राशि का स्टांप इस्तेमाल किया गया। इनके तहत कुल 6.59 करोड़ रुपये का स्टांप अपवंचन किया गया। यानी कि 6.59 करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया।
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इसके साथ ही सितंबर माह में विभाग ने कुल 277 स्थलीय जांच की। इनमें से 176 में की गई जांच में स्टांप आदि सही पाए गए।
51 में कमी पाई। इन 51 लेखपत्रों में 85 लाख रुपये की स्टांप कमी पाई गई। संवाद