{"_id":"6748b3c96e270df0910a7884","slug":"investigation-of-ayushman-yojana-begins-hospitals-asked-for-accountability-saharanpur-news-c-30-1-sah1001-137006-2024-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: आयुष्मान योजना की जांच शुरू, अस्पतालों से मांगा हिसाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: आयुष्मान योजना की जांच शुरू, अस्पतालों से मांगा हिसाब
Thu, 28 Nov 2024 11:47 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 28 Nov 2024 11:47 PM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य की जांच शुरू हो गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में सरकारी अस्पतालों में कितनी धनराशि आई और कितनी खर्च हुई उसका ब्योरा मांगा गया है। इस संबंध में योजना से जुड़े सरकारी अस्पतालों को पत्र लिखा है।
वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए 8,67,367 लाभार्थियों का चयन किया गया। 11.49 लाख से अधिक लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं जो लक्ष्य का 132.5 प्रतिशत है। जब लक्ष्य निर्धारित किया था तब अंत्योदय राशन कार्ड, श्रमिक कार्ड, छह या छह से अधिक सदस्य, 60 साल से अधिक आयु वाले परिवार के वरिष्ठ नागरिक एवं 70 साल व उससे अधिक उम्र वाले शामिल नहीं थे।
योजना के तहत 100 अस्पताल जुड़े हैं। इनमें मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पांच पीएचसी सहित 71 निजी अस्पताल शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 29 सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के क्लेम से मिली धनराशि की पड़ताल शुरू हो गई है। अभी तक कुछ ही अस्पतालों ने निर्धारित प्रारूप पर खर्च का विवरण भेजा है, लेकिन बड़ी संख्या अस्पताल रह गए, जिन्होंने खर्च का विवरण नहीं दिया है।
विज्ञापन
- इस मद में खर्च होती है धनराशि
इलाज कराने के बाद दावा करने पर धनराशि बैंक खाते में भेजी जाती है। दावा की गई धनराशि का 75 प्रतिशत अस्पताल में दवा, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी जांच, रोगी सुविधाओं को बेहतर बनाने, योजना के प्रचार-प्रसार, रखरखाव पर खर्च करना होता है। 25 फीसदी धनराशि अस्पताल में इलाज से संबंधित चिकित्सक, सपोर्टिंग स्टाॅफ एवं आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन के रूप में दिया जाता है।
- वर्जन
सरकारी अस्पतालों से आयुष्मान योजना के तहत क्लेम की धनराशि के व्यय का विवरण मांगा गया है। कुछ अस्पतालों की रिपोर्ट आ गई है। कई अस्पताल अभी रह गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आनी बाकी है। इन अस्पतालों को जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. प्रवीण कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए 8,67,367 लाभार्थियों का चयन किया गया। 11.49 लाख से अधिक लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं जो लक्ष्य का 132.5 प्रतिशत है। जब लक्ष्य निर्धारित किया था तब अंत्योदय राशन कार्ड, श्रमिक कार्ड, छह या छह से अधिक सदस्य, 60 साल से अधिक आयु वाले परिवार के वरिष्ठ नागरिक एवं 70 साल व उससे अधिक उम्र वाले शामिल नहीं थे।
विज्ञापन
योजना के तहत 100 अस्पताल जुड़े हैं। इनमें मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पांच पीएचसी सहित 71 निजी अस्पताल शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 29 सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के क्लेम से मिली धनराशि की पड़ताल शुरू हो गई है। अभी तक कुछ ही अस्पतालों ने निर्धारित प्रारूप पर खर्च का विवरण भेजा है, लेकिन बड़ी संख्या अस्पताल रह गए, जिन्होंने खर्च का विवरण नहीं दिया है।
विज्ञापन
- इस मद में खर्च होती है धनराशि
इलाज कराने के बाद दावा करने पर धनराशि बैंक खाते में भेजी जाती है। दावा की गई धनराशि का 75 प्रतिशत अस्पताल में दवा, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी जांच, रोगी सुविधाओं को बेहतर बनाने, योजना के प्रचार-प्रसार, रखरखाव पर खर्च करना होता है। 25 फीसदी धनराशि अस्पताल में इलाज से संबंधित चिकित्सक, सपोर्टिंग स्टाॅफ एवं आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन के रूप में दिया जाता है।
- वर्जन
सरकारी अस्पतालों से आयुष्मान योजना के तहत क्लेम की धनराशि के व्यय का विवरण मांगा गया है। कुछ अस्पतालों की रिपोर्ट आ गई है। कई अस्पताल अभी रह गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आनी बाकी है। इन अस्पतालों को जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. प्रवीण कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी