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स्मार्ट सिटी : करोड़ों रुपये के विकास कार्यों पर ग्रहण
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स्मार्ट सिटी : करोड़ों रुपये के विकास कार्यों पर ग्रहण
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत होने वाले करोड़ों रुपये के कार्य संकट में हैं। इन्वेस्टर्स को आमंत्रित करने के लिए नगर निगम ने 19 नवंबर 2019 को इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया था। दो माह बाद भी किसी इन्वेस्टर ने सहारनपुर में काम करने की इच्छा नहीं जताई है।
योजना के तहत शहर में विकास कार्यों पर कुल 1495 करोड़ 38 लाख रुपये खर्च होने हैं। जिनमें से करीब 460 करोड़ रुपये के कार्य पीपीपी के तहत होने हैं, जो निजी कंपनियों की ओर से खर्च किए जाने हैं। शेष पैसा सरकार से मिलना है। पीपीपी से कामर्शियल कांप्लेक्स और तीन पार्किंग बनाने के लिए नगर निगम ने 19 जनवरी 2019 को इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया था, जिसमें 16 निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया था। खास बात यह थी कि ज्यादातर कंपनियां स्थानीय ही थीं। स्मार्ट सिटी की टीम ने प्रोजेक्टर के माध्यम से कंपनियों के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे, साथ ही कंपनियों से सुझाव मांगे थे। उम्मीद थी कि कंपनियां सहारनपुर में काम करने के लिए रुचि दिखाएंगी, लेकिन इन्वेस्टर मीट को हुए दो माह से अधिक का समय बीत चुका है, मगर अभी तक एक भी कंपनी ने स्मार्ट सिटी में काम करने की इच्छा नहीं जताई है। ऐसे में अभी तक 460 करोड़ रुपये के कार्य खटाई में हैं।
19 जनवरी 2018 को हुआ था चयन
स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन 19 जनवरी 2018 में हुआ था। बीते दो वर्षों में कई कमेटियों और डीपीआर बनाने पर ही काम हुआ है। कुछ डीपीआर शासन को भेजी हुई हैं, जिन पर अभी शासन की मुहर लगनी बाकी है। इसके अलावा इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की बिल्डिंग नगर निगम में बनी है, जिससे शहर भर की यातायात, सीसीटीवी, पथ प्रकाश आदि कार्य संचालित होंगे।
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योजना के तहत प्रमुख प्रस्तावित कार्य और खर्च
प्रस्तावित कार्य------------------------प्रस्तावित खर्च (करोड़ में)
मजबूत अवसंरचना-------------------302
विभिन्न व्यवस्थाएं-------------------291
सीवर और पेयजल-------------------172.30
परिवहन और फुटपाथ---------------145.10
पार्क और मैदान----------------------111.05
कचरा प्रबंधन-------------------------69.55
पानी की आपूर्ति----------------------69.50
बिजली आपूर्ति-----------------------60.03
उत्तरदाई शासन-----------------------55.60
सुरक्षा---------------------------------05.50
शिक्षा और स्वास्थ्य------------------1.50
---------
यह सच है कि अभी तक किसी इन्वेस्टर ने काम करने की इच्छा नहीं जताई है। ऐसे में हम जल्द ही एक विज्ञापन जारी करने वाले हैं, जिसमें कार्यों को विस्तार से प्रकाशित कराते हुए इन्वेस्टर्स को आमंत्रित किया जाएगा।
आलोक श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।
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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत होने वाले करोड़ों रुपये के कार्य संकट में हैं। इन्वेस्टर्स को आमंत्रित करने के लिए नगर निगम ने 19 नवंबर 2019 को इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया था। दो माह बाद भी किसी इन्वेस्टर ने सहारनपुर में काम करने की इच्छा नहीं जताई है।
योजना के तहत शहर में विकास कार्यों पर कुल 1495 करोड़ 38 लाख रुपये खर्च होने हैं। जिनमें से करीब 460 करोड़ रुपये के कार्य पीपीपी के तहत होने हैं, जो निजी कंपनियों की ओर से खर्च किए जाने हैं। शेष पैसा सरकार से मिलना है। पीपीपी से कामर्शियल कांप्लेक्स और तीन पार्किंग बनाने के लिए नगर निगम ने 19 जनवरी 2019 को इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया था, जिसमें 16 निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया था। खास बात यह थी कि ज्यादातर कंपनियां स्थानीय ही थीं। स्मार्ट सिटी की टीम ने प्रोजेक्टर के माध्यम से कंपनियों के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे, साथ ही कंपनियों से सुझाव मांगे थे। उम्मीद थी कि कंपनियां सहारनपुर में काम करने के लिए रुचि दिखाएंगी, लेकिन इन्वेस्टर मीट को हुए दो माह से अधिक का समय बीत चुका है, मगर अभी तक एक भी कंपनी ने स्मार्ट सिटी में काम करने की इच्छा नहीं जताई है। ऐसे में अभी तक 460 करोड़ रुपये के कार्य खटाई में हैं।
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19 जनवरी 2018 को हुआ था चयन
स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन 19 जनवरी 2018 में हुआ था। बीते दो वर्षों में कई कमेटियों और डीपीआर बनाने पर ही काम हुआ है। कुछ डीपीआर शासन को भेजी हुई हैं, जिन पर अभी शासन की मुहर लगनी बाकी है। इसके अलावा इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की बिल्डिंग नगर निगम में बनी है, जिससे शहर भर की यातायात, सीसीटीवी, पथ प्रकाश आदि कार्य संचालित होंगे।
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योजना के तहत प्रमुख प्रस्तावित कार्य और खर्च
प्रस्तावित कार्य------------------------प्रस्तावित खर्च (करोड़ में)
मजबूत अवसंरचना-------------------302
विभिन्न व्यवस्थाएं-------------------291
सीवर और पेयजल-------------------172.30
परिवहन और फुटपाथ---------------145.10
पार्क और मैदान----------------------111.05
कचरा प्रबंधन-------------------------69.55
पानी की आपूर्ति----------------------69.50
बिजली आपूर्ति-----------------------60.03
उत्तरदाई शासन-----------------------55.60
सुरक्षा---------------------------------05.50
शिक्षा और स्वास्थ्य------------------1.50
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यह सच है कि अभी तक किसी इन्वेस्टर ने काम करने की इच्छा नहीं जताई है। ऐसे में हम जल्द ही एक विज्ञापन जारी करने वाले हैं, जिसमें कार्यों को विस्तार से प्रकाशित कराते हुए इन्वेस्टर्स को आमंत्रित किया जाएगा।
आलोक श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।