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Saharanpur News: रोहिंग्याओं के खुलासे के बाद खुफिया एजेंसियां अलर्ट
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देवबंद, सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश रोहिंग्याओं की शरणस्थली रही है। बांग्लादेश के रास्ते रोहिंग्याओं को घुसपैठ कराने वाले मोहम्मद अब्दुल्ला उर्फ अब्दुस्सलाम मंडल के देवबंद में आने की खबरों के बीच यह कस्बा फिर से चर्चाओं में आ गया है। पिछले कई वर्षों में एनआईए और एटीएस की टीम यहां कई रोहिंग्याओं को पकड़ चुकी है।
दरअसल, वाराणसी में एटीएस द्वारा पकड़े गए मोहम्मद अब्दुल्ला ने खुलासा किया है कि वह बांग्लादेश से पश्चिमी बंगाल और वाराणसी से होते हुए सहारनपुर गया था। कस्बा देवबंद में भी उसने रोहिंग्माओं को भेजा था।
इस खुलासे के बाद खुफिया विभाग चौकन्ना हो गया और उन्होंने यहां रोहिंग्याओं को तलाशना शुरू कर दिया है। पूर्व की बात करें तो देवबंद में बांग्लादेशी घुसपैठियों का लगातार आना जाना रहता है।
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22 जून वर्ष 2022 को एनआईए ने हाईवे स्थित एक धार्मिक इदारे से रोहिंग्या छात्र मुजीबुल्ला पुत्र हुसैन को पकड़ा था। हालांकि उसके पास वैध रिफ्यूजी कार्ड मौजूद था। 19 मई 2018 को पुलिस ने दारुल उलूम वक्फ क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे म्यांमार निवासी जुनैद को गिरफ्तार किया था। जिसके पास से फर्जी आधार कार्ड और फर्जी पासपोर्ट बरामद हुआ था।
14 मार्च 2022 को एटीएस की टीम ने एक हॉस्टल से इनामुलहक नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा कई वर्ष पूर्व स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) के अधिकारी अवैध रूप से भारत में रह रहे कई बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुके हैं। 19 मई को दारुल उलूम वक्फ क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए म्यामार निवासी छात्र जुनैद को पिछले वर्ष 20 मार्च को एसीजेएम ने सात वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई थी।
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दरअसल, वाराणसी में एटीएस द्वारा पकड़े गए मोहम्मद अब्दुल्ला ने खुलासा किया है कि वह बांग्लादेश से पश्चिमी बंगाल और वाराणसी से होते हुए सहारनपुर गया था। कस्बा देवबंद में भी उसने रोहिंग्माओं को भेजा था।
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इस खुलासे के बाद खुफिया विभाग चौकन्ना हो गया और उन्होंने यहां रोहिंग्याओं को तलाशना शुरू कर दिया है। पूर्व की बात करें तो देवबंद में बांग्लादेशी घुसपैठियों का लगातार आना जाना रहता है।
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22 जून वर्ष 2022 को एनआईए ने हाईवे स्थित एक धार्मिक इदारे से रोहिंग्या छात्र मुजीबुल्ला पुत्र हुसैन को पकड़ा था। हालांकि उसके पास वैध रिफ्यूजी कार्ड मौजूद था। 19 मई 2018 को पुलिस ने दारुल उलूम वक्फ क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे म्यांमार निवासी जुनैद को गिरफ्तार किया था। जिसके पास से फर्जी आधार कार्ड और फर्जी पासपोर्ट बरामद हुआ था।
14 मार्च 2022 को एटीएस की टीम ने एक हॉस्टल से इनामुलहक नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा कई वर्ष पूर्व स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) के अधिकारी अवैध रूप से भारत में रह रहे कई बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुके हैं। 19 मई को दारुल उलूम वक्फ क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए म्यामार निवासी छात्र जुनैद को पिछले वर्ष 20 मार्च को एसीजेएम ने सात वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई थी।