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विकास की बात
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सहारनपुर। मंडलायुक्त लोकेश एम. ने बुधवार को आकस्मिक निरीक्षण कर स्मार्ट सिटी योजना के तहत चल रहे कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताई। साथ ही जल निगम और आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) के ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
स्मार्ट सिटी योजना अंतर्गत चल रहे कार्यों की गति और गुणवत्ता पर मंडलायुक्त लगातार अधिकारियों को निर्देशित करते रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने एक बार फिर आकस्मिक निरीक्षण कर कार्यों की स्थिति को देखा। उन्होंने निर्माणाधीन स्मार्ट रोड, सीवरेज लाइन तथा आईसीसीसी का औचक निरीक्षण किया। कार्यों की गति धीमी मिलने पर नाराजगी जताते हुए जल निगम व आईसीसीसी के ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने घंटाघर से कोर्ट रोड, मेला गुघाल रोड आदि का निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को लक्ष्य के अनुरूप समयबद्धता के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, जल निगम के अधिशासी अभियंता और अन्य अभियंता, आईसीसीसी के ठेकेदार मौजूद रहे।
लगातार पिछड़ रहा कार्य
आईसीसीसी के तहत शहर भर में 900 सीसीटीवी लगाए गए हैं। जिनके जरिए शहर की सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात आदि नियंत्रित होगा। इसके अतिरिक्त अन्य कार्य भी यहीं से संचालित होने हैं। करीब एक माह पहले आईसीसीसी का अधिकारिक तौर पर संचालन शुरू कर दिया गया था। हकीकत यह है कि अभी तक आईसीसीसी चालू नहीं हो सका है। ट्रैफिक सिग्नल के पोल पुुरानी चुंगी पर सड़क किनारे पड़े हैं। चार दिन पहले नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने भी आईसीसीसी में जाकर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को कार्य में गति लाने के निर्देश दिए थे। करीब एक किलोमीटर के स्मार्ट रोड बनाने का कार्य भी बीते करीब तीन माह से चल रहा है, जो अभी तक 50 फीसदी भी नहीं हो सका है।
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स्मार्ट सिटी योजना अंतर्गत चल रहे कार्यों की गति और गुणवत्ता पर मंडलायुक्त लगातार अधिकारियों को निर्देशित करते रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने एक बार फिर आकस्मिक निरीक्षण कर कार्यों की स्थिति को देखा। उन्होंने निर्माणाधीन स्मार्ट रोड, सीवरेज लाइन तथा आईसीसीसी का औचक निरीक्षण किया। कार्यों की गति धीमी मिलने पर नाराजगी जताते हुए जल निगम व आईसीसीसी के ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने घंटाघर से कोर्ट रोड, मेला गुघाल रोड आदि का निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को लक्ष्य के अनुरूप समयबद्धता के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, जल निगम के अधिशासी अभियंता और अन्य अभियंता, आईसीसीसी के ठेकेदार मौजूद रहे।
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लगातार पिछड़ रहा कार्य
आईसीसीसी के तहत शहर भर में 900 सीसीटीवी लगाए गए हैं। जिनके जरिए शहर की सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात आदि नियंत्रित होगा। इसके अतिरिक्त अन्य कार्य भी यहीं से संचालित होने हैं। करीब एक माह पहले आईसीसीसी का अधिकारिक तौर पर संचालन शुरू कर दिया गया था। हकीकत यह है कि अभी तक आईसीसीसी चालू नहीं हो सका है। ट्रैफिक सिग्नल के पोल पुुरानी चुंगी पर सड़क किनारे पड़े हैं। चार दिन पहले नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने भी आईसीसीसी में जाकर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को कार्य में गति लाने के निर्देश दिए थे। करीब एक किलोमीटर के स्मार्ट रोड बनाने का कार्य भी बीते करीब तीन माह से चल रहा है, जो अभी तक 50 फीसदी भी नहीं हो सका है।
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