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सोलानी नदी को मॉडल नदी के रूप में विकसित करेंगी देश भर की संस्थाएं
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शिवालिक में सोलानी नदी के उद्गम स्थल का निरीक्षण करते विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी।
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। गंगा की सहायक नदी सोलानी नदी को मॉडल नदी के रूप में विकसित कर जलशक्ति अभियान में जनपद को देश में नंबर एक बनाने की कवायद शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को सीडीओ विजय कुमार की अध्यक्षता में नदी यात्रा निकाली गई, जिसमें नदियों को बचाने के लिए काम कर रही देश भर की प्रमुख संस्थाओं के पदाधिकारियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के संयोजक तथा नगर निगम के पर्यावरण प्लानर डॉ. उमर सैफ ने बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि हर जिला नदियों के चोहों को पुनर्जीवित करेगा। उसी के तहत सीडीओ की अध्यक्षता में नदी यात्रा निकाली गई है, जो सोलानी नदी के उद्गम स्थल शिवालिक की मोहंड रेंज से शुरू हुई। नदी यहीं से शुरू होती है, जो रुड़की और शुक्रताल (शुकतीर्थ) से होते हुए हैदरपुर वेटलैंड में जाकर गंगा में मिलती है। नदी के उद्गम स्थल पर ही कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार के साथ ही ग्रीन मैन ऑफ इंडिया विजय बघेल, गोल्डमैन ऑफ इंडिया रामवीर तंवर, प्रकृति पुत्र केसर सिंह, गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया के निदेशक संजय कश्यप, आईआईटी कानपुर के सेंटर फॉर गंगा के संस्थापक निदेशक प्रोफेसर विनोद ताहरे, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर सुधीर, हिमालयन इंस्टीट्यूट के डॉ. इलियास, सोलानी नदी से संबंधित सातों ग्राम सभाओं के प्रधान, ग्राम सचिव, पंचायत सहायक और इंजीनियर शामिल हुए।
नदी के लिए बनाया है अलायंस
सोलानी नदी को मॉडल बनाने के लिए बेसिन अलायंस बनाया गया है, जिसमें राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के पदाधिकारी और नदियों पर काम करने वाले विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके अलावा इसमें जनपद, ब्लॉक व ग्राम पंचायत स्तर के जिम्मेदार लोगों को भी शामिल किया गया है।
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दस हजार हेक्टेयर में है जलागम
डॉ. उमर सैफ ने बताया कि सोलानी नदी सहारनपुर में दस हजार हेक्टेयर में फैली हुई है, जिसमें एक खरब लीटर पानी इस वर्ष वर्षा से मिलने की उम्मीद है। नदी को मॉडल बनाने के लिए सेंटर फॉर गंगा आईआईटी कानपुर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी आईआईटी रुड़की, हिमालयन इंस्टीट्यूट और सेटर फॉर वाटर पीस सहयोग करेंगे।
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कार्यक्रम के संयोजक तथा नगर निगम के पर्यावरण प्लानर डॉ. उमर सैफ ने बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि हर जिला नदियों के चोहों को पुनर्जीवित करेगा। उसी के तहत सीडीओ की अध्यक्षता में नदी यात्रा निकाली गई है, जो सोलानी नदी के उद्गम स्थल शिवालिक की मोहंड रेंज से शुरू हुई। नदी यहीं से शुरू होती है, जो रुड़की और शुक्रताल (शुकतीर्थ) से होते हुए हैदरपुर वेटलैंड में जाकर गंगा में मिलती है। नदी के उद्गम स्थल पर ही कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार के साथ ही ग्रीन मैन ऑफ इंडिया विजय बघेल, गोल्डमैन ऑफ इंडिया रामवीर तंवर, प्रकृति पुत्र केसर सिंह, गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया के निदेशक संजय कश्यप, आईआईटी कानपुर के सेंटर फॉर गंगा के संस्थापक निदेशक प्रोफेसर विनोद ताहरे, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर सुधीर, हिमालयन इंस्टीट्यूट के डॉ. इलियास, सोलानी नदी से संबंधित सातों ग्राम सभाओं के प्रधान, ग्राम सचिव, पंचायत सहायक और इंजीनियर शामिल हुए।
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नदी के लिए बनाया है अलायंस
सोलानी नदी को मॉडल बनाने के लिए बेसिन अलायंस बनाया गया है, जिसमें राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के पदाधिकारी और नदियों पर काम करने वाले विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके अलावा इसमें जनपद, ब्लॉक व ग्राम पंचायत स्तर के जिम्मेदार लोगों को भी शामिल किया गया है।
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दस हजार हेक्टेयर में है जलागम
डॉ. उमर सैफ ने बताया कि सोलानी नदी सहारनपुर में दस हजार हेक्टेयर में फैली हुई है, जिसमें एक खरब लीटर पानी इस वर्ष वर्षा से मिलने की उम्मीद है। नदी को मॉडल बनाने के लिए सेंटर फॉर गंगा आईआईटी कानपुर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी आईआईटी रुड़की, हिमालयन इंस्टीट्यूट और सेटर फॉर वाटर पीस सहयोग करेंगे।

शिवालिक की मोहंड रेंज में सोलानी नदी के उद्गम स्थल पर पहुंचे विभिन्न संस्थाओं से जुड़े पदाधिकार?- फोटो : SAHARANPUR