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किस्त नहीं मिली, पॉलिथीन और टीन से बनाई छत
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- प्रधानमंत्री आवास योजना -- - नकुड़ कस्बे में अधूरा पड़ा नूरजहां का मकान।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों को नहीं मिल पा रही दूसरी और तीसरी किस्त। कच्चे मकान को तोड़कर पक्का मकान बनना तो शुरू किया, मगर निर्माण पूरा नहीं हुआ। किसी ने सिर ढकने के लिए पॉलिथीन की छत बना ली तो किसी ने टीन शेड लगा लिया। किस्त के लिए लोग अधिकारियों के दफ्तर भी पहुंच रहे हैं, लेकिन किस्त नहीं मिल पा रही है। पेश है योजना की पड़ताल करते हुए रिपोर्ट...
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की किस्त नहीं आने पर पात्र इस कदर परेशान हैं कि जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शनिवार को भी डूडा कार्यालय पर गांव बिशनपुर निवासी शशिबाला, आरती और उर्मिला तथा चकहरेटी निवासी शिवकुमार किस्त के बारे में जानकारी करने पहुंचे। शशिबाला ने बताया कि किस्त नहीं मिलने के कारण पॉलिथीन डालकर रहना पड़ रहा है। आरती ने बताया कि फरवरी में किस्त आई थी, जिसके बाद अब तक किस्त नहीं मिली।
तोड़ा था कच्चा मकान, डालना पड़ा टीन शेड
नकुड़ के मोहल्ला महादेव निवासी दीपक पुत्र बाबूराम का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनना था। दीपक की पत्नी मनीषा ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व पहली किस्त आई थी। कच्चा मकान तोड़कर नींव व दीवार बना ली थी। 11 महीनों तक किराये पर रहते रहे। दूसरी किस्त नहीं मिली तो कुछ रुपयों का इंतजाम कर दीवार ऊंची करके टीन शेड डाल लिया। अधूरे मकान में रहने को मजबूर हैं।
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नकुड़ की नई बस्ती निवासी विधवा शहीदा ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व पहली किस्त मिलने पर मकान निर्माण शुरू किया था। करीब एक वर्ष तक वह किराये पर रहे और अधिकारियों के चक्कर काट कर परेशान हो गई। ब्याज पर रुपये लेकर लकड़ी के बरंगों और पन्नी डालकर रह रहे हैं।
नई बस्ती निवासी नूरजहां पत्नी अकबर ने बताया कि पति बीमार है। कमाई का कोई साधन नहीं है। योजना की एक किस्त आई थी। उस पैसे से नींव व मिट्टी भराव करा लिया था। उसके बाद कोई पैसा नहीं मिला। अब पॉलिथीन की झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर हैं। शौचालय व बाथरूम भी अधूरे पड़े हैं।
जिले के 11 निकायों में 17774 हैं पात्र
सहारनपुर। जिले में एक नगर निगम सहित 11 नगर निकाय हैं। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 17774 पात्र हैं। इनमें से 11940 को प्रथम किस्त और 10461 को द्वितीय किस्त तथा 5043 पात्रों को तृतीय किस्त का भुगतान किया जा चुका है। इनमें 9190 आवासों का छत तक निर्माण पूर्ण हो गया है, जबकि 8139 आवास पूर्ण हो चुके हैं। अक्तूबर 2020 में 735 पात्रों को द्वितीय किस्त का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन 3455 लाभार्थियों को किस्त का भुगतान नहीं हुआ है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में अक्तूबर में करीब 2700 पात्रों की किस्त आनी थी। कोरोना काल की वजह से कुछ दिक्कत आई थी। 699 पात्रों की किस्त आ गई है, अन्य की किस्त भी खातों में भिजवाने के लिए सूचना भेजी जा चुकी है। - अनुज प्रताप सिंह, परियोजना अधिकारी, जिला नगरीय विकास अभिकरण, सहारनपुर
बीते वर्ष के चयनित सभी 19 पात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की दूसरी और तीसरी किस्त भिजवा दी गई है। इस बार कोई आवास इस योजना में नहीं आया है। - दुष्यंत सिंह, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की किस्त नहीं आने पर पात्र इस कदर परेशान हैं कि जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शनिवार को भी डूडा कार्यालय पर गांव बिशनपुर निवासी शशिबाला, आरती और उर्मिला तथा चकहरेटी निवासी शिवकुमार किस्त के बारे में जानकारी करने पहुंचे। शशिबाला ने बताया कि किस्त नहीं मिलने के कारण पॉलिथीन डालकर रहना पड़ रहा है। आरती ने बताया कि फरवरी में किस्त आई थी, जिसके बाद अब तक किस्त नहीं मिली।
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तोड़ा था कच्चा मकान, डालना पड़ा टीन शेड
नकुड़ के मोहल्ला महादेव निवासी दीपक पुत्र बाबूराम का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनना था। दीपक की पत्नी मनीषा ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व पहली किस्त आई थी। कच्चा मकान तोड़कर नींव व दीवार बना ली थी। 11 महीनों तक किराये पर रहते रहे। दूसरी किस्त नहीं मिली तो कुछ रुपयों का इंतजाम कर दीवार ऊंची करके टीन शेड डाल लिया। अधूरे मकान में रहने को मजबूर हैं।
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नकुड़ की नई बस्ती निवासी विधवा शहीदा ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व पहली किस्त मिलने पर मकान निर्माण शुरू किया था। करीब एक वर्ष तक वह किराये पर रहे और अधिकारियों के चक्कर काट कर परेशान हो गई। ब्याज पर रुपये लेकर लकड़ी के बरंगों और पन्नी डालकर रह रहे हैं।
नई बस्ती निवासी नूरजहां पत्नी अकबर ने बताया कि पति बीमार है। कमाई का कोई साधन नहीं है। योजना की एक किस्त आई थी। उस पैसे से नींव व मिट्टी भराव करा लिया था। उसके बाद कोई पैसा नहीं मिला। अब पॉलिथीन की झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर हैं। शौचालय व बाथरूम भी अधूरे पड़े हैं।
जिले के 11 निकायों में 17774 हैं पात्र
सहारनपुर। जिले में एक नगर निगम सहित 11 नगर निकाय हैं। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 17774 पात्र हैं। इनमें से 11940 को प्रथम किस्त और 10461 को द्वितीय किस्त तथा 5043 पात्रों को तृतीय किस्त का भुगतान किया जा चुका है। इनमें 9190 आवासों का छत तक निर्माण पूर्ण हो गया है, जबकि 8139 आवास पूर्ण हो चुके हैं। अक्तूबर 2020 में 735 पात्रों को द्वितीय किस्त का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन 3455 लाभार्थियों को किस्त का भुगतान नहीं हुआ है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में अक्तूबर में करीब 2700 पात्रों की किस्त आनी थी। कोरोना काल की वजह से कुछ दिक्कत आई थी। 699 पात्रों की किस्त आ गई है, अन्य की किस्त भी खातों में भिजवाने के लिए सूचना भेजी जा चुकी है। - अनुज प्रताप सिंह, परियोजना अधिकारी, जिला नगरीय विकास अभिकरण, सहारनपुर
बीते वर्ष के चयनित सभी 19 पात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की दूसरी और तीसरी किस्त भिजवा दी गई है। इस बार कोई आवास इस योजना में नहीं आया है। - दुष्यंत सिंह, परियोजना निदेशक, डीआरडीए

- प्रधानमंत्री आवास योजना -- - नकुड़ कस्बा में शहीदा का मकान।- फोटो : SAHARANPUR

- नकुड़ कस्बे में अधूरा पड़ा दीपक का मकान।- फोटो : SAHARANPUR

शिव कुमार- फोटो : SAHARANPUR

उर्मिला- फोटो : SAHARANPUR

शशी बाला- फोटो : SAHARANPUR

आरती- फोटो : SAHARANPUR