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Saharanpur News: गन्ने की फसल में दिखाई दे रहा चोटी बेधक कीट का प्रकोप

Mon, 20 May 2024 12:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Mon, 20 May 2024 12:57 AM IST
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Infestation of peak borer insect visible in sugarcane crop
सहारनपुर। जनपद के कुछ क्षेत्राें में गन्ने की फसल पर चोटी बेधक (टॉप बोरर) और अर्ली शूट कीट का प्रकोप दिखाई दे रहा है। यह कीट फसल की गोभ को खाकर नष्ट कर देता है। समय पर नियंत्रण नहीं होने पर इससे फसल का उत्पादन 30 फीसदी तक प्रभावित होता है। गन्ना विभाग ने इस कीट से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है।
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गर्मी बढ़ने के साथ ही जनपद में गन्ने की फसल में चोटी बेधक कीट का प्रकोप भी बढ़ रहा है। इस समय चोटी बेधक कीट की तितलियां/सूंडि़यां दिखाई दे रहीं हैं। जो फसल के लिए काफी नुकसानदेह होती हैं। इस कीट पर समय से नियंत्रण नहीं किया गया तो प्रभावित गन्ना फसल को 30 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि यदि चोटी बेधक कीट की द्वितीय पीढ़ी के अंड समूह या सूड़ियां दिखाई पड़े तो प्रभावित पत्तियों को तोड़कर नष्ट कर दें। साथ ही इमिडाक्लोप्रिड रसायन 40 प्रतिशत को एक मिलीलीटर प्रति लीटर पानी के साथ घोल बनाकर एवं उसमें थोड़ा सा शैंपू मिलाकर पौधों पर छिड़काव कराया जाए।
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पौधे की गोभ में प्रवेश कर चुकी सूंडियों को नष्ट करने के लिए क्लोरेन्ट्रेनिलिप्रोल 18.5 एससी की 150 मिली लीटर मात्रा को 400 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ की दर से खेत में नमी की स्थिति में गन्ने की जड़ों के पास ड्रेंचिंग कराएं। उन्होंने बताया कि गन्ना विभाग ने इस कीट से बचाव के लिए जिले में 2690 लाइट ट्रेप और 25100 फेरोमोन ट्रेप लगवाए हैं। इन पर किसानों को लागत को 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा।
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- चोटी बेधक कीट पर जैविक नियंत्रण के लिए गन्ने की पत्तियाें में पांच ट्राइकोग्रामा कार्ड प्रति हेक्टेयर 10-15 दिन के अंतर पर लगाना फायदेमंद है। फेरोमोन ट्रैप भी 20 से 25 प्रति हेक्टेयर की दर से टॉप बोरर फेरोमोन ल्यूर गंध के साथ खेत में 10 से 20 मीटर की दूरी पर लकड़ी के डंडों पर लगाएं। इसका ल्यूर 30 से 45 दिन में बदलना चाहिए। इस तकनीक से टॉप बोरर कीट का जीवन चक्र प्रभावित होकर प्रकोप रुक जाता है। - डॉ. आईके कुशवाहा, प्रोफेसर फसल सुरक्षा विभाग एवं प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र।
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