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हिंदुस्तान का मुसलमान न बाबर को मानता है न बाबरी मस्जिद को : कुंवर बासित
Fri, 12 Dec 2025 12:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 12 Dec 2025 12:38 AM IST
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देवबंद। तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए विधायक हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम पर एक मस्जिद का निर्माण करा रहे हैं, जिसे लेकर सियासी बवाल मचा हुआ है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने कहा कि हिंदुस्तान का मुसलमान न बाबर को मानता है न ही बाबरी मस्जिद को।
एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने देवबंद पहुंचे कुंवर बासित अली ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला दिया और वहां मस्जिद बनाने के लिए धन्नीपुर में जमीन भी आवंटित की। इस फैसले के बाद मुल्क में सौहार्द पूर्ण माहौल रहा और मुल्क की अवाम ने सुप्रीम कोर्ट के फैसला माना, लेकिन कुछ लोग फिर से बाबर के नाम पर विवाद पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जो लोग बाबरी मस्जिद के नाम पर राजनीति कर रहे हैं वह कहीं न कहीं मुसलमानों के जज्बातों और उनकी भावनाओं से खेलकर अपनी राजनीति चमकाने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का मुसलमान न बाबर को मानता है और न ही बाबरी मस्जिद को। वह केवल हुजूर और अल्लाह के बताए रास्ते पर चलेगा न कि किसी ऐसे विधायक के जो अपनी राजनीति चमकाने और अपनी ताकत बढ़ाने के लिए मस्जिद के नाम पर राजनीति करना चाहता हो। मुसलमानों को इस पर विचार करना चाहिए। कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मसले को लेकर फैसला सुना दिया और हिंदुस्तान के मुसलमानों ने उसे मान लिया यह उसी का परिणाम है कि अयोध्या में राम मंदिर बना और वहां मस्जिद के लिए जगह दी गई जो इंडो इस्लामिक कल्चर सेंटर के नाम से बनाई जा रही है।
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एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने देवबंद पहुंचे कुंवर बासित अली ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला दिया और वहां मस्जिद बनाने के लिए धन्नीपुर में जमीन भी आवंटित की। इस फैसले के बाद मुल्क में सौहार्द पूर्ण माहौल रहा और मुल्क की अवाम ने सुप्रीम कोर्ट के फैसला माना, लेकिन कुछ लोग फिर से बाबर के नाम पर विवाद पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जो लोग बाबरी मस्जिद के नाम पर राजनीति कर रहे हैं वह कहीं न कहीं मुसलमानों के जज्बातों और उनकी भावनाओं से खेलकर अपनी राजनीति चमकाने का काम कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का मुसलमान न बाबर को मानता है और न ही बाबरी मस्जिद को। वह केवल हुजूर और अल्लाह के बताए रास्ते पर चलेगा न कि किसी ऐसे विधायक के जो अपनी राजनीति चमकाने और अपनी ताकत बढ़ाने के लिए मस्जिद के नाम पर राजनीति करना चाहता हो। मुसलमानों को इस पर विचार करना चाहिए। कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मसले को लेकर फैसला सुना दिया और हिंदुस्तान के मुसलमानों ने उसे मान लिया यह उसी का परिणाम है कि अयोध्या में राम मंदिर बना और वहां मस्जिद के लिए जगह दी गई जो इंडो इस्लामिक कल्चर सेंटर के नाम से बनाई जा रही है।
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