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कोरोना काल में दम घोट रहा बढ़ता प्रदूषण
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सहारनपुर। शासन प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। एक सप्ताह के अंदर ही एक्यूआई लेवल 70 से बढ़कर 300 से ऊपर तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने की आशंका है।
राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर बुधवार को भी जिला प्रशासन, गन्ना विभाग और नगर निगम की टीमों की ओर से एक्यूआई लेवल को सामान्य रखने के लिए हर स्तर पर सहयोग की अपील की है।
- सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में सबसे अधिक खतरा सांसों पर ही मंडरा रहा है। ऐसे समय में यदि प्रदूषण का स्तर कम नहीं होगा तो हालात गंभीर हो सकते हैं।
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- अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसबी सिंह का कहना है कि गांवों में किसान खेतों में अवशेष जलाने से बचें तो शहरों में नागरिक खुले में रबड, प्लास्टिक या अन्य तरह के कचरे को न जलाएं। सर्दी - नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक कोहरे और सर्दी के मौसम में शहर से देहात तक अलाव जलाए जाते हैं। लेकिन इसमें भी सावधानी रखने की जरूरत है। रबड़, प्लास्टिक, पॉलीथिन या ऐसी अन्य चीजों को डालकर अलाव सांसों के लिए जहरीला हो सकता है। इसलिए ऐसे अलाव पर नजर रखने के लिए टीमों को सक्रिय किया जाएगा।
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राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर बुधवार को भी जिला प्रशासन, गन्ना विभाग और नगर निगम की टीमों की ओर से एक्यूआई लेवल को सामान्य रखने के लिए हर स्तर पर सहयोग की अपील की है।
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- सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में सबसे अधिक खतरा सांसों पर ही मंडरा रहा है। ऐसे समय में यदि प्रदूषण का स्तर कम नहीं होगा तो हालात गंभीर हो सकते हैं।
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- अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसबी सिंह का कहना है कि गांवों में किसान खेतों में अवशेष जलाने से बचें तो शहरों में नागरिक खुले में रबड, प्लास्टिक या अन्य तरह के कचरे को न जलाएं। सर्दी - नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक कोहरे और सर्दी के मौसम में शहर से देहात तक अलाव जलाए जाते हैं। लेकिन इसमें भी सावधानी रखने की जरूरत है। रबड़, प्लास्टिक, पॉलीथिन या ऐसी अन्य चीजों को डालकर अलाव सांसों के लिए जहरीला हो सकता है। इसलिए ऐसे अलाव पर नजर रखने के लिए टीमों को सक्रिय किया जाएगा।