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गर्मी में बढ़े उल्टी और दस्त के रोगी, जिला अस्पताल का वार्ड फुल
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। भीषण गर्मी लोगों को बीमार भी बना रही है। एसबीडी जिला अस्पताल में फिजीशियन की ओपीडी में पेट संबंधी रोगियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। प्रतिदिन पहुंच रहे 200 से अधिक मरीजों में 20 से 30 फीसदी संख्या उल्टी, दस्त के रोगियों की है, जिनमें से कई मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। इन दिनों वार्ड मरीजों से फुल हैं। उधर, निजी चिकित्सकों के यहां भी मरीजों की भीड़ लगी है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. बीएस सोढ़ी ने बताया कि करीब 15 दिन से पेट दर्द और दस्त की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं, जिनकी संख्या जून माह में एकाएक बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में पहले 150 से 200 कुल मरीज आते थे, जिनकी भी संख्या बढ़कर 200 से 250 तक पहुंच गई है। इन मरीजों में 50 से 60 मरीज दस्त और उल्टी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। ज्यादातर मरीजों को दवा से आराम लग रहा है, जिनको आराम नहीं है उनको वार्ड में भर्ती कर ग्लूकोज लगाया जा रहा है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि गलत खानपान के कारण पेट खराब होना गर्मियों में आम बात है। इसके अलावा कम पानी पीने की वजह से डीहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है। शरीर में पानी की कमी से भी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में मरीजों को चाहिए कि वह खानपान का विशेष ध्यान तो रखें ही, साथ ही खाने में सफाई भी बेहद जरूरी है। क्योंकि दूषित या बासी खाने से भी पेट खराब हो सकता है।
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डायरिया के लक्षण
-उल्टी और दस्त आना।
-पेट दर्द, कमजोरी और थकान होना।
-बुखार और चक्कर आना।
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क्या करें जब डायरिया हो?
-डायरिया से शरीर में हुई पानी की कमी को तुरंत पूरा करने को अधिक से अधिक पानी पीयें।
-ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) का घोल पीयें।
-खाना कम खाएं, पानी, जूस पर्याप्त मात्रा में लेते रहें।
-फैटी, मसालेदार और तला हुआ खाना न खाएं।
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डायरिया से बचाव
-खाने से पहले फल और सब्जियों को अच्छे से धो लें।
-जितनी भूख हो उससे थोड़ा कम खाएं और साफ पानी पीयें।
-खुले में बिकने वाले खाने से परहेज करें।
-नाखून छोटे रखें और उनकी साफ-सफाई का ध्यान रखें।
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सहारनपुर। भीषण गर्मी लोगों को बीमार भी बना रही है। एसबीडी जिला अस्पताल में फिजीशियन की ओपीडी में पेट संबंधी रोगियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। प्रतिदिन पहुंच रहे 200 से अधिक मरीजों में 20 से 30 फीसदी संख्या उल्टी, दस्त के रोगियों की है, जिनमें से कई मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। इन दिनों वार्ड मरीजों से फुल हैं। उधर, निजी चिकित्सकों के यहां भी मरीजों की भीड़ लगी है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. बीएस सोढ़ी ने बताया कि करीब 15 दिन से पेट दर्द और दस्त की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं, जिनकी संख्या जून माह में एकाएक बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में पहले 150 से 200 कुल मरीज आते थे, जिनकी भी संख्या बढ़कर 200 से 250 तक पहुंच गई है। इन मरीजों में 50 से 60 मरीज दस्त और उल्टी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। ज्यादातर मरीजों को दवा से आराम लग रहा है, जिनको आराम नहीं है उनको वार्ड में भर्ती कर ग्लूकोज लगाया जा रहा है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि गलत खानपान के कारण पेट खराब होना गर्मियों में आम बात है। इसके अलावा कम पानी पीने की वजह से डीहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है। शरीर में पानी की कमी से भी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में मरीजों को चाहिए कि वह खानपान का विशेष ध्यान तो रखें ही, साथ ही खाने में सफाई भी बेहद जरूरी है। क्योंकि दूषित या बासी खाने से भी पेट खराब हो सकता है।
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डायरिया के लक्षण
-उल्टी और दस्त आना।
-पेट दर्द, कमजोरी और थकान होना।
-बुखार और चक्कर आना।
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क्या करें जब डायरिया हो?
-डायरिया से शरीर में हुई पानी की कमी को तुरंत पूरा करने को अधिक से अधिक पानी पीयें।
-ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) का घोल पीयें।
-खाना कम खाएं, पानी, जूस पर्याप्त मात्रा में लेते रहें।
-फैटी, मसालेदार और तला हुआ खाना न खाएं।
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डायरिया से बचाव
-खाने से पहले फल और सब्जियों को अच्छे से धो लें।
-जितनी भूख हो उससे थोड़ा कम खाएं और साफ पानी पीयें।
-खुले में बिकने वाले खाने से परहेज करें।
-नाखून छोटे रखें और उनकी साफ-सफाई का ध्यान रखें।