बड़ा खुलासा: लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी बनना चाहता था इनामुलहक, पाकिस्तान जाकर ट्रेनिंग लेने की थी तैयारी
एटीएएस द्वारा देवबंद से गिरफ्तार इनामुलहक पकड़ा गया इनामुलहक तीन साल से देवबंद में रह रहा था, लेकिन किसी को भी यह पता नहीं चल सका कि वह आतंकियों के संपर्क में है। एटीएस ने छापामारी करते हुए कमरा नंबर 19 से तीन युवकों समेत उसे पकड़ा था।
विस्तार
एटीएस के मुताबिक इनामुलहक एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से सोशल मीडिया के जरिए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों से जुड़ा हुआ था। वह व्यक्ति कौन है, इसको एटीएस ने चिह्नित कर लिया है, लेकिन उसके नाम का खुलासा नहीं किया है। आतंकियों से वह हथियार व ट्रेनिंग प्राप्त करना चाहता था। ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भी जाना चाह रहा था। इसके अलावा इनामुल हक व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान आदि देशों के व्यक्तियों से जिहाद के संबंध में भी जुड़ा हुआ था।
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हॉस्टल में जमा है फैजुलहक का पहचान पत्र
एटीएस द्वारा जेल भेजे गए संदिग्ध युवक का नाम इनामुल हक है। वह देवबंद के नजमी मंजिल हॉस्टल में रह रहा था। उसने हॉस्टल मालिक के पास तेलंगाना निवासी फैजुल हक का पहचान पत्र जमा कराया गया है। एटीएस के खुलासे में तीनों नाम खोले गए हैं। इनमें फैजुलहक का नाम नहीं है। हॉस्टल मालिक नजमी ने बताया कि उन्हें फैजुलहक का पहचान पत्र दिया गया था। उन्होंने बताया कि जो लोग भी उनके हॉस्टल में कमरा किराये पर लेते हैं, वह उनसे उसकी आईडी और फोटो जमा कराते हैं।
तीन साल से देवबंद में रह रहा था
पकड़ा गया इनामुलहक तीन साल से देवबंद में रह रहा था, लेकिन किसी को भी यह पता नहीं चल सका कि वह आतंकियों के संपर्क में है। वह 2019 में देवबंद में दीवान मोहल्ले के पास दारुल उलूम चौक के निकट हॉस्टल में रहने आया था। उसने बताया था कि वह यहां एक मदरसे में पढ़ने आया है। वह कौन से मदरसे में पढ़ता है, इसकी जानकारी हॉस्टल मालिक और अन्य छात्रों को भी नहीं है। वह तीन साल तक आतंकियों के संपर्क में रहा, लेकिन किसी को भी इसकी भनक तक नहीं लगी। एलआईयू को भी इसकी जानकारी नहीं हुई।
यह था मामला
शनिवार की दोपहर मोहल्ला दीवान दारुल उलूम चौक स्थित नजमी मंजिल (हॉस्टल) में दोपहर के समय एटीएस ने छापामारी करते हुए कमरा नंबर 19 से तीन युवकों को पकड़ा था। एटीएस संदिग्धों को अपने साथ ले गई थी और उनसे कड़ी पूछताछ की थी, जिनके पास से मिले दस्तावेजों की भी टीम गहनता से जांच की। सोमवार को एटीएस ने इनामुलहक के मामले का खुलासा कर दिया।