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Saharanpur News: कहीं पांच मीटर में पांच लाइटें तो कहीं तीन किलोमीटर तक अंधेरा
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भूतेश्वर मार्ग पर दिन में ही जलती लाइट और साथ में ऊपर लगी दूसरी लगी खराब लाइट।
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नगर निगम के खराब प्रबंधन की वजह से गड़बड़ाई है महानगर की पथ प्रकाश व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। महानगर की गड़बड़ाई पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए नगर निगम का खराब प्रबंधन है, जिसकी वजह से कहीं पांच मीटर पर पांच-पांच लाइटें लगी हैं तो कहीं तीन किलोमीटर तक अंधेरा रहता है।
पिछले दिनों कार्यकारिणी समिति की बैठक में खराब पथ प्रकाश व्यवस्था को लेकर दो पार्षदों में महापौर डॉ. अजय कुमार और नगर आयुक्त शिपू गिरि के सामने ही तीखी नोकझोंक हुई थी। इसके बाद नगर आयुक्त ने भी अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए, लेकिन देखने में आया है कि नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही और खराब प्रबंधन के कारण समस्या बरकरार है।
दालमंडी पुल पर शनि मंदिर के सामने पांच मीटर के अंदर में सोलर लाइट से लेकर करीब चार एलईडी लाइटें लगी हैं। उसी के सामने पुल के दूसरी ओर भी दो से तीन मीटर में ही चार लाइटें लगी हैं। पुल जोगियान से पुल खुमरान तक नदी की दोनों पटरियों पर पहले से एलईडी लाइटें लगी हैं। इसके अलावा स्मार्ट सिटी योजना के तहत दोनों ओर अलग से लाइटें लगवाई गई हैं, जिनके बीच पांच से दस मीटर की दूरी है।
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दिल्ली रोड पर हसनपुर तक डिवाइडर पर पहले से एलईडी लाइटें लगी हैं। साथ ही दोनों ओर के फुटपाथ पर स्मार्ट सिटी में लाइटें लगाई गई हैं, जो शोपीस बनी हुई हैं। वहीं, पुराने शहर खासकर पुराना कलसिया रोड क्षेत्र और 32 गांवों में पर्याप्त लाइटें नहीं हैं। शकलापुरी मार्ग पर हनुमान नगर से लेकर बिशनपुर तक करीब तीन किलोमीटर की सड़क पर महीनों से अंधेरा है। पूर्व में गिनी-चुनी लाइटें लगाई गई थीं, जिनमें से ज्यादातर बंद हैं।
-- अनुबंध खत्म करने के बाद बिगड़ी व्यवस्था
पथ प्रकाश के लिए महानगर में करीब 54165 हजार एलईडी लाइटें लगी हैं। लाइट लगाने का ठेका एक निजी कंपनी पर था, लेकिन बीते वर्ष नगर निगम ने उक्त कंपनी से अनुबंध खत्म करते हुए व्यवस्था अपने हाथ में ले ली। उसके बाद से स्थिति बदतर है। लोग खराब लाइटें बदलवाने के लिए नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन लाइटें नहीं मिल पा रहीं हैं। जनसुनवाई में भी 50 फीसदी समस्या पथ प्रकाश से संबंधित पहुंच रही हैं।
-- शहर का सर्वे कराया जा रहा है। जहां जरूरत से अधिक लाइटें हैं उन्हें उतरवाकर जरूरत वाले स्थानों पर लगवाया जाएगा। प्रयास यही रहेगा कि शहर का कोई भी मार्ग या गली में अंधेरा न रहे। - एसपी मिश्रा, प्रभारी, पथ प्रकाश नगर निगम
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। महानगर की गड़बड़ाई पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए नगर निगम का खराब प्रबंधन है, जिसकी वजह से कहीं पांच मीटर पर पांच-पांच लाइटें लगी हैं तो कहीं तीन किलोमीटर तक अंधेरा रहता है।
पिछले दिनों कार्यकारिणी समिति की बैठक में खराब पथ प्रकाश व्यवस्था को लेकर दो पार्षदों में महापौर डॉ. अजय कुमार और नगर आयुक्त शिपू गिरि के सामने ही तीखी नोकझोंक हुई थी। इसके बाद नगर आयुक्त ने भी अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए, लेकिन देखने में आया है कि नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही और खराब प्रबंधन के कारण समस्या बरकरार है।
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दालमंडी पुल पर शनि मंदिर के सामने पांच मीटर के अंदर में सोलर लाइट से लेकर करीब चार एलईडी लाइटें लगी हैं। उसी के सामने पुल के दूसरी ओर भी दो से तीन मीटर में ही चार लाइटें लगी हैं। पुल जोगियान से पुल खुमरान तक नदी की दोनों पटरियों पर पहले से एलईडी लाइटें लगी हैं। इसके अलावा स्मार्ट सिटी योजना के तहत दोनों ओर अलग से लाइटें लगवाई गई हैं, जिनके बीच पांच से दस मीटर की दूरी है।
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दिल्ली रोड पर हसनपुर तक डिवाइडर पर पहले से एलईडी लाइटें लगी हैं। साथ ही दोनों ओर के फुटपाथ पर स्मार्ट सिटी में लाइटें लगाई गई हैं, जो शोपीस बनी हुई हैं। वहीं, पुराने शहर खासकर पुराना कलसिया रोड क्षेत्र और 32 गांवों में पर्याप्त लाइटें नहीं हैं। शकलापुरी मार्ग पर हनुमान नगर से लेकर बिशनपुर तक करीब तीन किलोमीटर की सड़क पर महीनों से अंधेरा है। पूर्व में गिनी-चुनी लाइटें लगाई गई थीं, जिनमें से ज्यादातर बंद हैं।
पथ प्रकाश के लिए महानगर में करीब 54165 हजार एलईडी लाइटें लगी हैं। लाइट लगाने का ठेका एक निजी कंपनी पर था, लेकिन बीते वर्ष नगर निगम ने उक्त कंपनी से अनुबंध खत्म करते हुए व्यवस्था अपने हाथ में ले ली। उसके बाद से स्थिति बदतर है। लोग खराब लाइटें बदलवाने के लिए नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन लाइटें नहीं मिल पा रहीं हैं। जनसुनवाई में भी 50 फीसदी समस्या पथ प्रकाश से संबंधित पहुंच रही हैं।

भूतेश्वर मार्ग पर दिन में ही जलती लाइट और साथ में ऊपर लगी दूसरी लगी खराब लाइट।