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Saharanpur News: 300 घंटे के प्रशिक्षण में छात्राएं सीखेंगी एआई और कंप्यूटर तकनीक
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मेरठ। उत्तर प्रदेश सरकार की प्रोजेक्ट प्रवीण योजना के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके तहत मेरठ सहित प्रदेश के 30 जिलों के 71 चयनित विद्यालयों की 2,672 छात्राओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन छात्राओं के लिए विशेष कक्षाएं 2 नवंबर से शुरू होने जा रही हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और वंचित वर्ग की बेटियों को तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक दक्षता और करियर के नए विकल्पों से परिचित कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। छात्राओं को हेल्थकेयर, सूचना प्रौद्योगिकी, परिधान, मीडिया एवं मनोरंजन और हरित रोजगार जैसे क्षेत्रों में अधिकतम 300 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर तकनीक और संवाद कौशल की जानकारी दी जाएगी। छात्राओं को मिशन पोर्टल पर उपलब्ध एआई कोर्स अथवा युवा एआई फॉर ऑल का अध्ययन भी करना होगा। प्रशिक्षण शुरू होने के सात कार्यदिवस के भीतर पाठ्य-पुस्तकें और शिक्षण सामग्री उपलब्ध करानी होगी, जिसकी पुष्टि मिशन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
इन प्रमुख जिलों में चलेगी योजना
यह परियोजना उत्तर प्रदेश के 30 जिलों में संचालित की जा रही है, जिसमें मुख्य रूप से मेरठ, आगरा, अलीगढ़, बरेली, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, मथुरा, सीतापुर, उन्नाव और लखीमपुर खीरी शामिल हैं।
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इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और वंचित वर्ग की बेटियों को तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक दक्षता और करियर के नए विकल्पों से परिचित कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। छात्राओं को हेल्थकेयर, सूचना प्रौद्योगिकी, परिधान, मीडिया एवं मनोरंजन और हरित रोजगार जैसे क्षेत्रों में अधिकतम 300 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर तकनीक और संवाद कौशल की जानकारी दी जाएगी। छात्राओं को मिशन पोर्टल पर उपलब्ध एआई कोर्स अथवा युवा एआई फॉर ऑल का अध्ययन भी करना होगा। प्रशिक्षण शुरू होने के सात कार्यदिवस के भीतर पाठ्य-पुस्तकें और शिक्षण सामग्री उपलब्ध करानी होगी, जिसकी पुष्टि मिशन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
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इन प्रमुख जिलों में चलेगी योजना
यह परियोजना उत्तर प्रदेश के 30 जिलों में संचालित की जा रही है, जिसमें मुख्य रूप से मेरठ, आगरा, अलीगढ़, बरेली, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, मथुरा, सीतापुर, उन्नाव और लखीमपुर खीरी शामिल हैं।
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