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Saharanpur News: अवैध बस एवं टैक्सी स्टैंड और टूटी सड़कें बन रहीं राह में बाधा

Sat, 05 Aug 2023 11:02 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Aug 2023 11:02 PM IST
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Illegal bus and taxi stands and broken roads are becoming an obstacle in the way
--अवैध स्टैंड और टूटी सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री भी बैठक में दे चुके हैं आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। महानगर में एक ओर जहां अवैध बस, टैक्सी एवं ई-रिक्शा स्टैंड परेशानी का सबब बने हुए हैं। वहीं टूटी सड़कों पर चलना राहगीरों के लिए मुश्किलों भरा हो रहा है। बड़े और गहरे गड्ढों में गाड़ियां हिचकोले खा रही हैं, लेकिन अधिकारियों को इससे मतलब नहीं है। यह स्थिति तब है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद अवैध स्टैंड हटाने के आदेश दे चुके हैं। उनके आदेश के 80 दिन बाद भी संंबंधित अधिकारियों की नींद नहीं टूटी है। यही हाल टूटी सड़कों को लेकर है।
विगत 17 मई को लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि प्रदेश के किसी भी जिले में अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड, रिक्शा स्टैंड संचालित नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे अवैध वसूली को बढ़ावा मिलता है। यह वसूली समाज विरोधी कार्यों में उपयोग होती है। जहां कहीं भी ऐसी गतिविधियां संचालित हो रहीं हों, उन्हें तत्काल बंद कराया जाए, लेकिन महानगर में अवैध रूप से संचालित बस स्टैंड, टेंपो एवं ई-रिक्शा स्टैंड किसी से छिपे नहीं हैं। घंटाघर सहित महानगर के प्रमुख चौराहों पर सड़कों के बीच से संचालित यह स्टैंड राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। घंटाघर पर पहले लोग जाम में फंसकर यातायात पुलिस से चलने का इशारा मिलने का इंतजार करते हैं और जब इशारा मिलता है तो सामने सड़क के बीचोबीच टेंपो और ई-रिक्शा बाधा बनकर खड़े मिलते हैं। प्रतिदिन हजारों राहगीर इस समस्या से गुजरते हैं। उधर, जिला जेल के सामने, दिल्ली रोड और अन्य जगहों पर सड़कों से हो रहा बसों का संचालन भी जाम की वजह बन रहा है, जिसकी वजह से राहगीर परेशान हैं।
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सड़कों में नहीं गड्ढा, देना होगा प्रमाणपत्र
पांच जुलाई 2023 को प्रदेश सरकार ने नगरों और महानगरों में टूटी सड़कों के लिए संबंधित निकायों की जिम्मेदारी तय की थी। सरकार ने कहा था कि नगरों और महानगरों में गड्ढामुक्त हो चुकी सड़कों के लिए संबंधित नगरायुक्त और अधिशासी अभियंता अपने हस्ताक्षर से प्रमाणपत्र जारी करेंगे, लेकिन महानगर की सड़कों की हालत किसी से छिपी नहीं है। कोर्ट रोड, पुल जोगियान से दालमंडी और खमरान पुल को होकर बेहट अड्डा पर जाने वाले मार्ग सहित महानगर की बाहरी कॉलोनियों में अनेक सड़कें जर्जर हैं। जिन पर से चलना खतरे से खाली नहीं है।
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कुछ सड़कें स्मार्ट सिटी योजना में ली गई हैं, जिन पर जल्द काम शुरू होना है। इसके अलावा कई सड़कों को बनाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी पर है। नगर निगम की जो भी सड़कें हैं ज्यादातर ठीक हैं। बाकी बरसात में टूटी सड़कों का सर्वे कराया जा रहा है।

- आलोक श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, नगर निगम।
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बस अड्डा नहीं होने की वजह से बसें अलग अलग जगहों से संचालित करनी पड़ रही हैं। बस अड्डे की जमीन के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम से सहयोग लिया जा रहा है। जैसे ही जमीन फाइनल होगी तुरंत बसों का संचालन वहीं से कर दिया जाएगा।
- परवेज बशीर, प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम
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