सहारनपुर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विश्व एमएसएमई दिवस मनाया गया। उन्होंने कहा कि कृषि के बाद एमएसएमई सेक्टर सबसे अधिक रोजगार देता है।
प्रताप मार्केट स्थित कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में आईआईए के चैप्टर चेयरमैन प्रमोद सड़ाना ने कहा कि वर्ष 2017 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में पारित प्रस्ताव के बाद से हर वर्ष 27 जून को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम आकार का उद्यम दिवस पूरे विश्व में मनाना शुरू कर दिया है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को एमएसएमई के प्रति जागरूक करना और उसके महत्व के बारे में लोगों को जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार एमएसएमई सेक्टर में है। विश्व में 70 प्रतिशत व्यापार एमएसएमई सेक्टर के माध्यम से ही होता है। साथ ही विश्व में रोजगार देने में इस क्षेत्र की भागेदारी 50 प्रतिशत से भी अधिक है। यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। भारत में 6.3 करोड़ एमएसएमई के माध्यम से 11.1 करोड़ लोगों को रोजगार प्राप्त है और देश की जीडीपी में इस क्षेत्र का योगदान 30 प्रतिशत से भी अधिक है। अग्रणी बैंक प्रबंधक संतोष कुमार ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर के लिए बैंक की नई नीति आ चुकी है। इसमें एमएसएमई सेक्टर के लिए कई योजनाएं हैं। इस मौके पर सुषमा बजाज, अनिल अग्रवाल, दर्शन कुमार गुप्ता, रोहित मल्होत्रा, अंशुल अग्रवाल, सुरेंद्र मोहन कालरा, अमित देवरानी, आकाश जाटव, निखिल कुकरेजा एवं नावेद अहमद को संस्था द्वारा एमएसएमई अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केआर सिंघल, आरके धवन, राजेश सपरा, सुनील सैनी, सतीश अरोड़ा, राजेश गुप्ता, सरदार मनमोहन सिंह, योगेश कुमार, विकास मलिक, वीरभान भटेजा, रोहित गिरधर, गौरांग अरोड़ा, अरविंद खन्ना, नौशाद अहमद, गुलशेर आदि मौजूद रहे।