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यदि मोदी यूपी से चुनाव नहीं लड़ेंगे, तो मैं भी चुनाव नहीं लडूंगा : चंद्रशेखर

Mon, 18 Mar 2019 11:33 PM IST
Prag Gupta ब्यूरो, सहारनपुर
ब्यूरो, सहारनपुर Published by: Prag Gupta Updated Mon, 18 Mar 2019 11:33 PM IST
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If Modi does not fight elections from UP, then I will not even contest elections: Chandrasekhar
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में बहुजन हितों की बातें, संविधान बचाओ का नारा और भाजपा तथा आरएसएस पर निशाना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूपी से चुनाव हराने का ऐलान करके इन दिनों सुर्खियों में हैं भीम आर्मी भारत एकता मिशन के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद। सहारनपुर जिले के ग्राम पंचायत छुटलमपुर की गलियों से निकले चंद्रशेखर आजाद की पहचान देश भर में बन चुकी है।
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बेबाकी से अपनी बात रखना और भाजपा पर हमलावर होना उनकी आदत है। बहुजन हुंकार रैली रोकने के दौरान तबीयत खराब होने पर जब अस्पताल में भर्ती चंद्रशेखर आजाद से कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी मिलने पहुंची, तो राजनीतिक गलियारों में आगामी चुनाव के मद्देनजर भीम आर्मी की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं जोर पकड़ गईं। पेश है चंद्रशेखर आजाद से विशेष बातचीत के अंश ... 
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सवाल ---- अब तक राजनीति से दूर रहने की बात कहने वाले चंद्रशेखर एकाएक चुनाव मैदान में उतरने की बात कैसे करने लगे ? 
जवाब -- हम नहीं चाहते कि नरेंद्र मोदी दोबारा यूपी से चुनाव जीतें। मुझे राजनीति करनी होती, तो देशभर में 542 सीटें है, कहीं से भी चुनाव लड़ सकता था। भाजपा और नरेंद्र मोदी बहुजन विरोधी हैं, इसलिए उनको हराने का संकल्प किया है। यदि नरेंद्र मोदी यूपी की किसी सीट से चुनाव नहीं लडे़ंगे, तो मैं भी चुनाव नहीं लड़ूंगा। 
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सवाल --- भाजपा एससी-एसटी की मददगार होने का दावा करती है और योजनाओं का हवाला देती है, तो आप भाजपा को बहुजन विरोधी कैसे मानते हैं ? 
जवाब--- कहने और करने में बहुत फर्क है। 2014 में मोदीजी बड़े बड़े नारे लाए थे, काला धन लाएंगे, दो करोड़ नौकरियां देंगे, मगर वह अपनी बात के विपरीत रहे। जीएसटी और रिटेल में एफडीआई के विरोधी थे, लेकिन उन्होंने ही इन्हें लागू किया। उनके शासनकाल में शब्बीरपुर कांड हुआ, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में अनुसूचित जाति वर्ग का बजट खत्म किया जा रहा है। रोहित वेमुला की मौत हुई। बहुजन वर्ग के हित में काम नहीं होता, सिर्फ बड़ी बड़ी बातें की जाती हैं। 

सवाल ----- यदि नरेंद्र मोदी वाराणसी से ही चुनाव लड़े और गठबंधन ने भी अपना प्रत्याशी उतारा, तो आपका कदम क्या होगा ? 
जवाब-- अभी वाराणसी का चुनाव होने में समय है। हमने गठबंधन तक खबर पहुंचा दी है, गठबंधन भी भाजपा को हराना चाहता है और हम भी। यदि नरेंद्र मोदी वाराणसी से चुनाव लड़े, तो गठबंधन से मजबूत प्रत्याशी न होने पर समर्थन लिया जाएगा और चुनाव लड़ूूंगा। यदि उन्होंने यूपी से चुनाव नहीं लड़ा, तो मैं भी चुनाव मैदान में नहीं उतरूंगा। 

सवाल ------ बसपा प्रमुख आपकी बातों से इत्तेफाक नहीं रखती, तो आपको चुनाव में समर्थन कैसे मिल पाएगा ? 
जवाब -- 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा आमने सामने लड़े। राजनीति में कोई किसी का स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता। गठबंधन के नेता भी समझते हैं कि चंद्रशेखर ही नरेंद्र मोदी को हरा सकता है। सपा और बसपा भी भाजपा को हराना चाहती हैं, हमारा भी यही मकसद है। उम्मीद है कि जो गलतफहमी हैं, वह भविष्य में दूर हो जाएंगी। 

सवाल ---- चुनाव नहीं लड़े, तो भीम आर्मी की तरफ से किस राजनीतिक दल का समर्थन किया जाएगा ?  
जवाब ---- साहब कांशीराम के दिखाए रास्ते पर हमें चलना है, बहुजन हितों की लड़ाई लड़नी है। पूरे देश में उसी प्रत्याशी का सहयोग करेंगे, जो भाजपा को हराएगा। भाजपा दोबारा सत्ता में आई, तो दमनकारी नीतियां बढ़ जाएंगी। क्योंकि भाजपा के राज में कोई विरोध करता है, तो सीबीआई के छापे पड़ जाते हैं। उर्जित पटेल से लेकर अन्य लोगों के साथ ऐसा हुआ है। 

सवाल ---- अस्पताल में प्रियंका गांधी आपसे मिलने आई, क्या उनसे आपकी कोई राजनीतिक चर्चा भी हुई? 
जवाब ---- कुछ रिश्ते राजनीति से अलग मानवता के भी होते हैं। उसी के नाते प्रियंका गांधी उनसे मिलने अस्पताल पहुंची थीं, उन्होंने भाई कहकर हाल पूछा, इससे ज्यादा कुछ नहीं। देश में विभिन्न जाति और बोली के लोग भाईचारे से रहते हैं, यही लोकतांत्रिक देश की खूबसूरती है। 


सवाल ----- बसपा, सपा आपका समर्थन नहीं करते, न आपसे कोई मिलने पहुंचा 
जवाब ----- हो सकता है कि वह व्यस्त हों, या फिर मिलना नहीं चाहते हों, लेकिन सब अपना अपना काम कर रहे हैं। देश बहुत बड़ा है, सबकी अपनी राय है। वह क्यों नहीं आए, इस पर कोई कमेंट नहीं करना चाहूंगा। 
सवाल ---- यदि भविष्य में राजनीति में आए और चुनाव जीते तो क्या करेंगे 
जवाब ----- साहब कांशीराम के बताए रास्ते पर चलेंगे। एससीएसटी और ओबीसी को पदोन्नति में आरक्षण दिलाना, संसाधन 
विहीन समाज को निजी क्षेत्र में भी आरक्षण दिलाना है। मुझे मौका मिलेगा, तो गरीब सवर्णों को मिलने वाला आरक्षण समाप्त कराया जाएगा। 
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