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Saharanpur News: सैकड़ों परिवारों को बंधी पक्के मकान की आस
Sat, 04 Feb 2023 11:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 04 Feb 2023 11:58 PM IST
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अधूरा पड़ा मकान
सहारनपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना का बजट 66 फीसदी बढ़ाने की घोषणा की है। इससे उन लोगों को अपनी पक्की छत मिलने की उम्मीद बंधी है, जो किन्हीं कारणों से अभी तक आवेदन नहीं कर सके थे या उनके आवेदन स्वीकार नहीं हो सके थे, साथ ही जिन लाभार्थियों के मकानों के निर्माण किस्त नहीं आने की वजह से अधूरे लटके हैं उनको भी किस्त जल्द जारी होने और मकान पूर्ण होने की आस बढ़ी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने जनपद के हजारों परिवारों का पक्के मकान का सपना साकार किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की बात करें तो अभी तक 14,190 आवेदनों को स्वीकृति मिली है। इनमें से अभी तक 9,303 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 4732 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनकी किस्त रुकने के कारण उनके मकानों के निर्माण अधूरे पड़े हैं। ऐसे परिवार मकान पूूर्ण नहीं होने के कारण कई परिवार तिरपाल और टीनशेड में रह रहे हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में ही कई परिवार ऐसे हैं, जो चार से पांच बार तक आवेदन कर चुके हैं, लेकिन उनको अपात्र बताकर आवेदन अस्वीकार कर दिए जाते हैं।
योजना 2022 तक बताई जा रही थी, लेकिन केंद्र सरकार ने बजट 2023 में योजना का बजट 66 फीसदी बढ़ाने की घोषणा कर आवास के लिए भटक रहे पात्र परिवारों में उम्मीद की किरण पैदा की है, साथ ही जिन हजारों लाभार्थियों के मकान किस्त नहीं आने के कारण अधूरे हैं उनको भी किस्त जारी होने और मकान पूर्ण होने की उम्मीद जगी है।
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पीड़ितों की बात
शहरी क्षेत्र के लाभार्थियों को योजना का 2.5 लाख रुपया तीन किस्तों में मिलता है। पहली किस्त 50 हजार रुपये की होती है, जिससे मकान की नींव भरनी होती है। दूसरी किस्त 1.5 लाख की होती है, जिससे मकान की दीवारें और लिंटर डलता है। तीसरी किस्त फिर से 50 हजार रुपये की होती है, जिससे प्लास्टर और फर्श आदि कराना होता है। गांव ज्ञानागढ़ निवासी रेखा के मकान की दो किस्तें आ चुकी हैं, लेकिन तीसरी किस्त नहीं आई है। मकान अधूरा पड़ा है। हुकम के भी मकान का लिंटर डल चुका है, लेकिन तीसरी किस्त का इंतजार है। कई परिवार ऐसे हैं, जिनके आवेदन आज तक स्वीकार नहीं हुए हैं। इनमें हकीमपुरा निवासी रामजीलाल, सुनहेरी, बिशनपुरी निवासी अमन कुमार आदि ऐसे लोग हैं, जो कई बार आवेदन कर चुके हैं, लेकिन आवेदन स्वीकार नहीं हुआ है, जबकि उक्त लोगों के परिवार टीनशेड और तिरपाल में रहते हैं।
-- -- --
पीएम आवास योजना (शहरी) अभी तक
कुल स्वीकृति-- -- -- -- -- -- 14,190
पूर्ण हुए मकान-- -- -- -- -- -9,303
केवल दो किस्त पहुंची-- -- -3,838
केवल एक किस्त पहुंची-- -- 894
एक भी किस्त नहीं पहुंची-- -155
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वर्जन:-
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का बजट बढ़ाया है। गजट आने के बाद साफ होगा कि शहरी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र में किसकी कितनी भागीदारी रहेगी, लेकिन बजट बढ़ने से और अर्ह व नए परिवारों को लाभ मिल सकेगा। रही बात अधूरे पड़े मकानों की तो उनकी किस्त तो जरूर आएगी।
रजनी पुंडीर, परियोजना अधिकारी, डूडा।
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प्रधानमंत्री आवास योजना ने जनपद के हजारों परिवारों का पक्के मकान का सपना साकार किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की बात करें तो अभी तक 14,190 आवेदनों को स्वीकृति मिली है। इनमें से अभी तक 9,303 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 4732 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनकी किस्त रुकने के कारण उनके मकानों के निर्माण अधूरे पड़े हैं। ऐसे परिवार मकान पूूर्ण नहीं होने के कारण कई परिवार तिरपाल और टीनशेड में रह रहे हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में ही कई परिवार ऐसे हैं, जो चार से पांच बार तक आवेदन कर चुके हैं, लेकिन उनको अपात्र बताकर आवेदन अस्वीकार कर दिए जाते हैं।
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योजना 2022 तक बताई जा रही थी, लेकिन केंद्र सरकार ने बजट 2023 में योजना का बजट 66 फीसदी बढ़ाने की घोषणा कर आवास के लिए भटक रहे पात्र परिवारों में उम्मीद की किरण पैदा की है, साथ ही जिन हजारों लाभार्थियों के मकान किस्त नहीं आने के कारण अधूरे हैं उनको भी किस्त जारी होने और मकान पूर्ण होने की उम्मीद जगी है।
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पीड़ितों की बात
शहरी क्षेत्र के लाभार्थियों को योजना का 2.5 लाख रुपया तीन किस्तों में मिलता है। पहली किस्त 50 हजार रुपये की होती है, जिससे मकान की नींव भरनी होती है। दूसरी किस्त 1.5 लाख की होती है, जिससे मकान की दीवारें और लिंटर डलता है। तीसरी किस्त फिर से 50 हजार रुपये की होती है, जिससे प्लास्टर और फर्श आदि कराना होता है। गांव ज्ञानागढ़ निवासी रेखा के मकान की दो किस्तें आ चुकी हैं, लेकिन तीसरी किस्त नहीं आई है। मकान अधूरा पड़ा है। हुकम के भी मकान का लिंटर डल चुका है, लेकिन तीसरी किस्त का इंतजार है। कई परिवार ऐसे हैं, जिनके आवेदन आज तक स्वीकार नहीं हुए हैं। इनमें हकीमपुरा निवासी रामजीलाल, सुनहेरी, बिशनपुरी निवासी अमन कुमार आदि ऐसे लोग हैं, जो कई बार आवेदन कर चुके हैं, लेकिन आवेदन स्वीकार नहीं हुआ है, जबकि उक्त लोगों के परिवार टीनशेड और तिरपाल में रहते हैं।
पीएम आवास योजना (शहरी) अभी तक
कुल स्वीकृति
पूर्ण हुए मकान
केवल दो किस्त पहुंची
केवल एक किस्त पहुंची
एक भी किस्त नहीं पहुंची
वर्जन:-
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का बजट बढ़ाया है। गजट आने के बाद साफ होगा कि शहरी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र में किसकी कितनी भागीदारी रहेगी, लेकिन बजट बढ़ने से और अर्ह व नए परिवारों को लाभ मिल सकेगा। रही बात अधूरे पड़े मकानों की तो उनकी किस्त तो जरूर आएगी।
रजनी पुंडीर, परियोजना अधिकारी, डूडा।