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रजबाहे की पटरी टूटी, सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
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नानौता के गांव ठसका में रजबाहे की पटरी टूटने से जलमग्र खेत।
- फोटो : SAHARANPUR
नानौता(सहारनपुर)। क्षेत्र के ग्राम ठसका में रामपुरी रजबहे की पटरी टूटने से करीब पांच सौ बीघा गेहूं, गन्ना और सरसों की फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो गई। रजबहा टूटने से किसानों में विभागीय अधिकारियों के प्रति गुस्सा है। पीड़ित किसानों ने मुआवजे की मांग के साथ ही पटरी टूटने के स्थान को पक्की कराने की मांग की ।
क्षेत्र के ग्राम ठसका के ग्रामीण मुल्कीराज सिंह, रामपाल शर्मा, समय सिंह, भूषण सिंह, शेर सिंह, साहब सिंह, जोनी, मुकेश, डॉ. तौफीक, शफीक, रफीक अहमद, सतेंद्र, राम कुमार, सतपाल सिंह, श्रवण, अशोक आदि ने बताया कि रजबहे की पटरी टूटने से उनकी खेतों में खड़ी गेहूं, गन्ना, सरसों, हल्दी, बरसीम की करीब 500 बीघा फसल बर्बाद हो चुकी है। जबकि रजबहे की पटरी टूटने का मुख्य कारण नहर की सफाई के दौरान चूहों द्वारा रजबहे की पटरी में सोरी (सुराख) होना बताया जा रहा है।
किसानों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों एसडीओ व जेई को इस संबंध में कई बार अवगत कराया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ितों ने जिला प्रशासन से उनकी नष्ट हुई फसलों का आंकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई ने कहा रजबहे को बंद करा दिया गया है। जल्द पटरी को ठीक कराया जाएगा।
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क्षेत्र के ग्राम ठसका के ग्रामीण मुल्कीराज सिंह, रामपाल शर्मा, समय सिंह, भूषण सिंह, शेर सिंह, साहब सिंह, जोनी, मुकेश, डॉ. तौफीक, शफीक, रफीक अहमद, सतेंद्र, राम कुमार, सतपाल सिंह, श्रवण, अशोक आदि ने बताया कि रजबहे की पटरी टूटने से उनकी खेतों में खड़ी गेहूं, गन्ना, सरसों, हल्दी, बरसीम की करीब 500 बीघा फसल बर्बाद हो चुकी है। जबकि रजबहे की पटरी टूटने का मुख्य कारण नहर की सफाई के दौरान चूहों द्वारा रजबहे की पटरी में सोरी (सुराख) होना बताया जा रहा है।
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किसानों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों एसडीओ व जेई को इस संबंध में कई बार अवगत कराया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ितों ने जिला प्रशासन से उनकी नष्ट हुई फसलों का आंकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई ने कहा रजबहे को बंद करा दिया गया है। जल्द पटरी को ठीक कराया जाएगा।
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