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प्रदूषण कैसे लगे लगाम, कार्रवाई करने में अधिकारी नाकाम
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शहर में चूने से लदा ट्रक धूल उड़ाता हुआ।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जनपद में कई उद्योग और फैैक्टरियां धड़ल्ले से जल, वायु और मिट्टी में प्रदूषण का जहर घोल रहे हैं। शिकायतों के बाद नियंत्रण बोर्ड नोटिस भेजने तक सीमित है। इतना ही नहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से 30 फीट दूरी पर ढमोला नदी में कुछ लोग कचरा डाल रहे हैं, जिसे भी रोक पाने में बोर्ड के अधिकारी नाकाम हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो विभाग अपनी नाक के नीचे नदी को दूषित होने से बचाने में लापरवाही बरत रहा है वह जिले भर में प्रदूषण फैला रहे उद्योग धंधों पर क्या कार्रवाई करता होगा?
महानगर में जींस और बनियान के कपड़ों की रंगाई के लिए कईं फैक्टरियां हैं। ये फैक्टरियां कपड़े की रंगाई के बाद केमिकलयुक्त पानी को सीधे नाले में बहा देती हैं। हकीमपुरा, सराय, बेहट रोड, नूर बस्ती, हिरन मारान आदि ऐसी जगह हैं जहां ऐसा किया जा रहा है। इसके अलावा कई उद्योग दिल्ली रोड, देहरादून रोड, अंबाला रोड और बेहट रोड क्षेत्र में वायु प्रदूषण फैला रहे हैं। बेहट रोड पर पुराने टायरों से तेल निकालने वाली फैक्टरी कई साल से प्रदूषण फैला रही है, जिसकी शिकायत भी लोग कई बार कर चुके हैं। खास बात यह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास जनपद या केवल शहर में संचालित ऐसे उद्योगों का कोई आंकड़ा नहीं है। इतना ही नहीं शहर के बीच से होकर गुजर रही पांवधोई और ढमोला नदियां पूरी तरह दूषित हो चुकी हैं। ढमोला नदी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय से करीब 30 फीट की दूरी से बह रही है। जिसमें कार्यालय के सामने ही लोग घरों का कचरा डाल रहे हैं। बोर्ड अपनी आंखों के सामने ही नदी में कचरा डालने से लोगों को नहीं रोक पा रहा है।
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नोटिस देने के बाद शांत बैठे अधिकारी
बीते दिनों वार्ड 39 के पार्षद प्रदीप उपाध्याय ने उनके क्षेत्र में खुले में चूना फैलाने वाले उद्योग के खिलाफ शासन में आईजीआरएस के तहत शिकायत की थी। मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संबंधित उद्योग को नोटिस जारी किया था। बोर्ड अधिकारियों ने भी माना था कि उद्योग शर्तों का पालन नहीं करते हुए जल और वायु प्रदूषण फैला रहा है। उद्योग को सात दिन में जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। पार्षद ने अब नगर आयुक्त से भी शिकायत की है।
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ईंट भट्ठे भी फैला रहे हवा में जहर
एनजीटी ने शहरी क्षेत्र में संचालित ईंट भट्ठों को शहर से बाहर करने के आदेश करीब दो वर्ष पहले दिए थे, लेकिन महानगर में लगातार ईंट भट्ठे चल रहे हैं, जो हवा में जहर भी घोल रहे हैं। दाबकी क्षेत्र में ईंट भट्ठों के चलने से राख उड़कर आसपास की कॉलोनियों में पहुंच रही है। इसी प्रकार गांव रामगढ़ और कोलागढ़ क्षेत्र, नवादा रोड और बेहट रोड पर भी कईं ईंट भट्ठे वायु प्रदूषण का कारण बने हुए हैं।
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- जनपद में संचालित उद्योगों और फैक्टरियों का कोई सटीक आंकड़ा अभी नहीं है। रही बात प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों और फैक्टरियों पर कार्रवाई की तो उसमें नगर निगम, प्राधिकरण सहित कई विभाग शामिल हैं। समन्वय नहीं बैठ पाने की वजह से कई बार कार्रवाई नहीं हो पाती है। इसके अलावा खुले में चूना डालने वाले उद्योग को तीन माह पहले नोटिस भेजा गया था। सात दिन में जवाब देने को कहा था, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
- डॉ. डीसी पांडेय, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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महानगर में जींस और बनियान के कपड़ों की रंगाई के लिए कईं फैक्टरियां हैं। ये फैक्टरियां कपड़े की रंगाई के बाद केमिकलयुक्त पानी को सीधे नाले में बहा देती हैं। हकीमपुरा, सराय, बेहट रोड, नूर बस्ती, हिरन मारान आदि ऐसी जगह हैं जहां ऐसा किया जा रहा है। इसके अलावा कई उद्योग दिल्ली रोड, देहरादून रोड, अंबाला रोड और बेहट रोड क्षेत्र में वायु प्रदूषण फैला रहे हैं। बेहट रोड पर पुराने टायरों से तेल निकालने वाली फैक्टरी कई साल से प्रदूषण फैला रही है, जिसकी शिकायत भी लोग कई बार कर चुके हैं। खास बात यह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास जनपद या केवल शहर में संचालित ऐसे उद्योगों का कोई आंकड़ा नहीं है। इतना ही नहीं शहर के बीच से होकर गुजर रही पांवधोई और ढमोला नदियां पूरी तरह दूषित हो चुकी हैं। ढमोला नदी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय से करीब 30 फीट की दूरी से बह रही है। जिसमें कार्यालय के सामने ही लोग घरों का कचरा डाल रहे हैं। बोर्ड अपनी आंखों के सामने ही नदी में कचरा डालने से लोगों को नहीं रोक पा रहा है।
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नोटिस देने के बाद शांत बैठे अधिकारी
बीते दिनों वार्ड 39 के पार्षद प्रदीप उपाध्याय ने उनके क्षेत्र में खुले में चूना फैलाने वाले उद्योग के खिलाफ शासन में आईजीआरएस के तहत शिकायत की थी। मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संबंधित उद्योग को नोटिस जारी किया था। बोर्ड अधिकारियों ने भी माना था कि उद्योग शर्तों का पालन नहीं करते हुए जल और वायु प्रदूषण फैला रहा है। उद्योग को सात दिन में जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। पार्षद ने अब नगर आयुक्त से भी शिकायत की है।
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ईंट भट्ठे भी फैला रहे हवा में जहर
एनजीटी ने शहरी क्षेत्र में संचालित ईंट भट्ठों को शहर से बाहर करने के आदेश करीब दो वर्ष पहले दिए थे, लेकिन महानगर में लगातार ईंट भट्ठे चल रहे हैं, जो हवा में जहर भी घोल रहे हैं। दाबकी क्षेत्र में ईंट भट्ठों के चलने से राख उड़कर आसपास की कॉलोनियों में पहुंच रही है। इसी प्रकार गांव रामगढ़ और कोलागढ़ क्षेत्र, नवादा रोड और बेहट रोड पर भी कईं ईंट भट्ठे वायु प्रदूषण का कारण बने हुए हैं।
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- जनपद में संचालित उद्योगों और फैक्टरियों का कोई सटीक आंकड़ा अभी नहीं है। रही बात प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों और फैक्टरियों पर कार्रवाई की तो उसमें नगर निगम, प्राधिकरण सहित कई विभाग शामिल हैं। समन्वय नहीं बैठ पाने की वजह से कई बार कार्रवाई नहीं हो पाती है। इसके अलावा खुले में चूना डालने वाले उद्योग को तीन माह पहले नोटिस भेजा गया था। सात दिन में जवाब देने को कहा था, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
- डॉ. डीसी पांडेय, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।

हर के बाहर खुले में डाला गया बुझा हुआ चूना।- फोटो : SAHARANPUR

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय के बाहर से बहती ढमोला नदी और उसमें किनारे पर डाला गया कचरा।- फोटो : SAHARANPUR

ढमोले के किनारे डाला गया कूड़ा- फोटो : SAHARANPUR