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छात्राओं को बताया पढ़ाई के साथ-साथ कैसे रहे स्वस्थ
Wed, 17 Apr 2019 11:18 PM IST
Prag Gupta
ब्यूरो, सहारनपुर
ब्यूरो, सहारनपुर
Published by: Prag Gupta
Updated Wed, 17 Apr 2019 11:18 PM IST
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अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियंस स्माइल अभियान के तहत बुधवार को बेहट स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में हेल्थ केयर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बालिकाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई गई और उनका मेडिकल चेकअप भी किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नितिन कंदवाल साढ़ोली कदीम ने छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि उनके जीवन में होने वाले परिवर्तन उनकी दशा और दिशा दोनों को बदल देते है। इसलिए पढ़ाई के साथ साथ अपने आप को स्वस्थ रखना भी एक अहम कार्य है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूलों में सामान्य मेडिकल चेकअप होते रहते हैं। उन्होंने बालिकाओं से सवाल किया कि यह सामान्य चेकअप आपका भी होता है या नहीं? जिस पर बालिकाओं ने हां में जवाब दिया। उनके द्वारा बालिकाओं को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से संचालित स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
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उन्होंने छात्राओं को आयरन की गोली समय पर खाते रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि आयरन की गोली खून की कमी पूरी होती है और ब्रेन का विकास होता है। इसके अलावा आयरन किट भूख न लगने की कमी को भी दूर करती है। उन्होंने बालिकाओं को नाखूनों को नहीं बढ़ाने के साथ ही कहा कि प्रतिदिन दो बार दांतों पर ब्रश करें। एक सुबह उठकर और दूसरे रात में खाना खाने के बाद।
इससे दांतों की बीमारियों से दूर रहा जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं को बताया कि पेट में कीड़े होने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। पेट में पैदा होने वाले कीड़े शरीर को ग्रोथ नहीं करने देते और हमारे द्वारा ले जाने वाले पोस्टिक आहार का भी हमारे शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रदेश स्तर पर कृमि मुक्त अभियान के तहत स्वास्थ्य योजना संचालित की गई, जिसका हम सभी लाभ ले सकते है। पेट में कीड़े होने पर एल्बेंडाजोल की गोली अवश्य लें। इसके अलावा खाली पेट किसी भी प्रकार की मेडिसन न लें और खाना खाने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोने चाहिए, क्योंकि गंदे हाथों से खाना खाने से कीटाणु हमारे शरीर में पहुंचकर हमें बीमार कर सकते है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेहट से डॉ. भावना गर्ग ने बताया कि बच्चियों को उम्र के हिसाब से होने वाले परिवर्तनों से नहीं घबराना चाहिए। यह एक प्रक्रिया है। इससे सभी लड़कियों को गुजरना होता है। ये सब हॉर्मोंस के बदलाव के चलते होता है। इसके बारे में जानकारी बहुत जरूरी है। बताया कि कभी भी उन दिनों में सेनेटरी नैपकिन के अलावा कुछ भी प्रयोग नहीं करना चाहिए।
यदि माहवारी के समय रक्तस्राव 5 दिनों से अधिक हो तो किसी भी महिला डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। रोजाना नहाना चाहिए और साफ धुले कपड़े पहनने चाहिए। आयरन की कमी को पूरा करने के लिए आयरन की गोली के साथ-साथ हरी पत्तेदार सब्जियां, चने, सेब, अनार आदि का सेवन करें।
इस मौके पर विद्यालय की प्रभारी वार्डन अंजू यादव, अध्यापक सुहेल खान, अध्यापिका प्रियांशु शर्मा, गुड्डन देवी, शशि श्रीवास्तव आदि की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में महिला डॉक्टर भावना गर्ग ने छात्राओं का मेडिकल चेकअप किया। कक्षा आठ की छात्रा सुमैया अपने हाथों पैरों में दर्द होने की समस्या बताइए इसी कक्षा की शगुन और प्राची ने सिर में दर्द रहने की समस्या बताई। उनके द्वारा करीब 70 छात्राओं का चेकअप किया गया। कुछ छात्राओं को उन्होंने दवाइयां लिखकर दी और कुछ को दवाई लेने के लिए अस्पताल बुलाया। इसके अलावा उन्होंने छात्राओं की समस्याओं का समाधान भी किया और कुछ समस्याओं के उपाय भी बताए।
अमर उजाला का अपराजिता 100 मिलियंस स्माइल अभियान समाज सेवा के क्षेत्र में एक अनूठी पहल। इस अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को कुछ नया सीखने को मिलता है। - अंजू यादव, प्रभारी वार्डन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय
अपराजिता अभियान के तहत हेल्थ केयर जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से अमर उजाला छात्र/छात्राओं की समस्याओं का समाधान करने में एक अच्छी पहल कर रहा है। यह एक अच्छा और सराहनीय कदम है। - डॉ. नितिन कंदवाल, प्रभारी चिकित्साधिकारी
अपराजिता अभियान के तहत अमर उजाला द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ाने की दिशा किया गया एक अच्छा और सराहनीय कार्य है। - डॉ. भावना गर्ग।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नितिन कंदवाल साढ़ोली कदीम ने छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि उनके जीवन में होने वाले परिवर्तन उनकी दशा और दिशा दोनों को बदल देते है। इसलिए पढ़ाई के साथ साथ अपने आप को स्वस्थ रखना भी एक अहम कार्य है।
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उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूलों में सामान्य मेडिकल चेकअप होते रहते हैं। उन्होंने बालिकाओं से सवाल किया कि यह सामान्य चेकअप आपका भी होता है या नहीं? जिस पर बालिकाओं ने हां में जवाब दिया। उनके द्वारा बालिकाओं को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से संचालित स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
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उन्होंने छात्राओं को आयरन की गोली समय पर खाते रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि आयरन की गोली खून की कमी पूरी होती है और ब्रेन का विकास होता है। इसके अलावा आयरन किट भूख न लगने की कमी को भी दूर करती है। उन्होंने बालिकाओं को नाखूनों को नहीं बढ़ाने के साथ ही कहा कि प्रतिदिन दो बार दांतों पर ब्रश करें। एक सुबह उठकर और दूसरे रात में खाना खाने के बाद।
इससे दांतों की बीमारियों से दूर रहा जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं को बताया कि पेट में कीड़े होने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। पेट में पैदा होने वाले कीड़े शरीर को ग्रोथ नहीं करने देते और हमारे द्वारा ले जाने वाले पोस्टिक आहार का भी हमारे शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रदेश स्तर पर कृमि मुक्त अभियान के तहत स्वास्थ्य योजना संचालित की गई, जिसका हम सभी लाभ ले सकते है। पेट में कीड़े होने पर एल्बेंडाजोल की गोली अवश्य लें। इसके अलावा खाली पेट किसी भी प्रकार की मेडिसन न लें और खाना खाने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोने चाहिए, क्योंकि गंदे हाथों से खाना खाने से कीटाणु हमारे शरीर में पहुंचकर हमें बीमार कर सकते है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेहट से डॉ. भावना गर्ग ने बताया कि बच्चियों को उम्र के हिसाब से होने वाले परिवर्तनों से नहीं घबराना चाहिए। यह एक प्रक्रिया है। इससे सभी लड़कियों को गुजरना होता है। ये सब हॉर्मोंस के बदलाव के चलते होता है। इसके बारे में जानकारी बहुत जरूरी है। बताया कि कभी भी उन दिनों में सेनेटरी नैपकिन के अलावा कुछ भी प्रयोग नहीं करना चाहिए।
यदि माहवारी के समय रक्तस्राव 5 दिनों से अधिक हो तो किसी भी महिला डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। रोजाना नहाना चाहिए और साफ धुले कपड़े पहनने चाहिए। आयरन की कमी को पूरा करने के लिए आयरन की गोली के साथ-साथ हरी पत्तेदार सब्जियां, चने, सेब, अनार आदि का सेवन करें।
इस मौके पर विद्यालय की प्रभारी वार्डन अंजू यादव, अध्यापक सुहेल खान, अध्यापिका प्रियांशु शर्मा, गुड्डन देवी, शशि श्रीवास्तव आदि की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में महिला डॉक्टर भावना गर्ग ने छात्राओं का मेडिकल चेकअप किया। कक्षा आठ की छात्रा सुमैया अपने हाथों पैरों में दर्द होने की समस्या बताइए इसी कक्षा की शगुन और प्राची ने सिर में दर्द रहने की समस्या बताई। उनके द्वारा करीब 70 छात्राओं का चेकअप किया गया। कुछ छात्राओं को उन्होंने दवाइयां लिखकर दी और कुछ को दवाई लेने के लिए अस्पताल बुलाया। इसके अलावा उन्होंने छात्राओं की समस्याओं का समाधान भी किया और कुछ समस्याओं के उपाय भी बताए।
अमर उजाला का अपराजिता 100 मिलियंस स्माइल अभियान समाज सेवा के क्षेत्र में एक अनूठी पहल। इस अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को कुछ नया सीखने को मिलता है। - अंजू यादव, प्रभारी वार्डन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय
अपराजिता अभियान के तहत हेल्थ केयर जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से अमर उजाला छात्र/छात्राओं की समस्याओं का समाधान करने में एक अच्छी पहल कर रहा है। यह एक अच्छा और सराहनीय कदम है। - डॉ. नितिन कंदवाल, प्रभारी चिकित्साधिकारी
अपराजिता अभियान के तहत अमर उजाला द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ाने की दिशा किया गया एक अच्छा और सराहनीय कार्य है। - डॉ. भावना गर्ग।