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Saharanpur News: पीएम आवास योजना में मिले मकान को बनाया गोदाम, बेचने की तैयारी
Thu, 07 May 2026 01:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 07 May 2026 01:12 AM IST
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सहारनपुर। पीएम आवास योजना में हर रोज गड़बड़ी के नए मामले सामने आ रहे हैं। शकलापुरी मार्ग पर भी ऐसा ही प्रकरण आया है। योजना में मिले मकान को गोदाम में बदल दिया गया और उस पर लिख भी दिया कि यह गोदाम बिकाऊ है। नियमानुसार, योजना के तहत केवल मकान का निर्माण हो सकता है। मामला संज्ञान में आने पर विभाग की तरफ से जांच शुरू कर दी गई है।
पीएम आवास योजना 1.0 में जनपद के नगरीय क्षेत्रों में करीब 35 हजार लोगों को मकान मिला है। योजना में गड़बड़ी के मामले कई बार सामने आए हैं। सैकड़ों की संख्या में आवेदनकर्ता अपात्र पाए गए, जिन्हें योजना से बाहर किया गया।
ऐसा ही मामला शकलापुरी मार्ग का सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने पीएम आवास योजना के तहत मकान बनवाया। अब उस मकान के बाहर लिखा गया है कि गोदाम बिकाऊ है। गेट के पास में लगा योजना का शिलापट लकड़ी के बोर्ड से सालभर पहले ढका गया है, जिससे किसी काे यह पता न चले कि यह मकान पीएम आवास योजना में बना है।
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गोदाम बिकाऊ है के साथ मोबाइल नंबर भी दिए गए थे, जिन्हें मिटवा दिया गया है। यानी हो सकता है कि मकान बिक चुका हो, क्योंकि वह शकलापुरी मार्ग पर ऑनरोड है, जहां प्लॉट की ही कीमत 35 हजार रुपये प्रति वर्ग गज से अधिक है। उधर, पीएम आवास योजना में शर्त तय है कि कोई भी व्यक्ति पांच साल तक मकान को बेच नहीं सकता।
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पीएम आवास योजना 1.0 में जनपद के नगरीय क्षेत्रों में करीब 35 हजार लोगों को मकान मिला है। योजना में गड़बड़ी के मामले कई बार सामने आए हैं। सैकड़ों की संख्या में आवेदनकर्ता अपात्र पाए गए, जिन्हें योजना से बाहर किया गया।
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ऐसा ही मामला शकलापुरी मार्ग का सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने पीएम आवास योजना के तहत मकान बनवाया। अब उस मकान के बाहर लिखा गया है कि गोदाम बिकाऊ है। गेट के पास में लगा योजना का शिलापट लकड़ी के बोर्ड से सालभर पहले ढका गया है, जिससे किसी काे यह पता न चले कि यह मकान पीएम आवास योजना में बना है।
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गोदाम बिकाऊ है के साथ मोबाइल नंबर भी दिए गए थे, जिन्हें मिटवा दिया गया है। यानी हो सकता है कि मकान बिक चुका हो, क्योंकि वह शकलापुरी मार्ग पर ऑनरोड है, जहां प्लॉट की ही कीमत 35 हजार रुपये प्रति वर्ग गज से अधिक है। उधर, पीएम आवास योजना में शर्त तय है कि कोई भी व्यक्ति पांच साल तक मकान को बेच नहीं सकता।