{"_id":"60fefbcb8ebc3e58125b67ed","slug":"hospitals-gyms-and-industries-will-be-taxed-afresh-saharanpur-news-mrt549168033","type":"story","status":"publish","title_hn":"हॉस्पिटल, जिम और उद्योगों पर नए सिरे से लगेगा टैक्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हॉस्पिटल, जिम और उद्योगों पर नए सिरे से लगेगा टैक्स
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। निजी अस्पताल, क्लीनिक, जिम, उद्योग और लकड़ी के कारखानों आदि पर नगर निगम नए सिरे से टैक्स लगाएगा। नगरायुक्त ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को उक्त भवनों पर टैक्स का पुन:निर्धारण कराने के निर्देश दिए हैं।
शहर में नए-नए अस्पताल तैयार हो रहे हैं। अनेक पुराने अस्पताल भी हैं, जो लंबे समय से निगम को टैक्स नहीं दे रहे हैं। चूंकि निजी अस्पताल पूरी तरह व्यवसायिक हैं। ऐसे में उनसे अनिवार्य रूप से टैक्स वसूलने के लिए नगर निगम उनका पुन:निर्धारण करा रहा है। यदि किसी ने हॉस्पिटल का विस्तार किया है, तो उसका पुन:निर्धारण होगा और यदि नया बना है तो उसको भी टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। इसके अलावा कोरोना के बाद जिम का कारोबार भी बढ़ा है। अनेक जिम आवासीय भवनों में संचालित हो रहे हैं, जबकि उक्त भवनों पर पुराने समय से आवासीय टैक्स लगा हुआ है। ऐसे जिम को चिह्नित करके उनको व्यवसायिक दायरे में लाकर नए सिरे से टैक्स लगाया जाएगा।
उद्योगों की बात करें तो पुराने शहर खासकर मंडी और कुतुबशेर क्षेत्र में लकड़ी के बड़े-बड़े कारखाने संचालित हैं। हर साल बड़ी संख्या में नए कारखाने खड़े हो रहे हैं। ऐसे सभी कारखानों को चिह्नित कर उन पर भी टैक्स लगाया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों में लगे नए औद्योगिक भवनों पर भी टैक्स लगाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि शहर के विकास के लिए निगम की आमदनी बढ़ाया जाना बेहद जरूरी है। इसीलिए शत प्रतिशत व्यवसायिक भवनों को टैक्स के दायरे में लाया जा रहा है।
विज्ञापन
करीब 1,40,000 भवनों से लिया जा रहा टैक्स
नगर निगम क्षेत्र में 2,00000 (दो लाख) से अधिक आवासीय और व्यवसायिक भवन हैं। मगर नगर निगम अभी तक मात्र 1,40,000 (एक लाख 40 हजार) भवनों पर ही कर लगाया हुआ है। इनमें भी बड़ी संख्या में होटल सहित ऐसे भवन हैं जो कर नहीं चुका रहे हैं।
हमारा प्रयास यही है कि शत प्रतिशत भवनों को कर के दायरे में लाकर निगम की आय को बढ़ाया जा सके। निगम की आय बढ़ेगी तो शहर का सर्वांगीण विकास भी होगा। बड़े बकाएदारों से अपील है कि वह 31 जुलाई से पहले टैक्स जमा करा दें। अन्यथा निगम उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई करेगा।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
विज्ञापन
शहर में नए-नए अस्पताल तैयार हो रहे हैं। अनेक पुराने अस्पताल भी हैं, जो लंबे समय से निगम को टैक्स नहीं दे रहे हैं। चूंकि निजी अस्पताल पूरी तरह व्यवसायिक हैं। ऐसे में उनसे अनिवार्य रूप से टैक्स वसूलने के लिए नगर निगम उनका पुन:निर्धारण करा रहा है। यदि किसी ने हॉस्पिटल का विस्तार किया है, तो उसका पुन:निर्धारण होगा और यदि नया बना है तो उसको भी टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। इसके अलावा कोरोना के बाद जिम का कारोबार भी बढ़ा है। अनेक जिम आवासीय भवनों में संचालित हो रहे हैं, जबकि उक्त भवनों पर पुराने समय से आवासीय टैक्स लगा हुआ है। ऐसे जिम को चिह्नित करके उनको व्यवसायिक दायरे में लाकर नए सिरे से टैक्स लगाया जाएगा।
विज्ञापन
उद्योगों की बात करें तो पुराने शहर खासकर मंडी और कुतुबशेर क्षेत्र में लकड़ी के बड़े-बड़े कारखाने संचालित हैं। हर साल बड़ी संख्या में नए कारखाने खड़े हो रहे हैं। ऐसे सभी कारखानों को चिह्नित कर उन पर भी टैक्स लगाया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों में लगे नए औद्योगिक भवनों पर भी टैक्स लगाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि शहर के विकास के लिए निगम की आमदनी बढ़ाया जाना बेहद जरूरी है। इसीलिए शत प्रतिशत व्यवसायिक भवनों को टैक्स के दायरे में लाया जा रहा है।
विज्ञापन
करीब 1,40,000 भवनों से लिया जा रहा टैक्स
नगर निगम क्षेत्र में 2,00000 (दो लाख) से अधिक आवासीय और व्यवसायिक भवन हैं। मगर नगर निगम अभी तक मात्र 1,40,000 (एक लाख 40 हजार) भवनों पर ही कर लगाया हुआ है। इनमें भी बड़ी संख्या में होटल सहित ऐसे भवन हैं जो कर नहीं चुका रहे हैं।
हमारा प्रयास यही है कि शत प्रतिशत भवनों को कर के दायरे में लाकर निगम की आय को बढ़ाया जा सके। निगम की आय बढ़ेगी तो शहर का सर्वांगीण विकास भी होगा। बड़े बकाएदारों से अपील है कि वह 31 जुलाई से पहले टैक्स जमा करा दें। अन्यथा निगम उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई करेगा।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।