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Saharanpur News: पोर्टल पर संपत्ति को दर्ज करने की उम्मीद अधूरी
Thu, 27 Nov 2025 12:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 27 Nov 2025 12:36 AM IST
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सहारनपुर। पांच दिसंबर तक वक्फ संपत्तियों का ब्योरा उम्मीद पोर्टल पर दर्ज किया जाना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया जून से चल रही है। अभी तक जिले में सिर्फ 398 संपत्तियां ही पोर्टल पर अपलोड हो सकी हैं, जबकि जनपद में सुन्नी बोर्ड की करीब 4,564 संपत्तियां हैं।
कई संपत्तियों के मुतव्वलियों का पता न होने के चलते भी जानकारी अपलोड करने में परेशानी आ रही है। केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों की सभी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने के लिए उम्मीद पोर्टल लांच किया था। इसका मकसद यह था कि वक्फ संपत्तियों की वास्तविक समय पर अपलोडिंग, सत्यापन और निगरानी हो सके। वक्फ की कई संपत्ति पर आपत्ति या किसी भी विवाद की स्थिति में अपील के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था की गई है।
उम्मीद पोर्टल के लॉन्च होने के बाद वक्फ संपत्ति के बारे में कोई भी जानकारी एक क्लिक पर जानी जा सकती है। जून से ही जिले में वक्फ संपत्तियों की जानकारी दर्ज की जा रही हैं, लेकिन कहीं मुतवल्ली का पता नहीं चल पा रहा है तो कहीं पर वक्फनाम, खसर-खतौनी, नक्शा आदि की अड़चन आड़े आ रही है। शिया वक्फ बोर्ड की 69 में मात्र 19 संपत्तियों की जानकारी ही पोर्टल पर अपलोड हो सकी है।
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इन संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज कराने के लिए कॉर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। इसके बावजूद कार्य आधा भी पूरा नहीं हुआ है। अब आठ दिनों में करीब 4.5 हजार संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज कराना मुश्किल भरा हो सकता है।
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कई संपत्तियों के मुतव्वलियों का पता न होने के चलते भी जानकारी अपलोड करने में परेशानी आ रही है। केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों की सभी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने के लिए उम्मीद पोर्टल लांच किया था। इसका मकसद यह था कि वक्फ संपत्तियों की वास्तविक समय पर अपलोडिंग, सत्यापन और निगरानी हो सके। वक्फ की कई संपत्ति पर आपत्ति या किसी भी विवाद की स्थिति में अपील के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था की गई है।
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उम्मीद पोर्टल के लॉन्च होने के बाद वक्फ संपत्ति के बारे में कोई भी जानकारी एक क्लिक पर जानी जा सकती है। जून से ही जिले में वक्फ संपत्तियों की जानकारी दर्ज की जा रही हैं, लेकिन कहीं मुतवल्ली का पता नहीं चल पा रहा है तो कहीं पर वक्फनाम, खसर-खतौनी, नक्शा आदि की अड़चन आड़े आ रही है। शिया वक्फ बोर्ड की 69 में मात्र 19 संपत्तियों की जानकारी ही पोर्टल पर अपलोड हो सकी है।
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इन संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज कराने के लिए कॉर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। इसके बावजूद कार्य आधा भी पूरा नहीं हुआ है। अब आठ दिनों में करीब 4.5 हजार संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज कराना मुश्किल भरा हो सकता है।