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Saharanpur News: बढ़ सकता है गृह एवं जल कर, नोटिस भेजने की तैयारी
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- आईएल एंड एफएस कंपनी ने 1.71 लाख संपत्तियों के सर्वे का कार्य पूर्ण किया
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। महानगरवासियों पर बढ़े हुए गृह एवं जल कर की मार पड़ सकती है। दरअसल, आईएल एंड एफएस कंपनी ने 1.71 लाख भवनों (संपत्तियों) के सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया है। नगर निगम जल्द ही संपत्तियों के स्वामियों को पुनर्निर्धारित कर के नोटिस जारी करेगा, जिसमें कर बढ़ने का पूरा अनुमान है।
नगर निगम क्षेत्र में वर्ष 2015 से करीब 1.42 लाख संपत्तियों, जिनमें ज्यादातर भवन हैं पर कर लगा हुआ है। वर्ष 2015 में नगर निगम के पास सर्वे की कोई तकनीक नहीं थी। ऐसे में निगम ने अपने कर्मचारियों के माध्यम से सर्वे कराकर कर लगाया था। कर के पुनर्निर्धारण के लिए करीब दो साल से आईएल एंड एफएस कंपनी भवनों का सर्वे कर रही हैं।
इस कंपनी को शासन स्तर से ही नामित किया गया है। कंपनी अभी तक निर्धारित लक्ष्य 1.90 लाख संपत्तियों के सापेक्ष 1,71,005 संपत्तियों का सर्वे पूर्ण कर 1,51,277 संपत्तियों को सत्यापन के लिए नगर निगम अधिकारियों के सामने प्रस्तुत कर चुकी है। जिस पर राजस्व निरीक्षक स्तर से 1,24,467, कर अधीक्षक के स्तर से 1,04,842 तक कर निर्धारण अधिकारी के स्तर से 1,03,750 संपत्तियों को अनुमोदित किया गया है। 26,810 संपत्तियां राजस्व निरीक्षक स्तर, 46,435 संपत्तियां कर अधीक्षक स्तर तथा 47,527 संपत्तियां कर निर्धारण अधिकारी के स्तर पर वर्तमान में अनुमोदन / स्वीकृति के लिए शेष हैं। यानी कर को नए सिरे से और तकनीकी रूप से लगाने की तैयारी नगर निगम लगभग पूर्ण कर चुका है। जल्द ही संपत्ति स्वामियों को रिवाइज्ड कर के नोटिस जारी किए जाएंगे। करीब छह महीने पहले भी करीब 200 लोगों को इस तरह के नोटिस भेजे गए थे, जिसमें लोगों ने चार से पांच गुणा अधिक तक कर बढ़ जाने की बात कहते हुए आपत्तियां दर्ज कराई थी। उन पर अभी तक सुनवाई लंबित है। ऐसे में संभव है कि सभी संपत्तियों को भेजे जाने वाले नोटिस में कर तीन से पांच गुणा तक बढ़ा हुआ हो।
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पार्षद कर चुके हैं कर नहीं बढ़ाने की मांग
दो दिन पहले ही पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने महापौर डॉ. अजय कुमार और नगर आयुक्त गजल भारद्वाज से मिलकर कर नहीं बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि कोरोना के बाद से ज्यादातर व्यापारी और आम नागरिक उबर नहीं सके हैं। आर्थिक रूप से परेशान लोगों पर बढ़ा हुआ कर थोपना ठीक नहीं होगा। टिंकू का कहना है कि यदि कर बढ़ता है तो वह जनहित में धरना देने से पीछे नहीं हटेंगे।
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अधिकारियों को नोटिस
सर्वे के बाद संपत्तियों के अनुमोदन और रिजेक्शन की कार्रवाई में लापरवाही पर नगर आयुक्त ने कर विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने को कहा है। जिनको नोटिस जारी किया गया है। उनमें कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार यादव, कर अधीक्षक साहब सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुधीर शर्मा तथा राजस्व निरीक्षक लोकेश कुमार, मनीष चौहान, सुशील कुमार, विकास कुमार शामिल हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। महानगरवासियों पर बढ़े हुए गृह एवं जल कर की मार पड़ सकती है। दरअसल, आईएल एंड एफएस कंपनी ने 1.71 लाख भवनों (संपत्तियों) के सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया है। नगर निगम जल्द ही संपत्तियों के स्वामियों को पुनर्निर्धारित कर के नोटिस जारी करेगा, जिसमें कर बढ़ने का पूरा अनुमान है।
नगर निगम क्षेत्र में वर्ष 2015 से करीब 1.42 लाख संपत्तियों, जिनमें ज्यादातर भवन हैं पर कर लगा हुआ है। वर्ष 2015 में नगर निगम के पास सर्वे की कोई तकनीक नहीं थी। ऐसे में निगम ने अपने कर्मचारियों के माध्यम से सर्वे कराकर कर लगाया था। कर के पुनर्निर्धारण के लिए करीब दो साल से आईएल एंड एफएस कंपनी भवनों का सर्वे कर रही हैं।
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इस कंपनी को शासन स्तर से ही नामित किया गया है। कंपनी अभी तक निर्धारित लक्ष्य 1.90 लाख संपत्तियों के सापेक्ष 1,71,005 संपत्तियों का सर्वे पूर्ण कर 1,51,277 संपत्तियों को सत्यापन के लिए नगर निगम अधिकारियों के सामने प्रस्तुत कर चुकी है। जिस पर राजस्व निरीक्षक स्तर से 1,24,467, कर अधीक्षक के स्तर से 1,04,842 तक कर निर्धारण अधिकारी के स्तर से 1,03,750 संपत्तियों को अनुमोदित किया गया है। 26,810 संपत्तियां राजस्व निरीक्षक स्तर, 46,435 संपत्तियां कर अधीक्षक स्तर तथा 47,527 संपत्तियां कर निर्धारण अधिकारी के स्तर पर वर्तमान में अनुमोदन / स्वीकृति के लिए शेष हैं। यानी कर को नए सिरे से और तकनीकी रूप से लगाने की तैयारी नगर निगम लगभग पूर्ण कर चुका है। जल्द ही संपत्ति स्वामियों को रिवाइज्ड कर के नोटिस जारी किए जाएंगे। करीब छह महीने पहले भी करीब 200 लोगों को इस तरह के नोटिस भेजे गए थे, जिसमें लोगों ने चार से पांच गुणा अधिक तक कर बढ़ जाने की बात कहते हुए आपत्तियां दर्ज कराई थी। उन पर अभी तक सुनवाई लंबित है। ऐसे में संभव है कि सभी संपत्तियों को भेजे जाने वाले नोटिस में कर तीन से पांच गुणा तक बढ़ा हुआ हो।
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पार्षद कर चुके हैं कर नहीं बढ़ाने की मांग
दो दिन पहले ही पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने महापौर डॉ. अजय कुमार और नगर आयुक्त गजल भारद्वाज से मिलकर कर नहीं बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि कोरोना के बाद से ज्यादातर व्यापारी और आम नागरिक उबर नहीं सके हैं। आर्थिक रूप से परेशान लोगों पर बढ़ा हुआ कर थोपना ठीक नहीं होगा। टिंकू का कहना है कि यदि कर बढ़ता है तो वह जनहित में धरना देने से पीछे नहीं हटेंगे।
अधिकारियों को नोटिस
सर्वे के बाद संपत्तियों के अनुमोदन और रिजेक्शन की कार्रवाई में लापरवाही पर नगर आयुक्त ने कर विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने को कहा है। जिनको नोटिस जारी किया गया है। उनमें कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार यादव, कर अधीक्षक साहब सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुधीर शर्मा तथा राजस्व निरीक्षक लोकेश कुमार, मनीष चौहान, सुशील कुमार, विकास कुमार शामिल हैं।