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अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों का चिह्नीकरण शुरू

Tue, 22 Sep 2020 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2020 12:00 AM IST
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High malnourished and malnourished children begin to be identified
आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चे का बजन करते हुए आंगनबाड़ी - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। सुपोषण माह के अंतर्गत बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने सैम यानी अति कुपोषित और मैम यानी कुपोषित बच्चों का चिह्नीकरण किया। 11 बच्चे सैम और 1234 बच्चे मैम श्रेणी में चिह्नित किए गए। सैम श्रेणी में वह बच्चे शामिल हैं, जिन्हें चिकित्सीय इलाज की आवश्यकता है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी ने बताया कि सुपोषण के तहत सोमवार को जिले के 3410 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके साथ ही अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों के चिह्नीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। डीपीओ ने गांव चुनहैटीगाड़ा में बच्चों का वजन कराया। बालिकाओं को जिला प्रोबेशन कार्यालय की तरफ से सेनेटरी पैड का वितरण भी किया गया। बाल विकास विभाग की ओर से दस-दस बालिकाओं को सहजन का पौधे दिए गए। डीपीओ आशा त्रिपाठी ने कहा कि सहजन का पौधा बहुत ही गुणकारी होता है। इसमें सारे विटामिन पाए जाते हैं। एनीमिया की कमी को दूर करने के लिए सहजन का पौधा अहम है। इसकी पत्तियों व छाल का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही आयरन की गोली और नींबू पानी का सेवन करने की सलाह दी गई। बच्चों का वजन लेने के साथ ही उनके माता-पिता से भी बात की गई। अभिभावकों को सलाह दी गई कि बच्चों के खानपान का विशेष ध्यान रखा जाए। सोमवार को हुए सर्वे मे 915 बच्चे लाल व 11765 बच्चे पीली श्रेणी में पाए गए। 11 बच्चे सैम और 1234 बच्चे मैम श्रेणी में चिह्नित किए गए। इस दौरान मुख्य सेविका सविता तेजान, पुष्पा रावत, अनीता जैन शामिल रहे।
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