फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   heavy rain in saharanpur

पहली ही बारिश ने खोल दी नगर निगम की तैयारियों की पोल

Wed, 24 Jun 2020 09:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2020 09:30 PM IST
विज्ञापन
heavy rain in saharanpur
पहली ही बारिश ने खोल दी नगर निगम की तैयारियों की पोल
विज्ञापन

सहारनपुर। मानसून की पहली ही बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। बुधवार को हुई करीब तीन घंटे की झमाझम बारिश से शहर की कई कॉलोनी जलमग्न हो गईं। कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार बुधवार को 41.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
नगर निगम ने दो दिन पहले दावा किया था कि आगामी दिनों में मानसून आने की तैयारियों को लेकर उसने 80 फीसदी नालों की सफाई करा ली है। शेष नाले 30 जून तक साफ हो जाने की बात कही थी। मगर बुधवार को हुई बारिश ने नाला सफाई का दावों की पोल खोलकर रख दी। जिन क्षेत्रों में नालों की सफाई करने की बात कर्ही थी। वहीं सबसे अधिक जलभराव की समस्या पैदा हुई। दाउद सराय, मोहल्ला बंजारान, खाता खेड़ी, चंद्रनगर, रायवाला, पुल कंबोहान रोड, अहमद बाग, मोहित नगर, गढ़ी मलूक, गिल कॉलोनी, मिशन कंपाउंड, प्रताप नगर, बसंत विहार, अंबेडकर पुरम, नवीन नगर, ओजपुरा, गांधी कॉलोनी आदि कॉलोनियों में भारी जलभराव हुआ। हसनपुर के कई घरों में पानी भर गया। महिलाओं ने बाल्टियों से पानी बाहर निकाला।
विज्ञापन

कलेक्ट्रेट और पुलिस लाइन भी जलमग्न
आम गली और मोहल्लों की तो बात छोड़ो। कलक्ट्रेट, पुलिस लाइन और सदर कोतवाली परिसर भी जलमग्न नजर आया। चौकी सिविल लाइंस से आरआई कंपाउंड तक नाले की कभी सफाई नहीं होती है, इस कारण कलक्ट्रेट परिसर में प्रत्येक वर्ष जलभराव होता है। पुलिस लाइन में जलभराव की वजह से पुलिसकर्मियों के साथ ही फरियादियों को भी समस्या रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

बारिश का आंकड़ा
वर्ष------------बारिश एमएम में
2012----------1020
2013----------1512
2014----------593
2015-----------808
2016-----------985
2017-----------1070
2018-----------1080
2019-----------792
2020 अब तक--445.82
फसलों और बागों के लिए बरसा अमृत
सहारनपुर। गर्मी के कारण किसान फसलों को बचाने के लिए महंगा डीजल और बिजली फूंककर खेतों की सिंचाई में लगे थे। बागवानों की भी यही हालत थी, मगर मानसून की पहली ही झमाझम बारिश ने किसानों और बागवानों के चेहरे खिला दिए। खास बात यह रही कि बारिश के साथ तेज हवा या तूफान नहीं था अन्यथा बागवानों को नुकसान हो सकता था। वर्तमान समक्ष में क्षेत्र में अधिकांश किसान खेतों में धान की पौध लग रहे हैं, जिसके लिए खेतों में पानी की जरूरत होती है। ऐसे में बारिश होने से किसानों को राहत मिली। इसके अलावा गन्ने, सब्जियों और बागवानी के लिए बारिश अच्छी साबित हुई। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. आई के कुशवाहा ने बुधवार को हुई बारिश को किसानों और बागवानों के लिए फायदेमंद बताया।
-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed