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तेज हवा के साथ आफत बनकर बरसी बारिश 

Mon, 24 Sep 2018 12:05 AM IST
ब्यूरो, सहारनपुर
ब्यूरो, सहारनपुर Updated Mon, 24 Sep 2018 12:05 AM IST
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Heavy rain accompanied by strong wind
सहारनपुर में बारिश के साथ आई हवाओं से बिछी फसल को देखता किसान। - फोटो : अमर उजाला

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सहारनपुर में शनिवार की आधी रात में बारिश के साथ आई तेज हवा ने धान की फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है। खेतों में लगभग तैयार खड़ी धान की फसल हवा के तेज झोंकों में जमीन पर बिछ गई। किसानों की मानें तो जमीन पर गिरने से धान की पैदावार में भारी गिरावट आएगी। किसानों की लागत भी पूरी होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। किसान ओमपाल सैनी, पवन सिंह, तेजपाल, सुरेंद्र सैनी का कहना है रात आई तेज हवा एवं बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। फसल जमीन पर गिरने से बर्बाद हो गई है। ऐसे में लागत भी पूरी होने की उम्मीद नहीं है।    
       
बड़गांव में दो दिन से हो रही बारिश व रात आई तेज आंधी से किसानों की सांसे थम गई। किसानों के गन्ने व धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। तेज आंधी के चलने से गन्ना व धान की फसल धराशायी हो गई है। किसान ब्रजमोहन, रणबीर सिंह, ब्रजपाल सिंह ने बताया कि कल से हो रही बारिश किसानों के लिए आफत बनकर आई है। धान की फसल इस समय गोभ में थी, जिसके गिरने के बाद साठ से सत्तर प्रतिशत तक का नुकसान होगा।  
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रामपुर मनिहारान में दो दिन से लगातार हो रही वर्षा से जहां धान के खेत पानी से लबालब हैं वहीं रात के समय चली तेज हवाओं ने धान की फसल को जमीन पर बिछा दिया है। इससे तैयार धान की फसल बर्बाद हो गई है। क्षेत्र के गांव पहांसू के किसान राजेंद्र प्रधान, शीशपाल सिंह, राजेश्वर प्रसाद, नाथी राम, बिरम सिंह, गांव सलेमपुर के किसान राहुल सिंह, शुभम कुमार, विजयपाल सिंह आदि का कहना है कि उनकी धान व गन्ने की फसल बर्बाद हो गई है। उधर, गन्ने की फसल भी तेज हवाओं से नीचे गिरने से खराब हो गई। किसानों का कहना है कि गन्ना नीचे गिरने से उसका वजन आधा रह जाता है।    
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गंगोह में भी शनिवार को आधी रात के बाद चली तेज हवा एवं बारिश से कुछ स्थानों पर किसानों की पक कर तैयार धान की फसल जमीन पर बिछ गई जबकि कुछ खेतों में आंशिक नुकसान हुआ है। नुकसान को देखते हुए किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई है। बारिश का आम जन-जीवन पर भी असर पड़ा है।    
   
साढ़ौली कदीम में लगातार वर्षा एवं हवाये चलने से किसानों के खेतों में तैयार खडी धान एवं गन्ने की फसल नीचे गिर गयी है। किसानों अफजाल, अहसान, हाजी युसूफ, योगेन्द्र सिंह, अर्जुन सिंह, मोल्हड सिंह, विकास कुमार, सर्वेश कुमार, सुखपाल सिंह आदि का कहना है कि असमय वर्षा एवं हवाओं के चलने से उनके खेतों में खड़ी धान, गन्ना एवं चारे की फसल नीचे गिर गई है जिससे पैदावार में गिरावट आना तय है।      
 
चिलकाना में रात से हो रही तेज वर्षा और हवा से किसानों के लिए आफत बन कर आई है। तेज हवा के बाद आई वर्षा से धान तथा गन्ने की फसल गिर गई है। सबसे ज्यादा धान की फसल को नुकसान हुआ है। खादर क्षेत्र में पहले ही कई बार बाढ़ का पानी आने से धान की फसल बरबाद हो चुकी है। किसान सुधीर कुमार जैन, जयपाल, राजकुमार, शोपाल, प्रकाश चन्द, रोहताश, बीसीराम, सीताराम सैनी आदि ने बताया कि वर्षा से इस बार किसान की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से खादर क्षेत्र के किसानों को राहत देने की मांग की है।  


जिला कृषि अधिकारी राम जतन मिश्र और उप निदेशक कृषि राजीव कुमार ने बताया कि शनिवार की रात तेज हवा के साथ हुई बारिश से जिले में धान की फसल को 5 से 7 प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका है। लेकिन यदि एक दो दिन मौसम साफ नहीं हुआ तो नीचे गिरे धान में नुकसान बढ़ सकता है। अभी नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है। 
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