फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Health services derailed due to strike of NHM workers, vaccination and testing stalled

Saharanpur News: एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी, टीकाकरण और जांच ठप

Fri, 09 Oct 2026 01:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 01:33 AM IST
विज्ञापन
Health services derailed due to strike of NHM workers, vaccination and testing stalled
सहारनपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से जुड़े डॉक्टर, सीएचओ एएनएम, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारियों की हड़ताल से बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी रहीं। सीएचसी-पीएचसी पर स्टाफ नहीं होने से जांच और नियमित टीकाकरण नहीं हो सका। इसके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिना इलाज के ही लौट गए।
विज्ञापन

जिले के सरकारी अस्पतालों में एनएचएम के तहत करीब 1500 कर्मचारी तैनात हैं। इनमें डॉक्टर, सीएचओ, एएनएम, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारी सीएमओ कार्यालय के बाहर इकट्ठा हुए और धरना-प्रदर्शन कर शासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
विज्ञापन

हड़ताल का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखाई दिया। एनएचएम के तहत संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होने के कारण टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, स्क्रीनिंग और अन्य कार्यक्रम प्रभावित हुए। कई केंद्रों पर लाभार्थियों को निर्धारित सेवाएं नहीं मिल सकीं। इससे पहले से तय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन पर भी असर पड़ा। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में एनएचएम से जुड़े डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने से मरीजों को परेशानी हुई। ओपीडी में आने वाले कई मरीजों को डॉक्टरों के नहीं मिलने पर इंतजार करना पड़ा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष किशोर सैनी, धनंजय धीमान, मंडल अध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, डॉ. विनय, डॉ. विश्वजीत, भारती, शिवानी आदि रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आशा कार्यकर्ताओं ने मांगा राज्य कर्मचारी का दर्जा
आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनियां बृहस्पतिवार को भी कार्य बहिष्कार पर रहीं। सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिलाने की मांग उठाई। इसके अलावा उन्होंने न्यूनतम मानदेय 30 हजार रुपये तक किया जाए। आने-जाने की व्यवस्था, सेवानिवृत्त पर 10 लाख रुपये और पेंशन, 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा देने की मांग की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष कमलेश सैनी, लता, मिथलेश, पिंकी, पूनम, कविता, उर्मिला, बलवंती, मोनिका, सीमा, प्रीति शर्मा आदि रहीं।

छह में से एक ही डॉक्टर ओपीडी में मिले
देवबंद। सीएचसी की ओपीडी में केवल एक अनुबंध चिकित्सक ड्यूटी पर तैनात मिले। अस्पताल में तीन में से सिर्फ एक लैब खुली थी, जिसमें छोटी जांचें की गई। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रियंका सिंह ने बताया कि एनएचएम स्वास्थ्यकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से परेशानी हुई। सीएचसी में एनएचएम के तहत भर्ती छह चिकित्सकों समेत 55 स्वास्थ्यकर्मी हैं।


यह हैं मुख्य मांगें
नियमितीकरण समान कार्य समान वेतन व वर्तमान वेतन में वृद्धि
कैशलेस चिकित्सा सुविधा
महंगाई भत्ते का लाभ
रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण नीति
अनुकंपा नियुक्ति
आउटसोर्स कर्मियों का जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन
नियमित पदों की भर्तियों में कोटा निर्धारण
फैक्ट फाइल
डॉक्टर - 150
सीएचओ - 255
स्टाफ नर्स - 75
एएनएम - 191
आशा कार्यकर्ता - 2500
अन्य कर्मचारी - 829

विभिन्न मांगों को लेकर एएनएम से जुड़े कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। इस संबंध में शासन को अवगत कराया गया है। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हो, इसके लिए नियमित कर्मचारियों ने स्वास्थ्य केंद्रों पर काम किया। - डॉ. शेर सिंह कक्कड़, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed