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Saharanpur News: चिकित्सक की अनुपस्थिति में मरीजों को दवाई देते मिले फार्मासिस्ट
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शामली। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहावड़ी पर तैनात चिकित्सक अजित की अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट योगेंद्र मलिक ही मरीजों को दवा उपलब्ध कराते मिले। पीएचसी पर एक साल से स्वीपर तैनात न होने से साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है। पीएचसी के पीछे बने आवास बदहाल हैं और बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है। रात में पीएचसी बंद रहने से मरीजों को उपचार की सुविधा नहीं मिलती।
सोमवार को पीएचसी पर टीम ने पहुंचकर पड़ताल की तो फार्मासिस्ट योगेंद्र मलिक मरीजों को दवा देते हुए मिले। स्टाफ नर्स छवि और वार्ड बॉय राज मौजूद मिले। यहां तैनात चिकित्सक अजित मौजूद नहीं मिले। उनके बारे में बताया कि उनकी कुड़ाना सीएचसी पर इमरजेंसी में ड्यूटी लगी है। फार्मासिस्ट ने बताया कि दोपहर साढ़े 12 बजे तक 23 मरीजों को दवा दी जा चुकी है। ज्यादातर मरीज सर्दी से पीड़ित नजला, जुकाम व खांसी के आ रहे हैं। पीएचसी पर लैब टैक्नीशियन साहिल को भी कुड़ाना सीएचसी पर गया होना बताया गया। एएनएम पिंकी को आकस्मिक अवकाश पर होना बताया। पीएचसी के भवन में साफ-सफाई ठीक मिली, लेकिन परिसर में सफाई व्यवस्था बदहाल मिली। पीएचसी के पीछे बने आवास बदहाल हालत में हैं। आवासों में कोई नहीं रहता। दोपहर दो बजे के बाद पीएचसी बंद हो जाती है। इसके बाद मरीजों को कुड़ाना या सीएचसी शामली जाना पड़ता है। फार्मासिस्ट का कहना है कि सामान्य बीमारी के मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। गंभीर मरीजों को सीएचसी कुड़ाना भेजा जाता है। पीएचसी पर एक साल में गर्भवती महिलाओं की दो डिलीवरी हुई हैं। ज्यादातर डिलीवरी कुड़ाना सीएचसी पर होती है।
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ये बोले मरीज
गांव बहावड़ी निवासी राजेंद्र ने बताया कि वह आंखों की दवा लेने आए थे। फार्मासिस्ट ने दवा दे दी है। खांसी जुकाम व बुखार की दवा मिलती है। गंभीर बीमारी होने पर उन्हें शामली जाना पड़ता है। दोपहर बाद या रात में यहां दवा नहीं मिलती।
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गांव बहावड़ी के ही अनिल ने बताया कि वह गैस तेजाब की दवा लेने आए हैं। चिकित्सक न होने पर फार्मासिस्ट ने दवा दी है। पीएचसी रोजाना खुलती है। पर्ची का एक रुपया लिया जाता है। अन्य किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता।
कोट
कुड़ाना सीएचसी के प्रभारी डॉ. सलीम के अवकाश पर होने के कारण सोमवार को कुड़ाना सीएचसी में इमरजेंसी व अन्य कार्यों के लिए उनकी ड्यूटी रही। एक साल से स्वीपर नहीं है, उसकी मांग उच्चाधिकारियों से की गई है। आवासों की मरम्मत का कार्य लखनऊ स्तर से होता है। साफ-सफाई के लिए अलग से कोई बजट नहीं मिलता। खुद के स्तर पर पीएचसी में साफ-सफाई कराई जाती है।
डॉ. अजित, प्रभारी पीएचसी बहावड़ी।
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सोमवार को पीएचसी पर टीम ने पहुंचकर पड़ताल की तो फार्मासिस्ट योगेंद्र मलिक मरीजों को दवा देते हुए मिले। स्टाफ नर्स छवि और वार्ड बॉय राज मौजूद मिले। यहां तैनात चिकित्सक अजित मौजूद नहीं मिले। उनके बारे में बताया कि उनकी कुड़ाना सीएचसी पर इमरजेंसी में ड्यूटी लगी है। फार्मासिस्ट ने बताया कि दोपहर साढ़े 12 बजे तक 23 मरीजों को दवा दी जा चुकी है। ज्यादातर मरीज सर्दी से पीड़ित नजला, जुकाम व खांसी के आ रहे हैं। पीएचसी पर लैब टैक्नीशियन साहिल को भी कुड़ाना सीएचसी पर गया होना बताया गया। एएनएम पिंकी को आकस्मिक अवकाश पर होना बताया। पीएचसी के भवन में साफ-सफाई ठीक मिली, लेकिन परिसर में सफाई व्यवस्था बदहाल मिली। पीएचसी के पीछे बने आवास बदहाल हालत में हैं। आवासों में कोई नहीं रहता। दोपहर दो बजे के बाद पीएचसी बंद हो जाती है। इसके बाद मरीजों को कुड़ाना या सीएचसी शामली जाना पड़ता है। फार्मासिस्ट का कहना है कि सामान्य बीमारी के मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। गंभीर मरीजों को सीएचसी कुड़ाना भेजा जाता है। पीएचसी पर एक साल में गर्भवती महिलाओं की दो डिलीवरी हुई हैं। ज्यादातर डिलीवरी कुड़ाना सीएचसी पर होती है।
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ये बोले मरीज
गांव बहावड़ी निवासी राजेंद्र ने बताया कि वह आंखों की दवा लेने आए थे। फार्मासिस्ट ने दवा दे दी है। खांसी जुकाम व बुखार की दवा मिलती है। गंभीर बीमारी होने पर उन्हें शामली जाना पड़ता है। दोपहर बाद या रात में यहां दवा नहीं मिलती।
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गांव बहावड़ी के ही अनिल ने बताया कि वह गैस तेजाब की दवा लेने आए हैं। चिकित्सक न होने पर फार्मासिस्ट ने दवा दी है। पीएचसी रोजाना खुलती है। पर्ची का एक रुपया लिया जाता है। अन्य किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता।
कोट
कुड़ाना सीएचसी के प्रभारी डॉ. सलीम के अवकाश पर होने के कारण सोमवार को कुड़ाना सीएचसी में इमरजेंसी व अन्य कार्यों के लिए उनकी ड्यूटी रही। एक साल से स्वीपर नहीं है, उसकी मांग उच्चाधिकारियों से की गई है। आवासों की मरम्मत का कार्य लखनऊ स्तर से होता है। साफ-सफाई के लिए अलग से कोई बजट नहीं मिलता। खुद के स्तर पर पीएचसी में साफ-सफाई कराई जाती है।
डॉ. अजित, प्रभारी पीएचसी बहावड़ी।