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नौ दिन मां भगवती बरसाएंगी कृपा, बाजारों में रौनक
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सहारनपुर। चैत्र नवरात्र शनिवार यानि आज से प्रारंभ होंगे। नवरात्र के नौ दिन मां भगवती की आराधना के दिन हैं। श्रद्धालु नौ दिनों में अपने घरों में घट और अखंड ज्योति की स्थापना कर उपवास रखते हैं। नवरात्र को लेकर बाजारों में श्रद्धालुओं ने पूजन सामग्री खरीदारी की है। वहीं, मंदिरों में भी नवरात्र महोत्सव पर मंदिर सजे है। सुबह कलश यात्राएं निकाल कर घट स्थापना होगी।
शनिवार से आरंभ होने वाले नवरात्र को चैत्र नवरात्र के नाम से जाना जाता है। नौ दिन तक मां भगवती के अलग-अलग स्वरूप में पूजा-अर्चना होगी। नवरात्र की पूर्व संध्या में पर लोगों ने चौकी सराय, नया बाजार, चौक फव्वारा, दिल्ली रोड और कोर्ट रोड पर पूजन की सामग्री की खरीदी की। इसके साथ ही कलश स्थापना के लिए नारियल, चुनरी, शृंगार का सामान, मिष्ठान, व्रत रखने को कुट्टू के आटे, सामग के चावल, सिंघाड़े के आटे की खरीदारी की।। वहीं, श्री हरि मंदिर, तहसील शिव मंदिर, भूतेश्वर महादेव मंदिर, बालाजी धाम, पातालेश्वर महादेव मंदिर, विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर, दुर्गा मंदिर, पाठेश्वर महादेव मंदिर, नारायणपुरी मंदिर अखंड ज्योति स्थापित करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हरि मंदिर में नवरात्र के दौरान 51 कुंडीय यज्ञ होगा।
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मां के नौ स्वरूपों की आराधना करने से होते हैं कष्ट दूर
-पंडित रोहित वशिष्ठ बताते है, प्रथम नवरात्र पर देवी शैलपुत्री, दूसरे नवरात्र पर देवी ब्रह्मचारिणी हैं। तीसरे पर देवी चंद्रघंटा, चौथे पर देवी कुष्मांडा, पांचवें पर देवी स्कंदमाता हैं। छठे पर देवी कात्यायनी हैं। सातवें पर देवी कालरात्रि, आठवें पर देवी महागौरी, नौवें पर देवी सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। नौ दिनों में भगवती के नौ रूपों की पूजा कर भक्त अपने जीवन में सुख शांति और आनंद की प्राप्ति करता है।
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ऐसे करें पूजा-अर्चना
-स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने बताया कि सुबह घट स्थापना, ज्योति स्थापना करें। पूजा घर में जल से भरा हुआ कलश रखें, जिसमें में एक सुपारी, दो लौंग, दो इलायची, दूर्वा, एक जायफल, पान का पत्ता, पिसी हल्दी, रोली व गंगाजल डालें। आम के पत्ते कलश के ऊपर रखे। एक पात्र में चावल भरकर कलश के ऊपर रखे। चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर उसके ऊपर मां भगवती की मूर्ति स्थापित करें। मां को लाल चुनरी अर्पण करें। यदि संभव हो तो नौ दिन के लिए अखंड ज्योति जलाएं।
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- इस मंत्र से प्रसन्न होती हैं मां भगवती
सहारनपुर। प्रार्थना करते समय मां को प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय मंत्रों का जाप करना चाहिए। श्रद्धालु को या देवी सर्वभूतेषु, मातृरुपेण संस्थिता:। नमस्तस्यै-नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:। यदि संभव हो तो मां के सम्मुख बैठकर के 108 बार मां के प्रिय मंत्र ओम ऐम् ह्री क्लीं चामुण्डाय विच्चै का जप करें।
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कलश स्थापित करने का शुभ मुहूर्त
- कलश स्थापित करने का शुभ मुहूर्त प्रात: 6:19 से 9:44 बजे तक, उसके पश्चात 9:44 से 11: 13 बजे तक है।
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शनिवार से आरंभ होने वाले नवरात्र को चैत्र नवरात्र के नाम से जाना जाता है। नौ दिन तक मां भगवती के अलग-अलग स्वरूप में पूजा-अर्चना होगी। नवरात्र की पूर्व संध्या में पर लोगों ने चौकी सराय, नया बाजार, चौक फव्वारा, दिल्ली रोड और कोर्ट रोड पर पूजन की सामग्री की खरीदी की। इसके साथ ही कलश स्थापना के लिए नारियल, चुनरी, शृंगार का सामान, मिष्ठान, व्रत रखने को कुट्टू के आटे, सामग के चावल, सिंघाड़े के आटे की खरीदारी की।। वहीं, श्री हरि मंदिर, तहसील शिव मंदिर, भूतेश्वर महादेव मंदिर, बालाजी धाम, पातालेश्वर महादेव मंदिर, विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर, दुर्गा मंदिर, पाठेश्वर महादेव मंदिर, नारायणपुरी मंदिर अखंड ज्योति स्थापित करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हरि मंदिर में नवरात्र के दौरान 51 कुंडीय यज्ञ होगा।
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मां के नौ स्वरूपों की आराधना करने से होते हैं कष्ट दूर
-पंडित रोहित वशिष्ठ बताते है, प्रथम नवरात्र पर देवी शैलपुत्री, दूसरे नवरात्र पर देवी ब्रह्मचारिणी हैं। तीसरे पर देवी चंद्रघंटा, चौथे पर देवी कुष्मांडा, पांचवें पर देवी स्कंदमाता हैं। छठे पर देवी कात्यायनी हैं। सातवें पर देवी कालरात्रि, आठवें पर देवी महागौरी, नौवें पर देवी सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। नौ दिनों में भगवती के नौ रूपों की पूजा कर भक्त अपने जीवन में सुख शांति और आनंद की प्राप्ति करता है।
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ऐसे करें पूजा-अर्चना
-स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने बताया कि सुबह घट स्थापना, ज्योति स्थापना करें। पूजा घर में जल से भरा हुआ कलश रखें, जिसमें में एक सुपारी, दो लौंग, दो इलायची, दूर्वा, एक जायफल, पान का पत्ता, पिसी हल्दी, रोली व गंगाजल डालें। आम के पत्ते कलश के ऊपर रखे। एक पात्र में चावल भरकर कलश के ऊपर रखे। चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर उसके ऊपर मां भगवती की मूर्ति स्थापित करें। मां को लाल चुनरी अर्पण करें। यदि संभव हो तो नौ दिन के लिए अखंड ज्योति जलाएं।
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- इस मंत्र से प्रसन्न होती हैं मां भगवती
सहारनपुर। प्रार्थना करते समय मां को प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय मंत्रों का जाप करना चाहिए। श्रद्धालु को या देवी सर्वभूतेषु, मातृरुपेण संस्थिता:। नमस्तस्यै-नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:। यदि संभव हो तो मां के सम्मुख बैठकर के 108 बार मां के प्रिय मंत्र ओम ऐम् ह्री क्लीं चामुण्डाय विच्चै का जप करें।
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कलश स्थापित करने का शुभ मुहूर्त
- कलश स्थापित करने का शुभ मुहूर्त प्रात: 6:19 से 9:44 बजे तक, उसके पश्चात 9:44 से 11: 13 बजे तक है।