फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Handicrafts exporters uneasy due to Omicron's call

ओमिक्रॉन की आहट से हस्तशिल्प निर्यातकों में बेचैनी

Tue, 07 Dec 2021 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 07 Dec 2021 12:30 AM IST
विज्ञापन
Handicrafts exporters uneasy due to Omicron's call
वुड कार्विंग मार्केट दुकानो पर सजे गिफ्ट आईटम - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। महंगे रॉ मैटीरियल से जूझ रहे काष्ठ हस्तशिल्प निर्यातक अब कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की आहट से बेचैन हैं। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में जनवरी में होने वाले ट्रेड फेयर के स्थगित होने से निर्यातकों की पेशानी पर बल डाल दिया है। जनपद से काष्ठ हस्तशिल्प के करीब 20 निर्यातकों की इस ट्रेड फेयर में शामिल होने की तैयारी थी।
विज्ञापन

जनपद के वुड कार्विंग उत्पादों की विश्व भर में खासी मांग है। यहां से अमेरिका, यूरोप सहित अन्य कई देशों में बडे़ स्तर पर काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात होता है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की आहट से निर्यातकों को परेशानी में डाल दिया है। कोरोना की दोनों लहर में जनपद के काष्ठ हस्तशिल्प निर्यात पर काफी मंदी की मार पड़ी थी। उस अवधि में 50 से 60 फीसदी तक निर्यात में कमी आई थी। इसके बाद विश्व बाजार में काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों की डिमांड तो बढ़ी, लेकिन रॉ मैटीरियल महंगा होने से निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्द्धा करना मुश्किल हो गया। अब कोरोना के नए वैरिएंट की आहट ने निर्यातकों को परेशान कर दिया है। जनपद से काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों का करीब एक हजार करोड़ रुपये का निर्यात प्रतिवर्ष होता है। इस उद्योग से जिले के करीब डेढ़ लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है।
विज्ञापन

विश्व के कई देशों में होता है निर्यात
जनपद के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों की विश्व के अनेक देशों में डिमांड है, लेकिन कई देशों में इसका निर्यात अधिक होता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन, इटली, डेनमार्क, स्वीडन, स्विटजरलैंड, नीदरलैंड, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, आदि देश प्रमुख हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बोले निर्यातक--
-जनपद से जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में होने वाले ट्रेड फेयर में करीब 20 निर्यातकों के शामिल होने की तैयारी थी। इसके स्थगित होने से वहां से मिलने वाले ऑर्डर भी प्रभावित होंगे। कोरोना के नए वैरिएंट से यूरोपीय देशों में होने वाला निर्यात प्रभावित होने की आशंका है। --- परविन्दर सिंह, निर्यातक।

-ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रभाव से निर्यातकों में भय है। कोरोना की दोनों लहरों में जिले के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यात में 50 फीसदी तक कमी आई थी। इससे हुए नुकसान से निर्यातक अभी तक भी उबर नहीं सके हैं। अब नए वैरिएंट की आहट से निर्यातकों में बेचैनी बढ़ गई है। -- आरिफ खान, महासचिव हैंडीक्राफ्ट आर्टिजन एंड एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed