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Saharanpur News: मिलना था हलवा और बर्फी, बच्चों से निवाला भी छीना

Thu, 11 Jun 2026 01:22 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 01:22 AM IST
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Halwa and Barfi were to be given, but even a morsel was snatched from the children.
- जिले के 3410 आंगनबाड़ी केंद्रों पर दो माह से नहीं पहुंचा राशन
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- पुष्टाहार के न पहुंचने पर 2.39 लाख बच्चे दो माह से पोषण से वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। बच्चों को कुपोषण की काली छाया से बचाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर रेसिपी में बदलाव किया गया। बच्चों को खिलाना तो था आटा-बेसन का हलवा और बर्फी, लेकिन नई व्यवस्था के चक्कर में थाली का निवाला ही गायब हो गया। अप्रैल से अभी तक बच्चों को मिलने वाला पुष्टाहार ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं पहुंचा।
दरअसल, जिले में 3410 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें करीब 2.39 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहले दाल, तेल, दलिया जैसा सूखा राशन मिलता था। इसके बाद अप्रैल से इसमें बदलाव किया गया। बच्चों को हॉट कुक खाने की व्यवस्था की गई। इसमें आयु वर्ग के हिसाब से खाने का मेन्यू तैयार किया गया। शासन ने खाने का मेन्यू तो नया बना दिया, लेकिन वितरण प्रणाली पर ध्यान नहीं दिया।
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राशन वितरण की जिम्मेदारी नेफेड को दी गई है। साथ ही वितरण की नई व्यवस्था भी लागू की गई। इन सभी का असर रहा कि जिले सहित पूरे प्रदेश में ही पुष्टाहार की वितरण व्यवस्था चरमरा गई। अप्रैल के बाद से किसी भी केंद्र पर एक भी पैकेट नए पुष्टाहार का नहीं पहुंचा। मई में भी कई केंद्रों पर मार्च महीने का पुष्टाहार वितरित किया गया। नए वित्त वर्ष के अप्रैल, मई और जून के पुष्टाहार का केंद्रों को इंतजार है। ऐसे में बच्चों से लेकर धात्री महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय विभागीय अधिकारियों ने अपने स्तर से भी स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन स्थिति सुधर नहीं पा रही है।
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- आंगनबाड़ियों के मानदेय पर भी संकट
अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा के जिला संरक्षक नरेंद्र दत्त शर्मा बताते हैं कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरण और कार्य के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। पुष्टाहार वितरण न होने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की आईजीआरएस पर शिकायत भी की जा रही है, जबकि इसमें उनका कोई भी दोष नहीं है। इन शिकायतों के निस्तारण का भी दबाव बनाया जाता है।


वर्जन
पुष्टाहार वितरण को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक पुष्टाहार प्राप्त नहीं हुआ है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को भी स्थिति से अवगत कराया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही पुष्टाहार प्राप्त हो जाएगा। - दुर्गेश प्रताप सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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