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वकीलों का भी पुरसाहाल ले सरकार

Sun, 13 Jun 2021 10:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jun 2021 10:24 PM IST
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Government should also take respect of lawyers
सहारनपुर। कोरोना काल में कामकाज ठप होने से काफी अधिवक्ताओं के सामने आर्थिक संकट गहराया हुआ है वहीं कई अधिवक्ताओं की जान जा चुकी है। अधिवक्ताओं ने सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है।
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सहारनपुर के न्यायालयों में वर्चुअल मोड़ पर कामकाज चल रहा है। न्यायिक अधिकारियों को रोटेशन के हिसाब कार्य सौंपा गया है। अधिवक्ताओं की मांग है कि अब कोरोना कर्फ्यू हट गया है तो अदालतें भी कोविड गाइड लाइन का पालन कराते हुए खोली जानी चाहिए। क्योंकि वर्चुअल कार्य में हिस्सा लेने के लिए सभी वकील सक्षम नहीं है, उन्हें अपनी मोहर और अन्य दस्तावेजों के संबंध में कचहरी आना ही पड़ता है।
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अधिवक्ता बोले, आर्थिक पैकेज दे सरकार
कोरोना के कारण बंद पड़ी अदालतों में काम न होने की वजह से अधिवक्ता वर्ग के समक्ष आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। सरकार को अधिवक्ता वर्ग के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा करनी चाहिए। बार काउंसिल को अधिवक्ताओं को अन्य कारोबार करने की भी छूट दे देनी चाहिए। - राजीव त्यागी, वरिष्ठ अधिवक्ता
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कोरोना के कारण जीवन में काफी उतार चढ़ाव आया है। अधिवक्ताओं के सामने जीविका चलाने का संकट है। बहुत से साथी काल का ग्रास बन गए, लेकिन अधिवक्ताओं के लिए कोई आर्थिक मदद सरकार द्वारा नहीं दी गई। - नितिन कुमार शर्मा, अधिवक्ता
कचहरी खुलने पर एसोसिएशन के पास उपलब्ध फंड की व्यवस्था देखते हुए मृतक वकीलों के आश्रितों को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। बीते वर्ष 25-25 हजार की सहायता सात अधिवक्ताओं को दी गई थी। पूर्व में एक लाख रुपये सहायता दे रहे थे, लेकिन कोरोना काल में वकालतनामों की बिक्री और अन्य स्रोत से होने वाली आमदनी घटने के कारण यह राशि घटानी पड़ी। - अभय सैनी, अध्यक्ष, सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन
कोरोना काल में युवा अधिवक्ता साथी भयंकर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और बुरी तरह टूट चुके हैं। न्यायालयों का वर्चुअल संचालन करने का कोई लाभ अधिवक्ताओं को नहीं हो रहा है। - अरविंद कुमार शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता
आंकड़ों की नजर में
49 न्यायालय हैं जनपद में (इनमें देवबंद और बेहट की कोर्ट भी शामिल)
165000 मुकदमे न्यायालयों में लंबित हैं
21000 दीवानी के मुकदमे भी हैं शामिल
2200 अधिवक्ता दीवानी कचहरी में पंजीकृत हैं
इनका हो चुका निधन
अपर सत्र न्यायाधीश केसी पांडेय, अपर सत्र न्यायाधीश तैय्यब अहमद, वरिष्ठ अधिवक्ता गिरीश चंद्र सक्सेना, दिनेश मेहरोत्रा, अशोक गुप्ता के अलावा केपी सैनी, रविंद्र तोमर, राकेश शर्मा, प्रतुल चौहान, संदीप धीमान, सैलजा जुयाल, राजीव सक्सेना, सतीश गुप्ता, शिवकुमार सिंघल, भंवर सिंह, संजय शर्मा, अजय चौहान, एनसी जैन, ब्रजभूषण गुप्ता, फूल सिंह, श्याम सिंह सैनी और सतीश त्यागी का निधन कोरोना से हो चुका है।

छह फाइलें भेजी गई हैं
बीते वर्ष सात अधिवक्ताओं का कोरोना से निधन हुआ था। बार एसोसिएशन की तरफ से उनमें से छह फाइलें पांच पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के लिए बार काउंसिल ऑफ यूपी और अधिवक्ता कल्याण न्यासी समिति को भेजी गई हैं। दूसरी लहर में अधिकांश मौतें अप्रैल और मई में हुई हैं। कचहरी बंद होने के कारण एसोसिएशन के पदाधिकारी भी घर हैं, जिस कारण अन्य मृतकों की फाइल नहीं भेज पा रहे हैं।
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