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Saharanpur News: 138 साल पुराने घंटे की आवाज से फिर गूंजेगा राजकीय इंटर कॉलेज, प्रधानाचार्य ने कही ये बात

Fri, 23 Dec 2022 12:29 PM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Fri, 23 Dec 2022 12:29 PM IST
सार

Saharanpur News : 138 साल पुराने घंटे की आवाज से राजकीय इंटर कॉलेज का परिसर फिर से गूंजेगा। वहीं प्रधानाचार्य ने इसे लेकर यह बड़ी बात कही है।

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Government Inter College will operate from 138 years old hours
राजकीय इंटर कॉलेज में पुरानी स्कूल की बिल्डिंग से उतार कर नयी इमारत पर घंटे को लगाता कर्मी - फोटो : SAHARANPUR

विस्तार

सहारनपुर में राजकीय इंटर कॉलेज का परिसर 138 साल पुराने घंटे की आवाज से फिर गूंजेगा। प्रार्थना सभा, सभी पीरिएड, इंटरवल और छुट्टी आदि का संचालन घंटे के संकेतों के साथ किया जाएगा। यह घंटा करीब चार दशक से विद्यालय के पुराने और जर्जर भवन के ऊपर स्टैंड पर लगा था। अब उक्त घंटे को नए भवन में सबसे ऊपर स्थापित कराया जा रहा है।

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नेहरू मार्केट स्थित राजकीय इंटर कॉलेज 1884 से स्थापित है। शुरुआत में यहां प्रवेश द्वार के ठीक सामने बने भवन के ऊपर पीतल का बड़ा घंटा लगाया गया था, जिसमें चेन बंधी होती थी। प्रत्येक पीरियड के बाद, इंटरवल और छुट्टी में कर्मचारी चेन खींचकर उक्त घंटे को बजाते थे। करीब 100 साल तक घंटा काम में लाया जाता रहा, लेकिन समय बदलने के बाद यहां अन्य कॉलेजों की तरह पीतल का गोल टुकड़ा घंटी के तौर पर इस्तेमाल किया जाने लगा, जिसको लकड़ी के हथौड़े से बजाया जाता है।
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बताया गया कि नया घंटा आने के बाद पुराना घंटा भवन के ऊपर स्टैंड में लटका रह गया। करीब चार दशक में कई प्रधानाचार्य आए और चले गए, जिनमें से ज्यादातर की इस घंटे पर नजर तक नहीं पड़ी। बीते दिनों मौजूदा प्रधानाचार्य हर्षदेव स्वामी पुराने भवन को देख रहे थे। उन्होंने देखा कि छत पर पुराना घंटा लटका हुआ है। उन्होंने उक्त घंटे को दोबारा इस्तेमाल में लाने का निर्णय लिया। उनके ही प्रयास से उक्त घंटे को अब नए भवन के ऊपर स्थापित किया जा रहा है। अब फिर से इस घंटे को इस्तेमाल में लाया जाएगा।
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विरासत को बचाने का प्रयास : प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य हर्षदेव स्वामी का कहना है कि उक्त घंटा अंग्रेजों के समय का है। न जाने कितने प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और हजारों विद्यार्थियों ने उक्त घंटे की आवाज के साथ अपनी दिनचर्या को चलाया होगा। उनका मानना है कि यह पूर्वजों द्वारा छोड़ी गई विरासत है, जिसको संभालने और पुन: इस्तेमाल में लाने की जरूरत है। इसीलिए घंटे को पुन: स्थापित कराया गया है।

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राजकीय इंटर कॉलेज ने 138 साल पुराने घंटे को संभालकर रखा यह अच्छी बात है। इससे भी अच्छी बात यह है कि विद्यालय इस घंटे को फिर से इस्तेमाल में ला रहा है। यह अच्छा प्रयास है, जिससे घंटे को और लंबे समय तक संभालकर रखा जा सकेगा। - रवि दत्त, जिला विद्यालय निरीक्षक

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