फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Getting money in the name of agreement is forbidden

समझौते के नाम पर धनराशि लेना हराम

Thu, 27 Feb 2020 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2020 11:36 PM IST
विज्ञापन
Getting money in the name of agreement is forbidden
नक्खासा बाजार स्थित कार्यालय पर पत्रकारो से वार्ता करते दि इस्लामिक फाउंडेशन इंडिया के पदाधिका? - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जिले में दंगे के छह साल बाद गुरुद्वारा निर्माण प्रकरण में दो पक्षों के बीच हुई सुलह के मामले में बृहस्पतिवार को दि इस्लामिक फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद अली और अन्य सदस्यों ने कहा कि अमन की राह में यह कदम सराहनीय है, लेकिन इस समझौते के नाम पर मोहर्रम अली पप्पू ने धनराशि लेकर पूरे मुस्लिम समाज को कलंकित किया है। उसे कोई राशि नहीं लेनी चाहिए थी। समाज के लोग अब यह राशि गुरुद्वारा सिंह सभा को वापस कराएंगे। पूरे मामले में जांच की मांग उठाई है।
विज्ञापन

चौकी सराय स्थित कार्यालय में पत्रकार वार्ता में एडवोकेट मोहम्मद अली ने कहा कि वह भी मस्जिद के पैरोकार रहे हैं। दंगे के बाद मुकदमों में फंसे मोहर्रम अली की समाज के लोगों ने काफी मदद की है। इस विवाद का समाधान तो पूरा समाज चाहता था। इसमें सुलह होना भी गलत नहीं है, लेकिन समाज के लोगों को साथ नहीं लिया गया। धर्म के मामले में ऐसा लेनदेन करना हराम है। इसलिए जो राशि गुरु सिंह सभा से ली गई है, उसे वापस करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निजी संपत्ति का मामला नहीं था। इसलिए परदे के पीछे डील की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पप्पू को माफी मांगनी चाहिए। फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष हाजी जलालुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि मुस्लिम समाज सभी धर्म स्थलों का सम्मान करता है। इसलिए सिख समाज के लोग गुरुद्वारे का निर्माण करें, इस पर कोई ऐतराज नहीं हैं। वैसे भी सिख समाज के साथ हमेशा भाईचारा रहा है। उन्होंने कहा कि यह समझौता बिना लेनदेन और पूरे दिल से होना चाहिए था। इसलिए सुलह के नाम पर ली गई राशि को तुरंत वापस कराया जाए ताकि मुस्लिम समाज की बदनामी न हो। इस दौरान एएस सहारनपुरी, राहिल, सरफराज सहित अन्य भी मौजूद रहे।
विज्ञापन

निजी स्वार्थ में कुछ लोग लगा रहे आरोप
- इस मामले में मोहर्रम अली पप्पू का कहना है कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के कारण ऐसे आरोप लगा रहे हैं। आपसी अमन और भाईचारा कायम करने की नीयत से यह समझौता किया गया। प्रशासनिक अफसरों और गुरु सिंह सभा के भी प्रयास इसमें शामिल रहे। जमीन के बैनामे के नाम पर राशि को किसी डील का नाम देना गलत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed