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Saharanpur News: किसान को दिया खराब बीज, आयोग ने अधिकारी पर लगाया जुर्माना
Wed, 19 Nov 2025 11:54 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 19 Nov 2025 11:54 PM IST
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सहारनपुर। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने जिला कृषि अधिकारी पर जुर्माना लगाया है। तीन अलग-अलग मामलों में वादियों ने उड़द का खराब बीज के कारण हुए नुकसान के लिए वाद दायर किया था। सुनवाई के बाद आयोग ने कुल 33,930 रुपये का जुर्माना लगाया है।
वादी अनिल कुमार निवासी दीवालहेड़ी ने दायर अपील में बताया था कि उन्होंने 13 अगस्त 2014 को उड़द का बीज वेरायटी आजाद-2 राजकीय कृषि निवेश भंडार देवबंद से तीन किलोग्राम खरीदा था।
इसके बाद उसी तारीख को राजकीय कृषि निवेश भंडार देवबंद से एनएपएसएम के तहत दलहन घटक योजना के अंतर्गत उर्द, कलस्टर प्रदर्शन के लिए छह किलो बीज व 250 मिलीलीटर डाईक्लोरोवॉश निशुल्क प्राप्त किया।
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वादी ने बीच को अपने खेत में बोया। कुछ समय बाद फसल पीली हो गई। फसल की गुड़ाई, दवाई आदि पर 20 हजार रुपये खर्च हुआ, लेकिन उसे कोई फसल प्राप्त नहीं हुई।
जानकारी पर उसे पता चला कि जो बीज उसने खरीदा था वह पीला मोजक बीमारी से ग्रस्त था। वादी ने कहा कि इसके चलते उसे एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उसे जान बूझकर गलत बीज देकर सेवा में कमी की गई है।
आयोग के अध्यक्ष सतीश कुमार, सदस्य नूतन शर्मा, राजीव ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला कृषि अधिकारी के ऊपर 11,310 रुपये सात प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज की दर से अदा करने के आदेश दिए हैं।
इसके साथ ही वादी को 20 हजार रुपये मानसिक कष्ट व वाद व्यय के रूप पांच हजार रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने इसी तरह के दो अन्य मामलों में वादी सेवाराम और गजराज में भी जिला कृषि अधिकारी को जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं।
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वादी अनिल कुमार निवासी दीवालहेड़ी ने दायर अपील में बताया था कि उन्होंने 13 अगस्त 2014 को उड़द का बीज वेरायटी आजाद-2 राजकीय कृषि निवेश भंडार देवबंद से तीन किलोग्राम खरीदा था।
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इसके बाद उसी तारीख को राजकीय कृषि निवेश भंडार देवबंद से एनएपएसएम के तहत दलहन घटक योजना के अंतर्गत उर्द, कलस्टर प्रदर्शन के लिए छह किलो बीज व 250 मिलीलीटर डाईक्लोरोवॉश निशुल्क प्राप्त किया।
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वादी ने बीच को अपने खेत में बोया। कुछ समय बाद फसल पीली हो गई। फसल की गुड़ाई, दवाई आदि पर 20 हजार रुपये खर्च हुआ, लेकिन उसे कोई फसल प्राप्त नहीं हुई।
जानकारी पर उसे पता चला कि जो बीज उसने खरीदा था वह पीला मोजक बीमारी से ग्रस्त था। वादी ने कहा कि इसके चलते उसे एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उसे जान बूझकर गलत बीज देकर सेवा में कमी की गई है।
आयोग के अध्यक्ष सतीश कुमार, सदस्य नूतन शर्मा, राजीव ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला कृषि अधिकारी के ऊपर 11,310 रुपये सात प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज की दर से अदा करने के आदेश दिए हैं।
इसके साथ ही वादी को 20 हजार रुपये मानसिक कष्ट व वाद व्यय के रूप पांच हजार रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने इसी तरह के दो अन्य मामलों में वादी सेवाराम और गजराज में भी जिला कृषि अधिकारी को जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं।