{"_id":"69221184da53d733350a2183","slug":"gaushala-receives-gmp-certificate-for-manufacturing-various-products-saharanpur-news-c-30-1-smrt1053-163474-2025-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: विभिन्न उत्पाद तैयार करने के लिए गोशाला को मिला जीएमपी सर्टिफिकेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: विभिन्न उत्पाद तैयार करने के लिए गोशाला को मिला जीएमपी सर्टिफिकेट
Sun, 23 Nov 2025 01:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 23 Nov 2025 01:09 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। नगर निगम द्वारा संचालित मां शाकंभरी कान्हा उपवन गोशाला को गुड्स मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज सर्टिफिकेट मिला है। यह सर्टिफिकेट गोशाला द्वारा तैयार किए जा रहे 26 उत्पादों को लेकर मिला है।
गोशाला प्रभारी व नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने महापौर डॉ. अजय कुमार को सर्टिफिकेट सौंपते हुए बताया कि यह सर्टिफिकेट पैरामाउंट क्वालिटी सर्टिफिकेशन दिल्ली द्वारा जारी किया गया है। जो गोशाला में निर्मित गुणवत्तापूर्ण उत्पादों तथा बेहतर प्रबंधन के लिए दिया गया है।
गोशाला को पूर्व में भी आईएसओ प्रमाणन, आईबीआर एचीवर अवार्ड एवं सर्वाधिक गो-उत्पाद निर्मित करने के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
डॉ. मिश्रा का दावा है कि इतने सर्टिफिकेट पाने वाली यह प्रदेश ही नहीं देश की पहली गोशाला बन गई है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि नगर आयुक्त शिपू गिरि के मार्गदर्शन में गोशाला में 26 से अधिक गो-उत्पाद निर्मित कर रही है। इनमें दूध, घी, छाछ के अलावा गोबर से प्राकृतिक पेंट, बच्चों के खिलौने, ओम, स्वास्तिक, धूपबत्ती, हवन स्टिक, उपले, गो-काष्ठ, प्राकृतिक गुलाल, पंचगव्य साबुन, वर्मी कंपोस्ट, दिए, गणेश-लक्ष्मी व शिव जी की प्रतिमा, गाय-बछड़े की मूर्ति, संभरानी कप, राखी, नेम प्लेट, तोरण द्वार, तिरंगा चेस्ट बैज, कमल का फूल तथा बायो गैस और गो मूत्र से गोअर्क व गोनाइल आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोशाला प्रभारी व नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने महापौर डॉ. अजय कुमार को सर्टिफिकेट सौंपते हुए बताया कि यह सर्टिफिकेट पैरामाउंट क्वालिटी सर्टिफिकेशन दिल्ली द्वारा जारी किया गया है। जो गोशाला में निर्मित गुणवत्तापूर्ण उत्पादों तथा बेहतर प्रबंधन के लिए दिया गया है।
विज्ञापन
गोशाला को पूर्व में भी आईएसओ प्रमाणन, आईबीआर एचीवर अवार्ड एवं सर्वाधिक गो-उत्पाद निर्मित करने के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
डॉ. मिश्रा का दावा है कि इतने सर्टिफिकेट पाने वाली यह प्रदेश ही नहीं देश की पहली गोशाला बन गई है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि नगर आयुक्त शिपू गिरि के मार्गदर्शन में गोशाला में 26 से अधिक गो-उत्पाद निर्मित कर रही है। इनमें दूध, घी, छाछ के अलावा गोबर से प्राकृतिक पेंट, बच्चों के खिलौने, ओम, स्वास्तिक, धूपबत्ती, हवन स्टिक, उपले, गो-काष्ठ, प्राकृतिक गुलाल, पंचगव्य साबुन, वर्मी कंपोस्ट, दिए, गणेश-लक्ष्मी व शिव जी की प्रतिमा, गाय-बछड़े की मूर्ति, संभरानी कप, राखी, नेम प्लेट, तोरण द्वार, तिरंगा चेस्ट बैज, कमल का फूल तथा बायो गैस और गो मूत्र से गोअर्क व गोनाइल आदि शामिल हैं।
विज्ञापन