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Saharanpur News: गैस किल्लतः- किसी ने कम की लेबर तो कइयों ने भट्ठी का किया इंतजाम

Mon, 16 Mar 2026 12:58 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 16 Mar 2026 12:58 AM IST
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gas news
सहारनपुर। गैस किल्लत के चलते लोगों का कारोबार भी प्रभावित होने लगा है। इसका सबसे अधिक असर खाने-पीने के कारोबार पर पड़ रहा है। महानगर से लेकर देहात में कई खाद्य प्रतिष्ठानों ने अपनी लेबर को तीन-चार दिन की छुट्टी दी है। कइयों ने लकड़ी और कोयले की भट्ठी का भी इंतजाम कर लिया है।
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गैस किल्लत के चलते आमजन से लेकर व्यापारी तक हलकान है। व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से खाने-पीने के कारोबारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर घरेलू गैस सिलिंडर से काम नहीं किया जा सकता, जबकि व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति शासन ने बंद की है। ऐसे में व्यापारी काफी परेशान है। इसके चलते कई प्रतिष्ठानों ने अपने लेबर में कमी की है। यदि किसी दुकान में चार कर्मी कार्य कर रहे थे तो दो कर्मियों को छुट्टी दे दी गई है। इसके साथ ही कई दुकानों ने अपने मेन्यू में भी कटौती की है। कारोबार को चलाने के लिए कई दुकान मालिकों ने कोयले और लकड़ी की भट्टियों का इंतजाम कर लिया है। कारोबारियों का कहना है कि दुकान को बंद रखने से अपने साथ ही लेबर पर भी मार पड़ेगी। सरकार को घरेलू के साथ ही व्ययासायिक सिलिंडरों के लिए भी निर्देश देने चाहिए। गैस किल्लत के चलते कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।
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- बोले व्यापारी

- व्यापारी प्रतीक अरोड़ा ने बताया कि कारोबार को चलता रखने के लिए लकड़ी और कोयले की भट्ठी का इंतजाम किया है। काम भी कम हुआ है। ऐसे में कुछ श्रमिकों को दो से तीन दिन की छुट्टी दी है।
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- व्यापारी रवि कुमार का कहना है कि गैस की किल्लत के चलते भट्टी बंद करनी पड़ रही है। चाट के साथ रसगुल्लों का काम बंद किया है। इसमें गैस अधिक लगती है। अब तो खस्ता चाट बनाई जा रही है।
- व्यापारी जितेंद्र मारवा ने बताया कि पहले एक चाय भी बनाकर ग्राहक को देते थे। अब ऐसा नहीं है। व्यवसायिक सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में परेशानी हो रही है।

- व्यापारी प्रमोद शर्मा ने बताया कि गैस सिलिंडर की किल्लत होने से समोसे बनाने के लिए दो-दो कोयले की भट्टी चलानी पड़ रही है। एक भट्ठी पर आलू उबलते हैं तो दूसरी पर समोसे तलते हैं। इसमें समय और लागत ज्यादा आ रही है। बचत लगभग खत्म हो गई है।
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