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बीईओ और पटल बाबू की संलिप्तता की भी होगी जांच
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बीईओ और पटल बाबू की संलिप्तता की भी होगी जांच
सहारनपुर। एनपीआरसी स्तर के विद्यालयों में फर्नीचर खरीद घोटाले की जांच बेसिक शिक्षा अधिकारी कर रहे हैं। अधिकारी द्वारा संबंधित विद्यालयों के प्रधान अध्यापकों को तलब किए जाने के बाद शिक्षक संघ शिक्षकों के समर्थन में उतर आया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक विद्यालय शिक्षक संघ ने खरीद में संबंधित बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) और पटल बाबू का हाथ होने का आरोप लगाया है।
घोटाले के आरोपों की हकीकत जानने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को पुवांरका ब्लॉक के 12 विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया था, जिनमें फर्नीचर की गुणवत्ता सही नहीं पाई गई थी। संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को शुक्रवार 18 सितंबर की अपराह्न तीन बजे तक स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। मामले में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह पंवार अपने साथियों के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिले। संगठन ने आरोप लगाया कि फर्नीचर खरीद में प्रधानाध्यापकों की कोई हाथ नहीं है। इसमें पटल बाबू तथा पुवांरका, बलियाखेड़ी, नागल, देवबंद आदि में खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा दबाव बनाकर जनपद में एक ही फर्म से फर्नीचर खरीदा गया है। संदीप पंवार ने आरोप लगाया कि अब खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा संबंधित प्रधानाध्यापकों पर दबाव बनाया जा रहा है कि जांच में वह यही कहें कि फर्नीचर उन्हीं के द्वारा खरीदा गया है। संदीप पंवार ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों और पटल बाबू की संलिप्तता की जांच कराकर दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्घ कार्रवाई करने की मांग बीएसए से की है।
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बीएसए के समक्ष पहुंचे शिक्षक
बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश के बाद पुवांरका के सभी 12 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक स्पष्टीकरण लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। अधिकारी ने उन्हें फाइल बनाकर प्रस्तुत करने को कहा है।
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक विद्यालय शिक्षक संघ पदाधिकारियों का आरोप है कि फर्नीचर खरीद में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों और पटल बाबू संलिप्त रहे हैं। इसकी भी जांच करा रहे हैं। यदि उनकी संलिप्तता पाई जाती है तो कठोर कार्रवाई होगी। उधर, सभी 12 विद्यालयों के प्रधान अध्यापक स्पष्टीकरण लेकर पहुंचे थे, जिनसे फाइल बनाकर प्रस्तुत करने को कहा गया है।
रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।
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सहारनपुर। एनपीआरसी स्तर के विद्यालयों में फर्नीचर खरीद घोटाले की जांच बेसिक शिक्षा अधिकारी कर रहे हैं। अधिकारी द्वारा संबंधित विद्यालयों के प्रधान अध्यापकों को तलब किए जाने के बाद शिक्षक संघ शिक्षकों के समर्थन में उतर आया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक विद्यालय शिक्षक संघ ने खरीद में संबंधित बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) और पटल बाबू का हाथ होने का आरोप लगाया है।
घोटाले के आरोपों की हकीकत जानने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को पुवांरका ब्लॉक के 12 विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया था, जिनमें फर्नीचर की गुणवत्ता सही नहीं पाई गई थी। संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को शुक्रवार 18 सितंबर की अपराह्न तीन बजे तक स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। मामले में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह पंवार अपने साथियों के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिले। संगठन ने आरोप लगाया कि फर्नीचर खरीद में प्रधानाध्यापकों की कोई हाथ नहीं है। इसमें पटल बाबू तथा पुवांरका, बलियाखेड़ी, नागल, देवबंद आदि में खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा दबाव बनाकर जनपद में एक ही फर्म से फर्नीचर खरीदा गया है। संदीप पंवार ने आरोप लगाया कि अब खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा संबंधित प्रधानाध्यापकों पर दबाव बनाया जा रहा है कि जांच में वह यही कहें कि फर्नीचर उन्हीं के द्वारा खरीदा गया है। संदीप पंवार ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों और पटल बाबू की संलिप्तता की जांच कराकर दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्घ कार्रवाई करने की मांग बीएसए से की है।
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बीएसए के समक्ष पहुंचे शिक्षक
बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश के बाद पुवांरका के सभी 12 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक स्पष्टीकरण लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। अधिकारी ने उन्हें फाइल बनाकर प्रस्तुत करने को कहा है।
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक विद्यालय शिक्षक संघ पदाधिकारियों का आरोप है कि फर्नीचर खरीद में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों और पटल बाबू संलिप्त रहे हैं। इसकी भी जांच करा रहे हैं। यदि उनकी संलिप्तता पाई जाती है तो कठोर कार्रवाई होगी। उधर, सभी 12 विद्यालयों के प्रधान अध्यापक स्पष्टीकरण लेकर पहुंचे थे, जिनसे फाइल बनाकर प्रस्तुत करने को कहा गया है।
रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।