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Saharanpur News: फीस पूरी, सुरक्षा अधूरी...43 स्कूली वाहनों की फिटनेस खत्म
Wed, 01 Jul 2026 01:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 01 Jul 2026 01:14 AM IST
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सहारनपुर। एक जुलाई से शैक्षणिक सत्र शुरू होगा, लेकिन कई निजी स्कूल बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। करीब 43 स्कूल वाहन बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के सड़कों पर उतरने को तैयार हैं। संभागीय परिवहन विभाग की चेतावनी और नोटिस के बावजूद स्कूल प्रबंधन नियमों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
संभागीय परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 237 स्कूलों में 1019 वाहन हैं, जिनमें बस, वैन और अन्य स्कूली वाहन शामिल हैं। इनमें 43 स्कूली वाहन ऐसे हैं, जिनके फिटनेस प्रमाणपत्र समाप्त हो चुके हैं। नियमों के मुताबिक स्कूली वाहनों का समय-समय पर फिटनेस परीक्षण अनिवार्य है, ताकि तकनीकी खराबी या हादसे की आशंका को रोका जा सके। इसके बावजूद कई स्कूल प्रबंधन इस गंभीर जिम्मेदारी को हल्के में ले रहे हैं, जबकि वाहनों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्कूल संचालक बच्चों से परिवहन शुल्क लेते हैं। बुधवार से संभागीय परिवहन विभाग जांच अभियान शुरू करेगा।
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-- अधिकारियों ने स्कूलों में जाकर की थी वाहनों की जांच
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने करीब दो महीने पहले स्कूलों में जाकर वाहनों की जांच की थी। जिन वाहनों में कमियां मिली थीं, उन्हें नोटिस जारी कर फिटनेस समेत सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। कुछ स्कूलों ने प्रक्रिया पूरी कर ली, लेकिन अब भी वाहन नियमों के दायरे से बाहर हैं।
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परिवहन विभाग फिर से विशेष चेकिंग अभियान चलाने जा रहा है। इसमें यह देखा जाएगा कि जिन वाहनों में पहले कमियां मिली थीं, उन्हें ठीक कराया गया या नहीं। बिना फिटनेस वाहन चलता मिला तो कार्रवाई होगी।
- एमपी सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन
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संभागीय परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 237 स्कूलों में 1019 वाहन हैं, जिनमें बस, वैन और अन्य स्कूली वाहन शामिल हैं। इनमें 43 स्कूली वाहन ऐसे हैं, जिनके फिटनेस प्रमाणपत्र समाप्त हो चुके हैं। नियमों के मुताबिक स्कूली वाहनों का समय-समय पर फिटनेस परीक्षण अनिवार्य है, ताकि तकनीकी खराबी या हादसे की आशंका को रोका जा सके। इसके बावजूद कई स्कूल प्रबंधन इस गंभीर जिम्मेदारी को हल्के में ले रहे हैं, जबकि वाहनों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्कूल संचालक बच्चों से परिवहन शुल्क लेते हैं। बुधवार से संभागीय परिवहन विभाग जांच अभियान शुरू करेगा।
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परिवहन विभाग के अधिकारियों ने करीब दो महीने पहले स्कूलों में जाकर वाहनों की जांच की थी। जिन वाहनों में कमियां मिली थीं, उन्हें नोटिस जारी कर फिटनेस समेत सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। कुछ स्कूलों ने प्रक्रिया पूरी कर ली, लेकिन अब भी वाहन नियमों के दायरे से बाहर हैं।
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परिवहन विभाग फिर से विशेष चेकिंग अभियान चलाने जा रहा है। इसमें यह देखा जाएगा कि जिन वाहनों में पहले कमियां मिली थीं, उन्हें ठीक कराया गया या नहीं। बिना फिटनेस वाहन चलता मिला तो कार्रवाई होगी।
- एमपी सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन