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वेब पेज पर होगा एसबीडी जिला अस्पताल का पूरा ब्योरा
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जिला अस्पताल में स्वस्थ्य विभाग की बैठक में भाग लेते चिकित्सक
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में कितने विभाग, कितने और किस रोग के चिकित्सक हैं तथा मरीजों के लिए क्या सुविधाएं हैं। यह सब जानकारी मोबाइल सेट या लैपटॉप पर एक क्लिक करते ही मिलेगी। मंगलवार को हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अस्पताल का वेब पेज बनाने का निर्णय लिया गया है।
मंगलवार को प्रमुख अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा की अध्यक्षता में उन्हीं के कार्यालय में हुई बैठक में चर्चा हुई कि तमाम सरकारी और गैर सरकारी विभाग अब डिजिटल हो रहे हैं। सभी की अपनी वेबसाइट या वेब पेज हैं, जहां उनसे संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। देश के बड़े चिकित्सकीय संस्थान जैसे एम्स आदि की भी अपनी वेबसाइट हैं। ऐसे में जिला अस्पताल का भी अपना वेब पेज हो, जिसके माध्यम से लोग कहीं भी रहते हुए अस्पताल के वेब पेज पर जाकर अस्पताल संबंधी तमाम जानकारी ले सकेंगे। वेब पेज पर एसबीडी जिला अस्पताल के सभी विभाग और उनमें उपलब्ध सुविधाएं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, जांच सुविधा, बेड की स्थिति, चिकित्सा अधिकारी आदि से संबंधित तमाम जानकारी होंगी। समिति सदस्यों ने वेब पेज बनाने पर सहमति जताई। बैठक में जितेंद्र कुमार, मौलवी फरीद, मोहम्मद आलम, डॉ. एके चौधरी, डॉ. केवी सिंह, वरिष्ठ सहायक देव कुमार, जिला अस्पताल के प्रबंधक विक्रांत तिवारी, शशि कुमार सैनी आदि मौजूद रहे।
एक मरीज के साथ रहेगा एक तीमारदार
रोगी कल्याण समिति ने एसबीडी जिला अस्पताल में उमड़ने वाली तीमारदारों की भीड़ को कम करने के लिए एक मरीज-एक तीमारदार की नीति लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए एंट्री पास की व्यवस्था लागू की जाएगी। भर्ती होने वाले मरीज के एक तीमारदार को, जिसे मरीज चाहेगा पास दिया जाएगा। वह पास तीमारदार के गले में रहेगा। जिसके पास एंट्री पास होगा वार्ड के भीतर मरीज की देखरेख में वही तीमारदार रह सकेगा।
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रोगी कल्याण समिति की बैठक में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पहला यह कि जिला अस्पताल का वेब पेज बनाया जाएगा, जिससे कोई व्यक्ति कहीं से भी अपने मोबाइल या लैपटॉप के जरिए अस्पताल की तमाम जानकारी प्राप्त कर सकेगा। दूसरा निर्णय अस्पताल में उमड़ने वाली बेवजह की भीड़ को कम करना है। इसके लिए एक मरीज-एक तीमारदार की नीति लागू होगी।
डॉ. रमेश चंद्र, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल।
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मंगलवार को प्रमुख अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा की अध्यक्षता में उन्हीं के कार्यालय में हुई बैठक में चर्चा हुई कि तमाम सरकारी और गैर सरकारी विभाग अब डिजिटल हो रहे हैं। सभी की अपनी वेबसाइट या वेब पेज हैं, जहां उनसे संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। देश के बड़े चिकित्सकीय संस्थान जैसे एम्स आदि की भी अपनी वेबसाइट हैं। ऐसे में जिला अस्पताल का भी अपना वेब पेज हो, जिसके माध्यम से लोग कहीं भी रहते हुए अस्पताल के वेब पेज पर जाकर अस्पताल संबंधी तमाम जानकारी ले सकेंगे। वेब पेज पर एसबीडी जिला अस्पताल के सभी विभाग और उनमें उपलब्ध सुविधाएं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, जांच सुविधा, बेड की स्थिति, चिकित्सा अधिकारी आदि से संबंधित तमाम जानकारी होंगी। समिति सदस्यों ने वेब पेज बनाने पर सहमति जताई। बैठक में जितेंद्र कुमार, मौलवी फरीद, मोहम्मद आलम, डॉ. एके चौधरी, डॉ. केवी सिंह, वरिष्ठ सहायक देव कुमार, जिला अस्पताल के प्रबंधक विक्रांत तिवारी, शशि कुमार सैनी आदि मौजूद रहे।
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एक मरीज के साथ रहेगा एक तीमारदार
रोगी कल्याण समिति ने एसबीडी जिला अस्पताल में उमड़ने वाली तीमारदारों की भीड़ को कम करने के लिए एक मरीज-एक तीमारदार की नीति लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए एंट्री पास की व्यवस्था लागू की जाएगी। भर्ती होने वाले मरीज के एक तीमारदार को, जिसे मरीज चाहेगा पास दिया जाएगा। वह पास तीमारदार के गले में रहेगा। जिसके पास एंट्री पास होगा वार्ड के भीतर मरीज की देखरेख में वही तीमारदार रह सकेगा।
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रोगी कल्याण समिति की बैठक में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पहला यह कि जिला अस्पताल का वेब पेज बनाया जाएगा, जिससे कोई व्यक्ति कहीं से भी अपने मोबाइल या लैपटॉप के जरिए अस्पताल की तमाम जानकारी प्राप्त कर सकेगा। दूसरा निर्णय अस्पताल में उमड़ने वाली बेवजह की भीड़ को कम करना है। इसके लिए एक मरीज-एक तीमारदार की नीति लागू होगी।
डॉ. रमेश चंद्र, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल।