फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Friendship is such that people give example

सलामत रहे दोस्ताना हमारा

Sat, 01 Aug 2020 11:18 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2020 11:18 PM IST
विज्ञापन
Friendship is such that people give example
वरिष्ठ अधिवक्ता गय्यूर आलम और अखिलेश कुमार अग्रवाल - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। दोस्ती के किस्से फिल्मों में बहुत सुने होंगे, लेकिन रुपहले पर्दे से इतर समाज में भी ऐसे बहुत से लोग हैं जो दोस्ती को अपने रिश्तेदार से ज्यादा अहमियत देते हैं। दोस्त के साथ सुख, दुख में शामिल होते हैं। त्योहार पर खुशियां बांटते हैं तो, कोई गम आने पर दुखी होते हैं। ऐसे लोगों की दोस्ती की लोग मिसाल देते हैं।
विज्ञापन

ऐसे ही एक दोस्ती है सहारनपुर के आवास विकास में रहने वाले एडवोकेट अखिलेश कुमार अग्रवाल और मोहल्ला काजी में रहने वाले एडवोकेट गय्यूर आलम की। एडवोकेट अखिलेश अग्रवाल बताते हैं कि उनकी दोस्ती 40 साल पुरानी है। 1976 में जब उन्होंने वकालत शुरू की तब एडवोकेट गय्यूर आलम से मुलाकात हुई थी और मुलाकात दोस्ती में बदल गई थी। गय्यूर आलम उनसे कई साल पहले से वकालत कर रहे थे। अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि जितनी भी पारिवारिक समस्याएं हैं, उनमें मैं गय्यूर आलम से मशविरा करता हूं। वकालत में जितनी परेशानियां हैं, उनका समाधान बिना किसी हिचक के सहयोग करते हैं। त्योहार पर एक दूसरे के घर जाते हैं। पिछले लंबे समय से कोई ईद नहीं आई, जब हम उनके घर नहीं गया या दीवाली पर वह हमारे घर नहीं आए। पारंपरिक रूप से मिठाई भेजना जारी रहता है। कोरोना काल में मुलाकात नहीं हो पा रही है, मगर ऐसा कोई दिन नहीं बीतता जब उन दोनों की फोन पर बात न हो। फोन पर बातचीत भी आधे से पौन घंटे तक चलती है।
विज्ञापन

राव शाहिद और भारती ढींगड़ा की दोस्ती भी कमाल
छुटमलपुर। कस्बा छुटमलपुर में हरिजन कालोनी निवासी राव शाहिद अली और पंजाबी कालोनी निवासी भारती ढींगड़ा की दोस्ती बचपन से चली आ रही है। 1990 में वह दोनों कक्षा 9 में साथ पढ़ते थे, तभी से दोस्त हैं। भारती ढींगडा परचून व्यापारी हैं, जबकि राव शाहिद आटोमोबाइल कारोबारी हैं। नियमित रूप से बातचीत होती है। सप्ताह में मुलाकात जरूर होती है। त्योहार पर एक दूसरे के घर आना जाना है। बीते 30 साल से दोस्ती का सिलसिला चला आ रहा है। भारती ढींगड़ा बताते हैं कि कई साल पूर्व जब वह सहारनपुर से लौट रहे थे तो रास्ते में हादसा हो गया और वह गंभीर घायल हो गए। उन्होंने परिवार के लोगों को कॉल करने के बजाय सबसे पहले अपने दोस्त राव शाहिद को कॉल की। इसके बाद राव शाहिद अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और उनको अस्पताल पहुंचवाया। इसी तरह शाहिद बताते हैं कि उन्हें कोई दिक्कत या कोई सलाह लेनी हुई तो उसके बारे में भारती से मशविरा जरूर होता है। रिश्तेदारों से ज्यादा दोस्ती को अहमियत देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

दुआ मांगते हैं, सलामत रहे यह दोस्ती
रामपुर मनिहारान। दोस्ती हो तो ऐसी जिस पर जमाना नाज करे, ऐसी ही जोड़ी है रामपुर मनिहारान निवासी शकील और काजिम की। बचपन से लेकर जवानी और बुढ़ापे तक उनकी दोस्ती कस्बे के लिए ही नहीं आसपास क्षेत्र में एक नजीर बनी हुई है। मोहम्मद काजिम अहमद 70 वर्ष की उम्र को पार कर चुके है वह आज भी एक प्राइवेट मदरसे में टीचर है। जबकि शकील अहमद 65 वर्ष के हो चुके हैं। इस उम्र में भी साइबर कैफे चला रहे है। दोनों की दोस्ती 55 वर्ष से है। दोनों एक दूसरे के सुख-दुख के साथी है। खुशी हो या गम, दोनों साझा करते हैं। काजिम और शकील का कहना है वह अल्लाह से यही दुआ करते हैं कि जीते जी उनकी दोस्ती को सलामत रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed