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प्रवक्ताओं के चार पद रिक्त, सेल्फ स्टडी से काम चला रही छात्राएं

Thu, 07 Jul 2022 11:18 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jul 2022 11:18 PM IST
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Four posts of spokespersons are vacant, students working through self study
छात्रा राखी - फोटो : SAHARANPUR
नागल (सहारनपुर)। गांव कोटा में करोड़ों रुपये की लागत से बना राजकीय महिला महाविद्यालय अपनी बदहाली के चलते जन अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर रहा है। प्रवक्ताओं के कुल नौ पदों में चार रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में छात्राओं को सेल्फ स्टडी से ही काम चलाना पड़ रहा है।
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वर्ष 2005 में महाविद्यालय की इमारत के लिए तत्कालीन उच्च शिक्षा राज्य मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने शिलान्यास किया था। एक करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से बनी इमारत को अगस्त 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने लोकार्पण किया था। जब महाविद्यालय में शिक्षण शुरू हुआ तो क्षेत्र की छात्राओं में आशा जगी कि महाविद्यालय का लाभ उन्हें मिलेगा, लेकिन महाविद्यालय अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा। महाविद्यालय में केवल बीए पाठ्यक्रम है। इसमें भी अंग्रेजी विषय नहीं है। यहां कुल 180 सीटें हैं। गत वर्ष 118 छात्राओं ने प्रवेश लिया था। महाविद्यालय में प्राचार्या के साथ ही समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, हिंदी, संस्कृत के प्रोफेसरों और प्रधान लिपिक तथा कई सफाईकर्मी के पद भी रिक्त पड़े हैं।
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पाठ्यक्रम बढ़वाने में रुचि नहीं ले रहे जनप्रतिनिधि
कोटा निवासी अमरीश कुमार अग्रवाल ने बताया कि जगदीश प्रसाद इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति के अध्यक्ष रहते उनके कॉलेज ने महाविद्यालय निर्माण को एक हेक्टेयर जमीन दान में दी थी। वह लगातार जनप्रतिनिधियों को महाविद्यालय में पाठ्यक्रम बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र दे रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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नहीं मिला महाविद्यालय का लाभ
गांव कोटा निवासी मनीष अग्रवाल का कहना है कि प्रोफेसरों की कमी और केवल बीए पाठ्यक्रम होने के कारण क्षेत्र का अकेला महिला महाविद्यालय उच्च शिक्षा की इच्छुक छात्राओं को कोई खास लाभ नहीं पहुंचा पा रहा है। छात्राओं को निजी कॉलेजों का रुख करना पड़ता है।
बीएससी के लिए लेना पड़ेगा निजी कॉलेज में प्रवेश
छात्रा राखी ने बताया कि वह बीएसएसी करना चाहती हैं, लेकिन क्षेत्र के एकमात्र राजकीय महिला महाविद्यालय में विज्ञान विषयों की पढ़ाई नहीं होती है। ऐसे में उसे मजबूरी में प्राइवेट कॉलेज का रुख करना पड़ेगा।
सुरक्षित नहीं है महाविद्यालय का रास्ता
छात्रा अवनि त्यागी ने बताया कि कोटा स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में अंग्रेजी विषय नहीं है। महाविद्यालय जाने का रास्ता भी जंगल के बीच से होकर गुजरता है जो सुरक्षित नहीं है।
महाविद्यालय की बदहाली को सदन में उठाएंगे
सहारनपुर देहात के विधायक आशु मलिक का कहना है कि महाविद्यालय की स्थिति के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है, लेकिन वह मामले पर संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे। साथ ही इसकी बदहाली के मुद्दे को सदन में भी उठाने का काम करेंगे।

डीएम को कराया अवगत, जल्द होगा समाधान
सहारनपुर देहात से पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता जगपाल सिंह का कहना है की महाविद्यालय की बदहाली का मुद्दा उनके संज्ञान में है। उन्होंने जिलाधिकारी से मिलकर यहां की अव्यवस्थाओं से उन्हें अवगत कराया है। जल्द ही समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।

अवनि त्यागी

अवनि त्यागी- फोटो : SAHARANPUR

अमरीश कुमार अग्रवाल

अमरीश कुमार अग्रवाल- फोटो : SAHARANPUR

मनीष अग्रवाल

मनीष अग्रवाल- फोटो : SAHARANPUR

आशु मलिक

आशु मलिक- फोटो : SAHARANPUR

राजकीय महिला महाविद्यालय कोटा की इमारत

राजकीय महिला महाविद्यालय कोटा की इमारत- फोटो : SAHARANPUR

महाविद्यालय परिसर में खड़ी घास

महाविद्यालय परिसर में खड़ी घास- फोटो : SAHARANPUR

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